पलामू टाइगर रिजर्व और नेतरहाट में होटल-रिसाॅर्ट निर्माण पर एनजीटी सख्त, जारी की नोटिस
खबर सार :-
झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व और नेतरहाट में होटल और रिसाॅर्ट के निर्माण पर एनजीटी ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। आरोप है कि इनके निर्माण में नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
खबर विस्तार : -
रांची: झारखंड के नेतरहाट और पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्रों में होटल और रिसॉर्ट के निर्माण से जुड़ा मामला अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) पहुंच गया है। पर्यावरण कार्यकर्ता गोविंद पाठक ने NGT में एक पिटीशन फाइल की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि इको-सेंसिटिव जोन (ESZs) के अंदर बड़े पैमाने पर कमर्शियल कंस्ट्रक्शन किया जा रहा है, जिसमें तय नियमों को खुलेआम नजरअंदाज किया जा रहा है।
NGT की कोलकाता स्थित पूर्वी क्षेत्रीय पीठ ने इस मामले को सुनवाई योग्य मानते हुए संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। अगली सुनवाई 8 जुलाई, 2026 को तय की गई है। यह मामला पलामू टाइगर रिज़र्व, बेतला नेशनल पार्क, नेतरहाट और महुआडांड वुल्फ सैंक्चुरी के आस-पास तेजी से चल रहे कंस्ट्रक्शन से जुड़ा है। याचिका में दावा किया गया है कि इन पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील वन और वन्यजीव क्षेत्रों के भीतर कई होटल और रिसॉर्ट्स का निर्माण किया जा रहा है और इस दौरान आवश्यक पर्यावरणीय मानदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है।
एक महीने के भीतर मांगा जवाब
इस मामले की सुनवाई 25 मई को न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य ईश्वर सिंह की पीठ ने की। इसे एक गंभीर पर्यावरणीय चिंता का विषय मानते हुए NGT ने नेशनल टाइगर कंज़र्वेशन अथॉरिटी (NTCA) झारखंड के मुख्य सचिव, संबंधित अधिकारियों और पलामू टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर को नोटिस जारी कर एक महीने के भीतर उनसे जवाब मांगा है।
बिना प्लान के हो रहा निर्माण
याचिका में दावा किया गया है कि ESZ क्षेत्रों के भीतर लगभग 59 होटल और रिसॉर्ट्स का निर्माण कार्य अभी चल रहा है। इनमें से दो निर्माण परियोजनाएं सीधे पलामू वन्यजीव अभयारण्य के परिसर के भीतर स्थित बताई गई हैं। याचिका में आगे यह भी बताया गया है कि ESZ अधिसूचना के तहत अनिवार्य रूप से बनाए जाने वाले जोनल मास्टर प्लान, पर्यटन मास्टर प्लान और निगरानी समिति का गठन अभी तक नहीं किया गया है; इसके बावजूद निर्माण गतिविधियां बिना किसी रोक-टोक के जारी हैं।
अवैध निर्माण रोकने की मांग
याचिकाकर्ता ने NGT से आग्रह किया है कि वह सभी अवैध निर्माण गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाए और नियमों का उल्लंघन करके बनाए गए होटलों और रिसॉर्ट्स को गिराने का आदेश दे। इसके अलावा, याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की है कि संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई शुरू की जाए।
अन्य प्रमुख खबरें
-
MP में चीतों की संख्या 60 पहुंची, CM बोले- वन्यजीव हमारे वनों के आभूषण
2026-10-08
-
हिमाचल में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान, 9 अक्टूबर तक बारिश का अलर्ट
2026-10-07
-
कुमाऊं में महिलाएं बना रहीं रेशम का धागा, स्वरोजगार के खुले नए रास्ते
2026-10-07
-
यूपी में 20 IPS अफसरों का तबादला, रवीना त्यागी बनी बाराबंकी की नई एसपी
2026-10-07
-
वृंदावन के गुरुकुल में सेप्टिक टैंक साफ कर रहे 4 छात्रों की मौत
2026-10-07
-
इलाइट-शिवपुरी मार्ग बनेगा मॉडल रोड, सौंदर्यीकरण को मिली मंजूरी
2026-10-07
-
मध्य प्रदेश में मौसम सिस्टम सक्रिय, आज 16 जिलों में बारिश की संभावना
2026-10-07
-
MP के दुर्गावती टाइगर रिजर्व में आज दो चीते छोड़ेंगे सीएम मोहन यादव
2026-10-07
-
LUCKNOW नगर निगम देर से जागा, घर हो रहे अब तक खाली, kitchens तक पहुंचा पानी
2026-10-06
-
योगी सरकार की ग्लोबल कनेक्टिविटी और निवेश नीति को मिला नया आयाम
2026-10-06
-
Gujarat: भीषण सड़क हादसे में सात लोगों की मौत
2026-10-06
-
दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम
2026-10-06
-
झारखंड में दुर्गा पूजा के दौरान 6,000 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा
2026-10-06
-
पश्चिम बंगाल: रंगदारी वसूली को लेकर भाजपा के दो गुटों में झड़प
2026-10-06
-
CM यूथ कॉन्क्लेव-2026 में युवाओं से रूबरू होंगे मुख्यमंत्री मोहन यादव
2026-10-06