लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक गड़बड़ियों और रिश्वतखोरी के खिलाफ सूबे के मुखिया की सख्ती का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की भ्रष्टाचार (Corruption) पर जीरो टॉलरेंस की नीति और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के कड़े रुख के बाद UP Anti Corruption Action की टीम पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। गुरुवार (21 मई 2026) को विजिलेंस और एंटी करप्शन ब्यूरो की अलग-अलग टीमों ने प्रदेश के तीन जिलों— बस्ती, गोंडा और आगरा में ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए रिश्वतखोर सरकारी अमले को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
पहला मामला जनपद बस्ती से सामने आया है। यहाँ कप्तानगंज थाना क्षेत्र के ग्राम बढ़या निवासी वर्मा विनय कुमार ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी कि आंगनवाड़ी सहायिका (Anganwadi Assistant) के पद पर नियुक्ति कराने के लिए उनसे मोटी रकम की मांग की जा रही है।
इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन की बस्ती इकाई के निरीक्षक उदय प्रताप सिंह यादव ने एक विशेष जाल बिछाया। टीम ने कप्तानगंज ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी (ADO) कार्यालय में तैनात सफाई कर्मचारी शिवमूरत को 25 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी शिवमूरत मूल रूप से नगर थाना क्षेत्र के पोखरा बाजार का रहने वाला है और वह नियमों को ताक पर रखकर दलाली कर रहा था।
दूसरा मामला देवीपाटन मंडल के बलरामपुर जिले से जुड़ा है, जहाँ कार्रवाई गोंडा इकाई की टीम ने की। बलरामपुर के जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में कार्यरत सुपरवाइजर शिवचरन लाल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement) यानी मेडिकल क्लेम के कागजातों की जांच कर उसे आगे बढ़ाने के एवज में रिश्वत मांगी जा रही है।
इसके बाद एंटी करप्शन गोंडा इकाई के इंस्पेक्टर धनंजय कुमार सिंह की टीम ने जाल बिछाया। मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) कार्यालय के ठीक सामने मुख्य गेट पर जैसे ही वरिष्ठ सहायक (Senior Assistant) मोहनलाल जायसवाल ने 5 हजार रुपये की घूस ली, टीम ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तार बाबू मूल रूप से गोरखपुर के चौरी चौरा का निवासी है।
तीसरी बड़ी कार्रवाई ताजनगरी आगरा में हुई। फतेहपुर सीकरी के तेहरा रावत निवासी पंकज पटेल ने शिकायत की थी कि पुश्तैनी जमीन की वरासत (Inheritance) में नाम दर्ज कराने के लिए उनसे पैसों की डिमांड की जा रही है।
मामले की सत्यता जांचने के बाद आगरा इकाई के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार के नेतृत्व में चकबंदी कार्यालय (Consolidation Office) में जाल बिछाया गया। यहाँ तैनात चपरासी राजेश कुमार को पीड़ित से 4 हजार रुपये की नगद घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी एत्मादपुर के भिकनपुर का रहने वाला है। इस त्रिकोणीय UP Anti Corruption Action से पूरे सूबे के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित थानों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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