झांसी मंडल रेल चिकित्सालय में 77 वर्षीय रेल पेंशनर की जटिल सर्जरी सफल, मिला नया जीवन

खबर सार :-
सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति संतोषजनक बताई जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार उनकी रिकवरी अच्छी गति से हो रही है और आवश्यक चिकित्सकीय निगरानी जारी है। मरीज के परिजनों ने सफल उपचार के लिए चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और रेल प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया है।
झांसी मंडल रेल चिकित्सालय में 77 वर्षीय रेल पेंशनर की जटिल सर्जरी सफल, मिला नया जीवन
खबर विस्तार : -

झांसी: मंडल रेल चिकित्सालय, झांसी ने एक और महत्वपूर्ण चिकित्सकीय उपलब्धि अपने नाम की है। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के नेतृत्व और मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. कुलदीप स्वरूप मिश्रा के मार्गदर्शन में चिकित्सालय की विशेषज्ञ टीम ने 77 वर्षीय एक बुजुर्ग रेल पेंशनर के टूटे हुए कूल्हे का सफल ऑपरेशन कर उन्हें नई उम्मीद दी है।

जानकारी के अनुसार बुजुर्ग रेल पेंशनर घर पर गिरने के कारण गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दुर्घटना में उनके बाएं कूल्हे की हड्डी कई हिस्सों में टूट गई थी, जिसके चलते वे पूरी तरह चलने-फिरने में असमर्थ हो गए थे। उन्हें तत्काल उपचार के लिए मंडल रेल चिकित्सालय, झांसी में भर्ती कराया गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने उनकी विस्तृत जांच की।

एक्स-रे और अन्य चिकित्सकीय परीक्षणों में यह सामने आया कि मरीज केवल कूल्हे की गंभीर चोट से ही नहीं जूझ रहे थे, बल्कि उन्हें अत्यधिक रक्ताल्पता (एनीमिया), उच्च रक्तचाप और हृदय संबंधी समस्याएं भी थीं। इन परिस्थितियों ने शल्यक्रिया को अत्यंत जटिल और उच्च जोखिम वाला बना दिया था। चिकित्सकों के सामने चुनौती केवल टूटी हुई हड्डी को जोड़ने की नहीं थी, बल्कि मरीज की अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित उपचार सुनिश्चित करना भी था।

गहन चिकित्सकीय मूल्यांकन और विस्तृत योजना के बाद ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञों ने आधुनिक प्रॉक्सिमल फेमरल नेल एंटी-रोटेशन (PFNA-II) तकनीक का उपयोग करते हुए सर्जरी करने का निर्णय लिया। इस प्रक्रिया में टाइटेनियम इम्प्लांट्स का प्रयोग किया गया, जिससे टूटी हुई हड्डी को स्थिरता प्रदान की जा सके और मरीज को शीघ्र स्वस्थ होने में मदद मिले।

सर्जरी का नेतृत्व वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी एवं अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेश कुमार कुशवाहा ने किया। उन्होंने विशेषज्ञ टीम के साथ मिलकर इस तकनीकी रूप से जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। अस्पताल प्रशासन के अनुसार यह शल्यक्रिया अत्यंत चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन विशेषज्ञों के अनुभव, आधुनिक तकनीक और टीमवर्क के कारण इसे सफल बनाया जा सका।

इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन में एनेस्थेटिस्ट डॉ. अजीत लहरिया, नर्सिंग सुपरिटेंडेंट मुकेश यादव, श्योराज सिंह, मनोज, ड्रेसर माथुर, संदीप और मोहम्मद सलीम सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पूरी टीम ने समन्वित रूप से कार्य करते हुए मरीज की सुरक्षा और उपचार की गुणवत्ता सुनिश्चित की।

यह उपलब्धि मंडल रेल चिकित्सालय, झांसी में उपलब्ध आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं, विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाओं और समर्पित स्वास्थ्यकर्मियों की दक्षता को दर्शाती है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी मरीजों को बेहतर और उन्नत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए इसी प्रकार प्रयास जारी रहेंगे।

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