भीलवाड़ाः शाहपुरा क्षेत्र के विजयपुर में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के प्रथम दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। अरावली पर्वतमाला की सुरम्य वादियों के बीच नृसिंहद्वारा के समीप स्थित एक कृषि फार्म पर शुक्रवार से शुरू हुए इस सात दिवसीय आयोजन में हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। पूरे क्षेत्र में भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल छाया रहा।
कथामर्मज्ञ संत दिग्विजय राम ने अपने ओजस्वी प्रवचनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में मनुष्य मोह-माया में उलझकर अपने जीवन के वास्तविक उद्देश्य से भटक रहा है, जबकि सच्चे मन से परमात्मा का स्मरण ही उसे सच्चे आनंद की अनुभूति कराता है। उन्होंने श्रीमद्भागवत कथा को परमात्मा के मुखारविंद से निकला सर्वोत्तम ग्रंथ बताते हुए कहा कि इसके श्रवण मात्र से ही प्राणी का कल्याण संभव है।
अपने प्रवचनों में संत ने यह भी कहा कि जिस स्थान पर भागवत कथा का आयोजन होता है, वहां गंगा मैया स्वयं प्रकट होकर जीवों का उद्धार करती हैं। उन्होंने जीवन को सफल बनाने के लिए भक्ति मार्ग अपनाने, सांसारिक भोग-विलास से दूरी बनाने और प्राणी मात्र के प्रति दया व सेवा भाव रखने का संदेश दिया। साथ ही भागवत माहात्म्य का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि यह कथा मनुष्य को जीवन और मृत्यु के सत्य को समझने की दिशा प्रदान करती है।
कथा के शुभारंभ से पूर्व विजयपुर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय रंग में रंग दिया। नृसिंहद्वारा से शुरू हुई यह शोभायात्रा वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ मुख्य मार्गों से होते हुए कथा स्थल तक पहुंची। यात्रा में सजी-धजी महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगलगीत गाते हुए चल रही थीं, जबकि बैंड-बाजों की मधुर धुनों ने माहौल को और अधिक उत्साहपूर्ण बना दिया। विभिन्न गांवों से आई प्रभात फेरियों का संगम इस यात्रा की विशेष आकर्षण रहा।
मूंदड़ा परिवार द्वारा आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। पेयजल, सुरक्षा, आवास और विद्युत रोशनी के विशेष प्रबंध किए गए हैं। आयोजन समिति के बंशी लाल मूंदड़ा और दामोदर मूंदड़ा ने जानकारी दी कि कथा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित होगी और इसका समापन 7 मई को होगा।
इस अवसर पर जौहर स्मृति संस्थान के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह विजयपुर, प्रशासक श्यामलाल शर्मा सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। पहले ही दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज भी लोगों के मन में भक्ति की गहरी आस्था है, जिसे ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई ऊर्जा मिलती है।
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