जिला कारागार में संदिग्ध मौत: सुरक्षा पर उठे सवाल, न्यायिक जांच की मांग तेज

खबर सार :-
जिला जेल में संदिग्ध हालात में एक कैदी की मौत ने जेल प्रशासन के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की पहचान धनपतगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले नक्छेद कोरी (48) के रूप में हुई है।

जिला कारागार में संदिग्ध मौत: सुरक्षा पर उठे सवाल, न्यायिक जांच की मांग तेज
खबर विस्तार : -

सुल्तानपुरः जिले के जिला कारागार में निरुद्ध एक कैदी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की पहचान नक्छेद कोरी (48 वर्ष) के रूप में हुई है, जो थाना धनपतगंज क्षेत्र का निवासी था और 25 मार्च 2026 से जेल में बंद था।

शौचालय में लटका हुआ मिला शव

जानकारी के अनुसार, 6/7 अप्रैल की रात करीब 1:30 बजे कैदी का शव शौचालय में प्लास्टिक की रस्सी से लटका हुआ पाया गया। जेल जैसी उच्च सुरक्षा वाले परिसर में यह घटना सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की पोल खोल रही है। स्थानीय लोग और मानवाधिकार संगठनों ने इस घटना को गंभीर लापरवाही मानते हुए सवाल उठाए हैं कि आखिर इतनी कड़ी सुरक्षा के बीच कैदी को आत्महत्या जैसा कदम उठाने का मौका कैसे मिला।

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए बहुजन अधिकार सेना के राष्ट्रीय कमांडर विजय राणा चमार ने उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ आत्महत्या का मामला नहीं है, बल्कि गंभीर लापरवाही और मानवाधिकार हनन का प्रतीक है। उन्होंने जेल अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया और मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की।

संदिग्ध मौत बना चर्चा का विषय

साथ ही उन्होंने जेलों में सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी को और सुदृढ़ बनाने की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। उनके अनुसार, यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था में गंभीर खामी को उजागर करती है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाना जरूरी है।

जिला प्रशासन ने फिलहाल घटना की प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। इस संदिग्ध मौत की खबर ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना दिया है और लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है। सामाजिक संगठनों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने न्याय सुनिश्चित करने और कैदियों की सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करने की मांग की है।

स्थानीय मीडिया और नागरिक संगठनों का कहना है कि जेलों में नियमित निरीक्षण और निगरानी प्रणाली को मजबूत करना आवश्यक है ताकि इस तरह की त्रासद घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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