कोलकाता: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (DCP) शांतनु सिन्हा बिस्वास को लगभग 10 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। यह मामला कथित तौर पर जबरन वसूली और जमीन हड़पने वाले एक रैकेट से जुड़ा है। इस रैकेट को कथित तौर पर वांछित अपराधी बिस्वजीत पोद्दार उर्फ "सोना पाप्पू" और व्यवसायी जय कामदार चलाते थे। उन्हें शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाना है।
शुक्रवार सुबह गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए ED के एक अधिकारी ने बताया कि यह कार्रवाई इसलिए की गई क्योंकि शांतनु सिन्हा बिस्वास जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। सूत्रों के अनुसार, उनसे गुरुवार सुबह से ही कोलकाता के CGO कॉम्प्लेक्स स्थित ED कार्यालय में पूछताछ चल रही थी। उन्हें रात करीब 10 बजे पूछताछ के दौरान जानकारी छिपाने और जांच में सहयोग न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। ED ने इससे पहले भी उन्हें पूछताछ के लिए बुलाने के लिए कई नोटिस जारी किए थे। बिस्वास को 28 अप्रैल को भी पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन वह उस दिन भी पेश नहीं हुए।
यह बताना जरूरी है कि कोलकाता पुलिस द्वारा दर्ज FIR में सोना पाप्पू पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें जबरन वसूली, दंगा करना, हत्या की कोशिश, आपराधिक साजिश और आर्म्स एक्ट का उल्लंघन शामिल है। ED का दावा है कि पोद्दार और उसके साथी एक संगठित अपराध नेटवर्क चला रहे थे, जो जबरन वसूली सहित कई गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल था। इसके जरिए उन्होंने भारी मात्रा में अवैध संपत्ति जमा की।
ED ने जांच के तहत पिछले महीने शांतनु सिन्हा बिस्वास के बालीगंज स्थित आवास और फर्न रोड स्थित उनके फ्लैट पर छापेमारी की थी। इसके अलावा, बेहला में व्यवसायी जय कामदार से जुड़े ठिकानों पर भी तलाशी ली गई थी। अधिकारियों के अनुसार, इन छापों के दौरान कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए। 1 अप्रैल को की गई तलाशी के दौरान ED ने 1.47 करोड़ रुपये नकद, 67 लाख रुपये से ज्यादा का सोना-चांदी और एक देसी पिस्तौल जब्त की थी। बिस्वजीत पोद्दार, उर्फ 'सोना पाप्पू' फिलहाल फरार है। दक्षिण कोलकाता के गोलपार्क इलाके में हुई एक हिंसक घटना के सिलसिले में भी उसकी तलाश है। कई समन जारी किए जाने के बावजूद, वह जांच में शामिल नहीं हुआ है।
गौरतलब है कि शांतनु सिन्हा बिस्वास पहले कालीघाट पुलिस स्टेशन के ऑफिसर-इन-चार्ज (OC) के रूप में कार्य कर चुके हैं। इससे पहले, अवैध कोयला खनन मामले में ED की जांच के दायरे में उनका नाम पहले ही आ चुका था। इसके अलावा, निजी मेडिकल कॉलेजों, विशेष रूप से KPC मेडिकल कॉलेज में NRI कोटे के तहत दाखिलों में कथित अनियमितताओं से जुड़ी एक जांच के सिलसिले में उनसे वर्तमान में पूछताछ की जा रही है।
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