रामपुर: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले में शासन की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों की जमीनी हकीकत जानने के लिए प्रशासनिक सक्रियता तेज हो गई है। इसी क्रम में मण्डलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने चमरव्वा विकास खंड की ग्राम पंचायत कोयला में आयोजित 'ग्राम चौपाल' में शिरकत की। यहाँ उन्होंने न केवल ग्रामीणों की समस्याओं को सुना, बल्कि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पाई गई कमियों पर अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की।
चौपाल के दौरान मण्डलायुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और स्वच्छ भारत मिशन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के लाभार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए खुद आवास योजना के सर्वे में शामिल पात्रों की सूची पढ़कर सुनाई। पेंशन योजनाओं के संबंध में भी उन्होंने ग्रामीणों से फीडबैक लिया ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सहायता राशि बिना किसी बाधा के पात्रों तक पहुँच रही है।
बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर मण्डलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह काफी गंभीर और संवेदनशील नजर आए। उन्होंने ग्रामीणों के साथ संवाद के दौरान अभिभावकों को प्रेरित करते हुए कहा कि बच्चों की नींव मजबूत करना समाज की जिम्मेदारी है, इसलिए उन्हें नियमित रूप से स्कूल भेजें। शिक्षा की गुणवत्ता पर चर्चा करते हुए उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे बच्चों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखें, बल्कि मिट्टी के बर्तन और खिलौनों जैसे पारंपरिक माध्यमों का उपयोग कर उनके भीतर रचनात्मक सोच (Creative Learning) विकसित करें। इसके साथ ही उन्होंने बच्चों के शारीरिक विकास की महत्ता पर बल देते हुए कहा कि टीकाकरण अभियान में कोई कोताही न बरती जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी को गंभीर शारीरिक विकृतियों और बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए मण्डलायुक्त ने पाया कि गाँव में 6 लोग टीबी से ग्रसित हैं। उन्होंने मरीजों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में इसका मुफ्त इलाज और दवाएं उपलब्ध हैं। वहीं, जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत 81 आवेदन लंबित पाए जाने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। मण्डलायुक्त ने ग्राम सचिव को निर्देश दिए कि इन लंबित आवेदनों का निस्तारण तत्काल प्रभाव से किया जाए ताकि गर्भवती महिलाओं को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।
चौपाल में बिजली विभाग की मनमानी और अत्यधिक बिल आने की शिकायतें प्रमुखता से उठीं। इस पर मण्डलायुक्त ने अधिशासी अभियंता को मौके पर ही निर्देशित किया कि शिकायतों का त्वरित निस्तारण करें। इसके अलावा, मनरेगा की समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि 651 आईडी में से 20 आईडी अभी तक लिंक नहीं हुई हैं। मण्डलायुक्त ने इसे जल्द से जल्द पूर्ण करने और शेष ग्रामीणों को 'फैमिली आईडी' से जोड़ने की प्रक्रिया में तेजी लाने के आदेश दिए।
गाँव की आंतरिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मण्डलायुक्त ने पंचायत सहायक के रिक्त पद को तत्काल भरने के निर्देश दिए। साथ ही कोटेदार द्वारा राशन वितरण और गाँव की साफ-सफाई की स्थिति का भी जायजा लिया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गुलाब चन्द्र, अपर आयुक्त अरुण कुमार सिंह सहित जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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