नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए बना रेवेन्यू रिफॉर्म सेल, कर वसूली व्यवस्था होगी मजबूत

खबर सार :-
नगर आयुक्त ने मौजूदा व्यवस्थागत अनियमितताओं को दूर करके और कर संग्रह तंत्र को सुदृढ़ बनाकर नगर निगम के राजस्व में वृद्धि करने हेतु एक 'राजस्व सुधार प्रकोष्ठ' का गठन किया है। इसका उद्देश्य विभाग में चली आ रही अव्यवस्थाओं को खत्म करना है।

नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए बना रेवेन्यू रिफॉर्म सेल, कर वसूली व्यवस्था होगी मजबूत
खबर विस्तार : -

झांसीः नगर निगम की आय बढ़ाने और कर वसूली व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से नगर आयुक्त ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए रेवेन्यू रिफॉर्म सेल का गठन किया है। इस नई व्यवस्था का मकसद नगर निगम में लंबे समय से चली आ रही अव्यवस्थाओं को दूर करना, राजस्व संग्रह को पारदर्शी बनाना और आय के नए स्रोत विकसित करना है। अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से आने वाले समय में नगर निगम की आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है।

नगर आयुक्त के पास रहेगा कंट्रोल

रेवेन्यू रिफॉर्म सेल की कमान सीधे नगर आयुक्त अकांक्षा राणा के पास रहेगी। सेल में अपर नगर आयुक्त प्रथम राहुल कुमार यादव, अपर नगर आयुक्त द्वितीय रोली गुप्ता, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार, वरिष्ठ लेखा परीक्षक विजय कृष्ण मौर्य और आईटी एक्सपर्ट राकेश कुमार साहू को सदस्य बनाया गया है। नगर निगम प्रशासन ने अलग-अलग क्षेत्रों में सुधार और निगरानी के लिए इन अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी हैं।

नगर निगम द्वारा पूर्व में कराए गए जीआईएस सर्वे में कई प्रकार की त्रुटियां सामने आई थीं। जांच के दौरान डुप्लीकेट आईडी, गलत डाटा और कई महत्वपूर्ण जानकारियों की कमी का मामला भी संज्ञान में आया। यही कारण है कि नगर निगम ने राजस्व व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करने और डेटा को व्यवस्थित करने के लिए यह विशेष सेल गठित किया है।

आय बढ़ान पर दिया जा रहा जोर

अपर नगर आयुक्त राहुल कुमार यादव को गृह कर भवनों का भौतिक सत्यापन कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके तहत वे जीआईएस डाटा, डुप्लीकेट रिकॉर्ड और मिसिंग इनफॉरमेशन की समीक्षा करेंगे। साथ ही शहर में पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित कर उससे होने वाली आय बढ़ाने पर भी कार्य करेंगे। माना जा रहा है कि पार्किंग व्यवस्था में सुधार से नगर निगम को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हो सकता है।

वहीं अपर नगर आयुक्त रोली गुप्ता को प्रचार और विज्ञापन के माध्यम से होने वाली आय बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। नगर निगम प्रशासन का मानना है कि विज्ञापन और प्रचार से जुड़े संसाधनों का बेहतर उपयोग कर राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।

मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अवधेश कुमार को ऐसे गृह स्वामियों की सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है जिन्होंने पिछले तीन वर्षों या उससे अधिक समय से गृह कर जमा नहीं किया है। इसके बाद ऐसे बकायेदारों के खिलाफ वसूली अभियान चलाया जाएगा। नगर निगम का उद्देश्य कर चोरी पर रोक लगाना और लंबित राजस्व की वसूली सुनिश्चित करना है।

खर्चों में आई कमी

आईटी एक्सपर्ट राकेश कुमार साहू को सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी दी गई है। इसके जरिए नगर निगम अपनी योजनाओं और कर भुगतान से संबंधित जागरूकता अभियान को तेज करेगा। साथ ही ऑनलाइन सुविधाओं को बढ़ावा देकर नागरिकों को कर भुगतान के लिए प्रेरित किया जाएगा।

नगर निगम प्रशासन का मानना है कि रेवेन्यू रिफॉर्म सेल के गठन से आय में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। पिछले कुछ वर्षों में खर्चों की तुलना में नगर निगम की आय काफी कम हो गई थी, जिसके कारण आर्थिक संकट जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही थी। ऐसे में यह नई पहल नगर निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। अब देखने वाली बात होगी कि नगर आयुक्त द्वारा शुरू किया गया यह प्रयास भविष्य में कितना प्रभावी साबित होता है।
 

अन्य प्रमुख खबरें