सोनभद्र: औद्योगिक क्षेत्र ओबरा और आसपास के इलाकों में बढ़ते वायु प्रदूषण और उड़ती धूल पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जनपद के जिला अधिकारी के निर्देश पर ओबरा नगर पंचायत प्रशासन ने सड़कों पर वॉटर स्प्रिंकलर मशीन उतार दी है, जिससे धूल और प्रदूषण को नियंत्रित करने का अभियान तेज हो गया है। प्रशासन की इस पहल से स्थानीय लोगों को काफी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
जिला प्रशासन द्वारा वायु प्रदूषण रोकने के लिए जारी निर्देशों का असर अब धरातल पर साफ दिखाई देने लगा है। ओबरा नगर पंचायत ने इन आदेशों का पालन करते हुए मुख्य सड़कों, चौराहों और अधिक धूल वाले संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी का छिड़काव शुरू कर दिया है। इससे हवा में उड़ने वाले धूल के कणों को नियंत्रित करने में मदद मिल रही है।
इस अभियान की जिम्मेदारी ओबरा नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अखिलेश सिंह ने स्वयं संभाली है। उनके नेतृत्व में नगर पंचायत की टीम आधुनिक वॉटर स्प्रिंकलर मशीन के माध्यम से लगातार छिड़काव कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी की जा रही है ताकि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मानकों का पूरी तरह पालन सुनिश्चित किया जा सके।
नगर पंचायत प्रशासन के अनुसार, ओबरा क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़कों पर धूल की समस्या लगातार बढ़ रही थी। इससे स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को सांस संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला अधिकारी ने प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
अधिशासी अधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि यह अभियान जनहित को ध्यान में रखकर चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पानी का नियमित छिड़काव करने से धूल नियंत्रण में मदद मिलेगी और लोगों को प्रदूषण से होने वाली बीमारियों से राहत मिल सकेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नगर पंचायत भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार चलाती रहेगी ताकि शहर का वातावरण स्वच्छ और सुरक्षित बना रहे।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया है। नागरिकों का कहना है कि लंबे समय से क्षेत्र में धूल और प्रदूषण की समस्या बनी हुई थी, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था। अब पानी के छिड़काव से सड़कों पर उड़ने वाली धूल कम हुई है और वातावरण में भी कुछ हद तक सुधार महसूस किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि यदि इसी तरह नियमित रूप से प्रदूषण नियंत्रण अभियान चलाया जाता रहा तो आने वाले समय में ओबरा क्षेत्र में वायु गुणवत्ता में सुधार देखा जा सकेगा।
यह भी पढ़ेंः-UPRVUNL अधिकारी एसोसिएशन की बड़ी मांग, स्थानांतरण नीति शून्य करने का प्रस्ताव
अन्य प्रमुख खबरें
2026-06-06
झांसी में अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई, 33 वाहनों पर कार्रवाई, दो खदान संचालकों को नोटिस
2026-06-06
जन-कल्याण और जन-जागरूकता अभियान को लेकर प्रशासन सक्रिय, 21 जून तक होंगे विभिन्न कार्यक्रम
2026-06-06
Pilibhit: आबकारी इंस्पेक्टर पर सेल्समैन से मारपीट का आरोप, वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप
2026-06-06
2026-06-06
पुरानी रंजिश में खूनी संघर्ष, धारदार हथियार से हमले में एक की मौत, एक गंभीर
2026-06-06
पश्चिम बंगाल में CAA के खिलाफ प्रदर्शनों के दौरान हिंसा के मामलों की होगी जांच, स्पेशल सेल गठित
2026-06-06
महोबा में एक ही परिवार से 11 दिन में तीन की मौत, बेटे का सदमे ने ले ली माता-पिता की जान
2026-06-06
2026-06-06
2026-06-06
दिल्ली: छज्जूपुर में संदिग्ध हालात में पिता-बेटे की मौत, फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत
2026-06-06
शराब सेवन के मामले में हिमाचल प्रदेश अव्वल, सर्वे में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े
2026-06-06
2026-06-06
2026-06-06
Kota Mahant Murder: कोटा के चंद्रेसल मठ में महंत देवानंद महाराज की चाकू से गोदकर हत्या
2026-06-06