झांसी में डीएम गौरांग राठी की अभिनव पहल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शिकायत का मौके पर निस्तारण

खबर सार :-
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्थल का निरीक्षण किया गया। शिकायतकर्ता ने निजी द्वेषवश विरोधी पक्ष का एक पुराना वीडियो क्लिप प्रस्तुत किया। परिणामस्वरूप, ज़िला मजिस्ट्रेट ने शिकायतकर्ता के विरुद्ध कार्रवाई शुरू करने के निर्देश जारी किए।

झांसी में डीएम गौरांग राठी की अभिनव पहल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से शिकायत का मौके पर निस्तारण
खबर विस्तार : -

झांसीः झांसी जिले में प्रशासनिक पारदर्शिता और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक नई पहल देखने को मिली है। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने 30 अप्रैल को अपने महत्वाकांक्षी कार्यक्रम “जनसंवाद” के तहत “सबका सम्मान – जीवन आसान” अभियान की शुरुआत करते हुए एक लंबित शिकायत का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मौके पर ही परीक्षण कर निस्तारण किया।

अधिकारियों को दिए दिशा-निर्देश

यह मामला तहसील गरौठा के ग्राम कैरोखर, थाना ककरबई से जुड़ा था, जहां निवासी नसुल्ली पुत्र बंटे कोरी ने आराजी संख्या 305 मि0, रकवा 0.405 हेक्टेयर भूमि से संबंधित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप था कि दो बार पत्थरगड्डी कराने के बाद भी विपक्षी पक्ष द्वारा चिन्हांकन के पत्थर उखाड़कर फेंक दिए गए। इस मामले को जिलाधिकारी ने गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लिया और सीधे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबंधित स्थान की स्थिति का परीक्षण किया।

जिलाधिकारी ने अपने कक्ष से ही पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि प्रत्येक शिकायत का समाधान निर्धारित समय-सीमा के भीतर पारदर्शी तरीके से किया जाए, ताकि आम जनता को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

इस दौरान उपजिलाधिकारी गरौठा सुनील कुमार ने मामले की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि मौके पर की गई जांच में शिकायत निराधार पाई गई है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि शिकायतकर्ता नसुल्ली के विरुद्ध थाना ककरबई में पहले से ही गंभीर आपराधिक मुकदमा दर्ज है, जिसमें विभिन्न धाराएं—307, 325, 324, 504, 506 भादवि शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार शिकायतकर्ता और संबंधित पक्षों के बीच पुरानी व्यक्तिगत रंजिश भी है, जिसके चलते इस प्रकार की शिकायतें लगातार की जा रही हैं।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनी समस्या

जिलाधिकारी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी तथ्यों की समीक्षा के बाद निर्देश दिए कि मामले में नियमानुसार आगे की विधिक कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य निष्पक्ष और पारदर्शी न्याय सुनिश्चित करना है, चाहे मामला किसी भी पक्ष से जुड़ा हो।

इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आयुष सैनी, अपर जिलाधिकारी न्याय अरुण कुमार गौड़, एसडीएम न्याय मनोज कुमार तथा ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर आकाश रंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। मौके पर संबंधित कानूनगो, लेखपाल और शिकायतकर्ता भी मौजूद थे।

जिलाधिकारी ने कहा कि “सेवा–संवाद–समाधान” कार्यक्रम के माध्यम से प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित हुआ है, जिससे न केवल समस्याओं का समाधान तेजी से हो रहा है बल्कि जनता का प्रशासन पर विश्वास भी मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल आगे भी जारी रहेगी ताकि हर नागरिक को समय पर न्याय और समाधान मिल सके।

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