शादी से लौटते समय सड़क हादसे में ढोलक मास्टर की मौत, खुशियां पल भर में मातम में बदलीं

खबर सार :-
मरिहान थाना क्षेत्र के शोभी गांव के रहने वाले सर्वेश सिंह  देर रात एक शादी समारोह से लौटकर अपने घर जा रहे थे। सेमरी-सरसों मार्ग पर चलते समय उनकी मोटरसाइकिल को एक अज्ञात वाहन ने ज़ोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनकी मृत्यु हो गई।

शादी से लौटते समय सड़क हादसे में ढोलक मास्टर की मौत, खुशियां पल भर में मातम में बदलीं
खबर विस्तार : -

मिर्जापुरः खुशियों से भरा एक शादी समारोह उस समय गहरे मातम में बदल गया, जब कार्यक्रम में अपनी कला से सभी का दिल जीतने वाले ढोलक मास्टर सर्वेश सिंह की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा मिर्जापुर जनपद के मड़िहान थाना क्षेत्र में हुआ, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया।

देर रात बाइक पर लौट रहे थे घर

जानकारी के अनुसार, मड़िहान थाना क्षेत्र के शोभी गांव निवासी 35 वर्षीय सर्वेश सिंह, पुत्र आद्या सिंह, एक शादी समारोह में ढोलक बजाने गए थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह देर रात अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान सेमरी-सरसों मार्ग पर किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि सर्वेश सिंह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। रात के सन्नाटे में वह लंबे समय तक सड़क पर तड़पते रहे और मदद की आस लगाए रहे, लेकिन समय पर इलाज नहीं मिल सका। अंततः उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। यह घटना बेहद हृदयविदारक है और जिसने भी इसके बारे में सुना, वह भावुक हो उठा।

वाहन की तलाश में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही पीआरबी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद राजगढ़ थाना पुलिस को सूचित कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है।

सर्वेश सिंह अपने पीछे एक पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जो अब इस असमय हादसे से टूट चुका है। परिवार के साथ-साथ गांव में भी गहरा शोक व्याप्त है। सर्वेश सिंह अपने मिलनसार स्वभाव और बेहतरीन कला के लिए जाने जाते थे। उनकी ढोलक की थाप पर लोग झूम उठते थे और हर कार्यक्रम में उनका विशेष स्थान होता था।

बताया जाता है कि उन्होंने सोनभद्र के ओबरा क्षेत्र में भी लंबे समय तक रहकर अपनी कला से पहचान बनाई थी। मिर्जापुर, सोनभद्र और वाराणसी के कलाकारों में भी उनके निधन से शोक की लहर दौड़ गई है।

आज वही गांव, जहां कभी उनके ढोलक की गूंज से खुशियां बिखरती थीं, वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। यह हादसा न केवल एक परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बन गया है।
 

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