कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग का बड़ा आरोप, मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग

खबर सार :-

शिकायतकर्ताओं के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में करीब 80 एकड़ से अधिक कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग कर 3000 से अधिक लोगों को भूखंड बेचे जा चुके हैं। अब इस पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) के उपाध्यक्ष से की गई है।
कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग का बड़ा आरोप, मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग

खबर विस्तार : -

झांसीः महानगर में कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग का बड़ा मामला सामने आया है। आरोप है कि भू-माफियाओं का एक संगठित सिंडिकेट कृषि भूमि को बिना भूमि उपयोग (लैंड यूज) परिवर्तन कराए आवासीय प्लॉट के रूप में बेच रहा है। 

मुख्यमंत्री को भेजा गया शिकायती पत्र

ग्राम मेरी निवासी महेश रिछरिया ने मुख्यमंत्री एवं जेडीए उपाध्यक्ष को भेजे गए शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि कुछ जमीन कारोबारियों ने कंपनी बनाकर सुनियोजित तरीके से लोगों के साथ धोखाधड़ी की है। शिकायत के अनुसार, ये कारोबारी किसानों से कृषि भूमि कम कीमत पर खरीदते हैं और बिना वैधानिक अनुमति प्राप्त किए उसे छोटे-छोटे प्लॉटों में विभाजित कर बेच देते हैं। जबकि नियमानुसार कृषि भूमि पर आवासीय प्लाटिंग करने से पहले संबंधित प्रावधानों के तहत भूमि उपयोग परिवर्तन कराना अनिवार्य होता है।

शिकायतकर्ता का दावा है कि पिछले पांच वर्षों में ऐसे सिंडिकेट ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में लगभग 11 अलग-अलग साइटों पर 80 एकड़ से अधिक भूमि की अवैध प्लाटिंग की है। आरोप है कि इस दौरान करोड़ों रुपये का कारोबार हुआ और सरकार को राजस्व का भी भारी नुकसान पहुंचा। साथ ही, हजारों लोगों को ऐसे भूखंड बेचे गए, जिन पर कानूनी रूप से मकान निर्माण संभव नहीं है।

बुनियादी सुविधाओं का अभाव

सबसे अधिक परेशानी उन खरीदारों को हो रही है जिन्होंने कम कीमत के लालच में जीवनभर की जमा पूंजी लगाकर प्लॉट खरीदे। जब वे मकान निर्माण के लिए झांसी विकास प्राधिकरण से मानचित्र स्वीकृत कराने पहुंचते हैं तो पता चलता है कि भूमि का उपयोग अभी भी कृषि श्रेणी में दर्ज है। ऐसे मामलों में मानचित्र स्वीकृत नहीं हो पाता और निर्माण कार्य पर रोक लगा दी जाती है। यदि बिना अनुमति निर्माण किया जाता है तो प्राधिकरण कार्रवाई भी करता है।

इतना ही नहीं, ऐसी अवैध कॉलोनियों में सड़क, पेयजल, बिजली, सीवर जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जातीं। परिणामस्वरूप जिन लोगों ने किसी तरह मकान बना भी लिया, वे वर्षों तक बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जीवनयापन करने को मजबूर रहते हैं। इससे खरीदार आर्थिक और मानसिक दोनों स्तरों पर परेशान हैं।

इस मामले में झांसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष हिमांशु गौतम ने कहा कि कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इन शिकायतों की जांच कराई जा रही है। यदि प्रथम दृष्टया अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अवैध निर्माण और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्राधिकरण का सीलिंग एवं प्रवर्तन अभियान लगातार जारी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में समय रहते सख्त कार्रवाई न होने से भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हो रहे हैं। नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करते हुए पीड़ित खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।

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