श्रीगंगानगर में सफाई कर्मियों की हड़ताल से बिगड़े हालात, पूर्व विधायक राजकुमार गौड़ ने प्रशासन को चेताया

खबर सार :-
श्रीगंगानगर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से शहर में कचरे के ढेर लग गए हैं। पूर्व विधायक राजकुमार गौड़ ने जिला कलक्टर से बात कर बकाया भुगतान और समस्या के समाधान की मांग की है।

श्रीगंगानगर में सफाई कर्मियों की हड़ताल से बिगड़े हालात, पूर्व विधायक राजकुमार गौड़ ने प्रशासन को चेताया
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श्रीगंगानगर: सीमावर्ती शहर श्रीगंगानगर में पिछले कई दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल ने अब विकराल रूप ले लिया है। शहर की चरमराती सफाई व्यवस्था और सड़कों पर बढ़ते कचरे के ढेरों को लेकर पूर्व विधायक राजकुमार गौड़ ने गहरी चिंता व्यक्त की है। गौड़ ने न केवल आंदोलनकारी कर्मचारियों के बीच पहुँचकर उनकी पीड़ा सुनी, बल्कि प्रशासन को इस समस्या के त्वरित समाधान के लिए आड़े हाथों भी लिया।

 कर्मचारियों के बीच पहुंचे गौड़: जायज मांगों का किया समर्थन

हड़ताल स्थल पर सफाई कर्मचारियों को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक राजकुमार गौड़ ने कहा कि अपनी मेहनत का पारिश्रमिक मांगना कोई अपराध नहीं है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का भुगतान लंबे समय से बकाया है, जिसके कारण उनके घरों में आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। गौड़ ने स्पष्ट किया कि जब तक सफाई मित्रों को उनका हक नहीं मिलेगा, तब तक शहर को स्वच्छ रखना संभव नहीं है।

प्रशासनिक अधिकारियों से तीखी वार्ता और त्वरित समाधान की मांग

इस पूरे प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पूर्व विधायक राजकुमार गौड़ ने जिला कलक्टर, एडीएम प्रशासन और नगर परिषद आयुक्त से विस्तृत चर्चा की और प्रशासनिक ढुलमुल रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कहा कि बजट और भुगतान से जुड़ी तकनीकी खामियों का खामियाजा शहर की निर्दोष जनता और गरीब कर्मचारियों को क्यों भुगतना पड़ रहा है? गौड़ ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि सफाई कर्मचारियों का जितना भी बकाया भुगतान है, उसे बिना किसी देरी के तुरंत जारी किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हड़ताल खत्म करवाने के लिए कर्मचारियों को केवल मौखिक आश्वासन न देकर ठोस और लिखित आश्वासन दिया जाए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शहर की बदहाल हो चुकी कचरा संग्रहण व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए प्रशासन अब युद्ध स्तर पर कार्य शुरू करे, ताकि आमजन को गंदगी के नरक से मुक्ति मिल सके।

 शहर में कचरे के अंबार, बीमारियों का बढ़ा खतरा

गौड़ ने शहर की वर्तमान स्थिति को 'नारकीय' बताते हुए कहा कि मुख्य मार्गों से लेकर गली-मोहल्लों तक गंदगी का साम्राज्य है। पैदल चलना दूभर हो चुका है और सड़ती गंदगी की वजह से संक्रामक बीमारियों के फैलने का डर बना हुआ है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की है कि वे इस मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाएं और जल्द से जल्द समाधान निकालें ताकि आमजन को राहत मिल सके।

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