Rampur Congress MGNREGA Protest : मनरेगा मजदूरों के हक में सीडीओ को सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी

खबर सार :-
Rampur Congress MGNREGA Protest : रामपुर में मनरेगा मजदूरों के बकाया भुगतान को लेकर कांग्रेस ने सीडीओ को ज्ञापन सौंपा। जिला अध्यक्ष निक्कू पंडित और संजय कपूर ने 1 सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

Rampur Congress MGNREGA Protest : मनरेगा मजदूरों के हक में सीडीओ को सौंपा ज्ञापन, दी आंदोलन की चेतावनी
खबर विस्तार : -

रामपुर: जनपद रामपुर में मनरेगा मजदूरों के बकाया भुगतान और ग्राम रोजगार सेवकों के लंबित मानदेय को लेकर सियासत गरमा गई है। जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी ने आज शासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्य विकास अधिकारी (CDO) को ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस नेताओं ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर मजदूरों और कर्मचारियों का पैसा नहीं मिला, तो जनपद में उग्र जन-आंदोलन किया जाएगा।

 75 दिनों से खाली हाथ हैं मनरेगा मजदूर: निक्कू पंडित

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निक्कू पंडित ने सरकार की नीतियों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि "सबका साथ, सबका विकास" का नारा देने वाली सरकार गरीबों के साथ अन्याय कर रही है। निक्कू पंडित के अनुसार, जिले सहित पूरे प्रदेश में मनरेगा मजदूरों को पिछले 75 दिनों से मजदूरी नहीं मिली है, जिससे उनके सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है।  उन्होंने जोर देकर कहा कि कानूनन 15 दिन के भीतर भुगतान होना अनिवार्य है, लेकिन ढाई महीने बीत जाने के बाद भी पैसा न देना सरकारी संवेदनहीनता का प्रमाण है। कांग्रेस ने मांग की है कि भुगतान में हुई देरी के लिए मजदूरों को 'विलंब मुआवजा' (Delay Compensation) भी दिया जाए।

 आठ महीने से मानदेय को तरस रहे रोजगार सेवक: संजय कपूर

पूर्व विधायक और वरिष्ठ नेता संजय कपूर ने ग्राम रोजगार सेवकों और संविदा कर्मियों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया का दावा करने वाली सरकार धरातल पर काम करने वाले अपने कर्मचारियों को भूल गई है। पिछले 8 महीनों से मानदेय न मिलने के कारण कर्मचारी आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। कपूर ने स्पष्ट किया कि यदि 7 दिनों के भीतर समाधान नहीं हुआ, तो रामपुर की सड़कों पर बड़ा विरोध प्रदर्शन होगा।

 ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर संकट: बाकर अली खां

शहर अध्यक्ष बाकर अली खां ने प्रशासनिक शिथिलता को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की बदहाली का मुख्य कारण बताया। ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी जमकर नारेबाजी की। इस दौरान नोमान मुमताज़ ख़ान, दुर्गेश मौर्य, भूरा खां, और राजू पाशा समेत दर्जनों पदाधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशासन को अल्टीमेटम: एक सप्ताह में समाधान न होने पर सड़कों पर उतरेगी कांग्रेस

ज्ञापन सौंपने के दौरान कांग्रेस ने अपनी मांगों को बेहद स्पष्ट और कड़े शब्दों में रखा है। पार्टी की मुख्य मांगों में मनरेगा मजदूरों के पिछले 75 दिनों के बकाया पारिश्रमिक को तत्काल रिलीज करना और भुगतान में हुई देरी के कारण नियमों के अनुसार उन्हें 'विलंब मुआवजा' प्रदान करना शामिल है। इसके साथ ही, पिछले 8 महीनों से बिना किसी मानदेय के काम कर रहे ग्राम रोजगार सेवकों और संविदा कर्मियों का वेतन भी अविलंब जारी करने की मांग की गई है।

इस जोरदार प्रदर्शन के दौरान जहांगीर ख़ान, सरदार गुरबाज़ सिंह सिंधु, सुखबन्त सिंह, राजेश लोधी, ज़की पाशा, सरताज सैफ़ी, शकील मंसूरी, इमरान अली, मोहम्मद ज़ाकिर, अर्जुन सिंह, और राम किशोर लोधी समेत भारी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने शासन की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मजदूरों के हितों की रक्षा का संकल्प लिया। हालांकि, जिला प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए उचित कार्यवाही का भरोसा दिलाया है, लेकिन कांग्रेस द्वारा दिया गया एक सप्ताह का अल्टीमेटम अब प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। यदि समय रहते इन मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो रामपुर में एक बड़े जन-आंदोलन की सुगबुगाहट तेज हो सकती है।

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