शाहपुरा से सोमनाथ के लिए रवाना हुई ‘वन्दे मातरम् यात्रा 2026’, शहीद प्रताप सिंह बारहठ को दी श्रद्धांजलि

खबर सार :-
शाहपुरा से शुरू हुई 'वंदे मातरम यात्रा' गुजरात जा रही है। इस समारोह में देशभर से हजारों राष्ट्रभक्तों और समाजजनों के शामिल होने की संभावना है। यात्रा के दौरान शहीद स्मारकों और तीर्थ स्थलों पर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

शाहपुरा से सोमनाथ के लिए रवाना हुई ‘वन्दे मातरम् यात्रा 2026’, शहीद प्रताप सिंह बारहठ को दी श्रद्धांजलि
खबर विस्तार : -

शाहपुरा की वीरभूमि शनिवार को राष्ट्रभक्ति, शौर्य और सनातन संस्कृति के रंग में रंग उठी। शहीद प्रताप सिंह बारहठ की 133वीं जयंती के अवसर पर आयोजित “शहीद वंदना समारोह” में भाग लेने के लिए शाहपुरा से सोमनाथ, गुजरात तक निकलने वाली “वन्दे मातरम् यात्रा 2026” को विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने भगवा झंडी दिखाकर रवाना किया।

कार्यक्रम के दौरान “भारत माता की जय”, “वन्दे मातरम” और “अमर शहीद प्रताप सिंह बारहठ अमर रहें” जैसे नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। यात्रा में शामिल युवाओं, महिलाओं और समाजजनों के हाथों में तिरंगा लहरा रहा था। इस अवसर पर विधायक डॉ. लालाराम बैरवा ने कहा कि यह यात्रा केवल शाहपुरा से सोमनाथ तक का सफर नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति और बलिदान की गौरवगाथा को जन-जन तक पहुंचाने का अभियान है।

उन्होंने कहा कि ठाकुर केसरी सिंह बारहठ, प्रताप सिंह बारहठ और जोरावर सिंह बारहठ की त्रिमूर्ति भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की अमिट पहचान है। उनके त्याग और राष्ट्रप्रेम की कहानियां नई पीढ़ी को सदैव प्रेरित करती रहेंगी। कार्यक्रम में भाजपा जिला मंत्री राजेंद्र बोहरा, नगर भाजपा अध्यक्ष पंकज सुगंधी और रमेश मारू सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

क्रांति तीर्थ शाहपुरा से प्रारंभ हुई यह यात्रा भीलवाड़ा, मेघटिया, ककरोली, नाथद्वारा, एकलिंगजी, उदयपुर और हिम्मतनगर होते हुए गुजरात पहुंचेगी। सात दिवसीय यात्रा के दौरान प्रतिदिन कार्यक्रम का शुभारंभ और समापन “वन्दे मातरम्” गान और शहीद वंदना के साथ किया जाएगा। यात्रा के दौरान शहीद स्मारकों और तीर्थ स्थलों पर श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।

प्रताप सेवा संस्थान के सचिव कैलाश सिंह जाड़ावत ने बताया कि यह यात्रा बारहठ परिवार के 700 वर्षों पुराने गौरवशाली इतिहास, धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा और स्वाभिमान की स्मृतियों को पुनर्जीवित करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि युवाओं तक बारहठ परिवार की त्याग और बलिदान की गाथाएं पहुंचाना समय की आवश्यकता है, ताकि उनमें राष्ट्र के प्रति समर्पण और संस्कृति के प्रति गर्व की भावना विकसित हो सके।

उन्होंने बताया कि इससे पहले राष्ट्र गौरव क्रांति रथ यात्रा 2012, मेवाड़ गौरव यात्रा 2018 और अमृत कलश यात्रा 2022 का आयोजन भी किया जा चुका है। इसी श्रृंखला में वर्ष 2026 में “वन्दे मातरम् यात्रा” निकाली जा रही है।

24 मई को गुजरात के खंभालिया में शहीद प्रताप सिंह बारहठ की जयंती पर भव्य “शहीद वंदना समारोह” आयोजित होगा। इस दौरान “केसरी सिंह बारहठ पुरस्कार”, “जोरावर सिंह बारहठ पराक्रम सम्मान”, “वीरमाता माणिक कंवर नारीशक्ति वंदन सम्मान” और “शहीद प्रताप सिंह बारहठ प्रताप गौरव युवा सम्मान” प्रदान किए जाएंगे। प्रत्येक सम्मान के तहत नकद राशि, स्मृति चिन्ह, मानपत्र, शॉल और माला देकर सम्मानित किया जाएगा।

समारोह में राजस्थान और गुजरात से कई समाजसेवी, इतिहासकार, पूर्व प्रशासनिक अधिकारी और बारहठ परिवार के सदस्य शामिल होंगे। शाहपुरा से निकली यह यात्रा अब राष्ट्रभक्ति की ज्योति लेकर गुजरात की ओर अग्रसर हो चुकी है, जो केवल एक आयोजन नहीं बल्कि राष्ट्र चेतना का महापर्व बन गई है।

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