चलती स्कूटी में लगी आग, युवक ने कूदकर बचाई जान, इलाके में मचा हड़कंप

खबर सार :-
पीलीभीत के जहानाबाद थाना क्षेत्र में चलती स्कूटी में अचानक आग लग गई। युवक ने कूदकर जान बचाई। शॉर्ट सर्किट को बताया जा रहा है हादसे की वजह।

चलती स्कूटी में लगी आग, युवक ने कूदकर बचाई जान, इलाके में मचा हड़कंप
खबर विस्तार : -

पीलीभीत: जनपद के जहानाबाद थाना क्षेत्र में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। दलेलगंज गांव के पास सड़क पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब चलती स्कूटी में अचानक आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि स्कूटी चला रहे युवक को अपनी जान बचाने के लिए चलती गाड़ी से छलांग लगानी पड़ी। गनीमत रही कि युवक को कोई गंभीर चोट नहीं आई। जानकारी के अनुसार, युवक रोज़ की तरह स्कूटी से अपने घर की ओर जा रहा था। जैसे ही वह दलेलगंज गांव के समीप पहुंचा, उसे स्कूटी से अजीब तरह का धुआं निकलता दिखाई दिया। वह कुछ समझ पाता, उससे पहले ही स्कूटी के अगले हिस्से से आग की तेज लपटें उठने लगीं। हालात की गंभीरता को भांपते हुए युवक ने बिना देर किए स्कूटी से कूदकर अपनी जान बचाई।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया। आसपास मौजूद राहगीरों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि कोई भी पास जाने का साहस नहीं कर सका। देखते ही देखते स्कूटी पूरी तरह जलकर राख हो गई। इस घटना के चलते कुछ देर के लिए सड़क पर यातायात भी प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। जहानाबाद थाना प्रभारी प्रदीप बिश्नोई ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट प्रतीत हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है और स्कूटी चालक पूरी तरह सुरक्षित है।

इस घटना ने दोपहिया वाहन चालकों के लिए एक बार फिर चेतावनी का काम किया है। वाहन विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर सर्विसिंग न कराना और पुरानी या क्षतिग्रस्त वायरिंग इस तरह की घटनाओं की मुख्य वजह बनती है। इसके अलावा अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक एक्सेसरीज जैसे तेज हॉर्न, अतिरिक्त लाइटें या मॉडिफाइड उपकरण बैटरी पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं, जिससे शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ जाता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि वाहन से जलने जैसी गंध आए, धुआं दिखाई दे या वायरिंग में कोई गड़बड़ी महसूस हो, तो तुरंत वाहन को सुरक्षित स्थान पर रोककर जांच करानी चाहिए। थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

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