NEET पेपर के नाम पर ठगी! ChatGPT की मदद से बनाए फर्जी पेपर, लॉ स्टूडेंट गिरफ्तार

खबर सार :-
मध्य प्रदेश के इंदौर में क्राइम ब्रांच ने एक लॉ स्टूडेंट को नीट परीक्षा पेपर के नाम पर ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी ने चैट जीपीटी का इस्तेमाल करके गलत पेपर बनाये और असली पेपर बताकर अभ्यर्थियों से ठगी की।
NEET पेपर के नाम पर ठगी! ChatGPT की मदद से बनाए फर्जी पेपर, लॉ स्टूडेंट गिरफ्तार
खबर विस्तार : -

इंदौर: मध्य प्रदेश के इंदौर में क्राइम ब्रांच की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने लॉ के एक फर्स्ट-ईयर स्टूडेंट को गिरफ्तार किया है। उस पर सोशल मीडिया के जरिए धोखाधड़ी करने का आरोप है, जिसमें उसने NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र देने का वादा किया था।

इंदौर के DCP राजेश त्रिपाठी ने बताया कि आरोपी ने ChatGPT का इस्तेमाल करके ये पेपर बनाए थे। उसे अपने अकाउंट में 25,000 रुपये से 30,000 रुपये मिल भी चुके थे। DCP ने बताया कि आरोपी ने अपने इंस्टाग्राम फॉलोअर्स बढ़ाने और गलत तरीके से पैसे कमाने के लिए ये नकली पेपर बनाए और बेचे। टेक्निकल जांच और उसकी इंस्टाग्राम एक्टिविटी को ट्रैक करने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया। आरोपी के खिलाफ IT एक्ट की अलग-अलग धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

भुगतान के बाद खुलता था लिंक

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, आरोपी का नाम अक्षय मालवीय है, जो लसूड़िया के आंगन शक्करखेड़ी का रहने वाला है। वह इंदौर के एक लॉ कॉलेज में फर्स्ट-ईयर का स्टूडेंट है। पुलिस ने बताया कि NEET परीक्षा से पहले, अक्षय ने इंस्टाग्राम पर वायरल पोस्ट शेयर किए थे, जिनमें दावा किया गया था कि वह 2026 का क्वेश्चन पेपर दे सकता है। इन पोस्ट में दिए गए लिंक पर क्लिक करने वाले कैंडिडेट्स को पेमेंट करने के लिए कहा जाता था; पेमेंट पूरा होने के बाद ही लिंक खुलता था और परीक्षा से जुड़ा कथित मटीरियल दिखता था।

साइबर पुलिस की निगरानी में था आरोपी

जांच में पता चला कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर ऐसे ही गुमराह करने वाले पोस्ट तब भी शेयर किए थे, जब NEET परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक होने की चर्चा चल रही थी। इसलिए, वह पहले से ही साइबर पुलिस की निगरानी में था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी को अपने अकाउंट में लगभग 22 से 23 लोगों से UPI पेमेंट मिले थे। इच्छुक कैंडिडेट्स को पेमेंट करने के बाद ही ये डॉक्यूमेंट मिलते थे।

पुराने प्रश्नपत्रों के आधार पर बनाए नए दस्तावेज

शुरुआती जांच से यह भी पता चला है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए लोगों को गुमराह करके पैसे कमाने की कोशिश कर रहा था। उसने पुराने पेपर और उपलब्ध मटीरियल के आधार पर नए क्वेश्चन पेपर जैसे दिखने वाले डॉक्यूमेंट बनाए और उन्हें असली परीक्षा पेपर बताकर प्रमोट किया। इंदौर पुलिस के मुताबिक, कोटा पुलिस ने शनिवार को ईमेल के जरिए इस मामले की जानकारी दी थी। इसके बाद, इंदौर क्राइम ब्रांच की SIT ने जांच तेज कर दी और तकनीकी सबूतों के आधार पर आरोपी को हिरासत में ले लिया।

 

यह भी पढ़ेंः- स्कूटी चोरी का आरोपी गिरफ्तार, दो चोरी की स्कूटी बरामद, वारंटी भी पुलिस के हत्थे चढ़ा

अन्य प्रमुख खबरें