US-Iran War: ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अपनी सैन्य ताकत दिखाना शुरू कर दिया है। अपने बंदरगाहों पर अमेरिकी सैन्य नाकेबंदी के बीच ईरान ने आज एक जहाज पर गोलीबारी की, जिससे उसके ब्रिज को नुकसान पहुंचा। यह हमला ईरान से आठ नॉटिकल मील (15 किलोमीटर) पश्चिम में हुआ। जहाज पर 30 मिनट तक गोलीबारी होती रही। जहाज पर सवार सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति एक नए संघर्ष विराम की घोषणा कर चुके हैं। इसके जवाब में ईरान ने कहा कि उसे राष्ट्रपति ट्रंप के शब्दों पर जरा भी भरोसा नहीं है।
अल जजीरा और NBC न्यूज की रिपोर्टों के अनुसार, एक मालवाहक जहाज 'यूफोरिया' ओमान से 15 नॉटिकल मील (28 किलोमीटर) उत्तर-पूर्व में गोलीबारी की चपेट में आ गया। इस जहाज में पनामा के झंडे लगे हैं। हमले में जहाज के ब्रिज को भारी नुकसान पहुंचा। यह जहाज UAE स्थित एक कंपनी के स्वामित्व में है। इसे जलडमरूमध्य से गुजरकर सऊदी अरब के शहर जेद्दाह पहुंचना था। हमले के बाद कैप्टन ने जहाज को रोक दिया। जहाज का क्रू सुरक्षित है। आज सुबह खाड़ी क्षेत्र में गोलीबारी की चपेट में आने वाला यह दूसरा जहाज है। इस घटना से पहले ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने एक ग्रीक-स्वामित्व वाले जहाज पर गोलीबारी की थी।
इससे पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संघर्ष विराम को बढ़ाने की घोषणा की थी। इस पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने घोषणा की है कि ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी करना संघर्ष विराम का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि तेहरान जानता है कि इसका जवाब कैसे देना है। उन्होंने आगे कहा कि वे ट्रंप की किसी भी बात पर बिल्कुल भरोसा नहीं करते। एक ईरानी जहाज इस समय अमेरिका की हिरासत में है। ईरान ने कहा है कि अमेरिका को सबसे पहले इस जहाज को रिहा करके वापस करना होगा, तभी नई बातचीत पर विचार किया जा सकता है।
जहाज का ब्रिज मुख्य कमांड सेंटर या कंट्रोल रूम के तौर पर काम करता है। इसी जगह से कैप्टन और नेविगेशन अधिकारी जहाज के पूरे संचालन को संभालते हैं। यह आमतौर पर जहाज के सुपरस्ट्रक्चर (ऊपरी ढांचे) के सबसे ऊंचे हिस्से पर स्थित होता है, ताकि समुद्र और जहाज के आस-पास के माहौल को बिना किसी रुकावट के देखा जा सके। यहीं से जहाज की दिशा, गति और स्थिति को नियंत्रित किया जाता है। इसमें स्टीयरिंग व्हील (हेल्म), इंजन के कंट्रोल और संचार प्रणालियां होती हैं। आज के डिजिटल युग में ब्रिज में रडार, GPS, इको साउंडर, ऑटोपायलट और इलेक्ट्रॉनिक चार्ट डिस्प्ले जैसे उन्नत उपकरण लगे होते हैं। खराब मौसम की स्थिति में या भारी ट्रैफिक वाले समुद्री मार्गों में सुरक्षित नेविगेशन सुनिश्चित करने के लिए ब्रिज पर हर समय एक अधिकारी ड्यूटी पर तैनात रहता है। किसी आपात स्थिति के दौरान ब्रिज ही वह जगह होती है जहां से संकट के संकेत (डिस्ट्रेस सिग्नल) भेजे जाते हैं और चालक दल को निर्देश जारी किए जाते हैं।
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