नई दिल्लीः मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के बाद जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गौतमबुद्धनगर ने जिले के लोगों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने आगामी दिनों में संभावित गंभीर मौसम परिस्थितियों को देखते हुए नागरिकों से अत्यधिक सतर्क रहने की अपील की है। यह चेतावनी 28 मई से 31 मई 2026 तक लागू रहेगी, जिसके दौरान पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
जिला आपदा विशेषज्ञ ओमकार चतुर्वेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार इस अवधि में तेज आंधी, तूफान, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना है। उन्होंने कहा कि 29 मई को मौसम का असर सबसे अधिक तीव्र रहने की संभावना है, जब कई क्षेत्रों में 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर हवा के झोंके 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका भी जताई गई है।
आईएमडी ने गौतमबुद्धनगर को ऑरेंज ज़ोन में रखा है, जो इस बात का संकेत है कि मौसम की स्थिति गंभीर हो सकती है और किसी भी प्रकार की लापरवाही नुकसानदेह साबित हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्कता बरतने और अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम के दौरान जनहानि, पशुहानि और संपत्ति के नुकसान का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में नागरिकों को हर संभव सावधानी बरतनी चाहिए। लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम संबंधी अपडेट और अलर्ट समय पर प्राप्त करने के लिए अपने मोबाइल फोन में “दामिनी ऐप” और “सचेत ऐप” जरूर डाउनलोड करें। इन ऐप्स के माध्यम से आंधी, तूफान और बिजली गिरने जैसी घटनाओं की पूर्व सूचना प्राप्त की जा सकती है, जिससे समय रहते सुरक्षा उपाय किए जा सकें।
जारी एडवाइजरी में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि खराब मौसम के दौरान लोग पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें, मोबाइल टावरों और ऊंची इमारतों के पास न जाएं और खुले स्थानों में रुकने से परहेज करें। बच्चों को खुले मैदान में खेलने से रोकने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही बिजली के उपकरणों, लोहे की खिड़कियों, दरवाजों और हैंडपंप को छूने से बचने के लिए भी कहा गया है।
प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि लोग धातु वाले छाते का उपयोग न करें और खुले वाहनों में यात्रा करने से बचें। वज्रपात के दौरान तालाब, नदी और अन्य जलस्रोतों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है, क्योंकि ऐसी परिस्थितियों में बिजली गिरने का खतरा अधिक होता है।
यदि अचानक मौसम खराब हो जाए, तो तुरंत किसी सुरक्षित और पक्के भवन में शरण लेने की सलाह दी गई है। यदि आस-पास कोई सुरक्षित स्थान उपलब्ध न हो, तो लोगों को जमीन पर बैठकर दोनों कान बंद करने और पैरों को सटाकर घुटनों के बल झुकने की सलाह दी गई है, जिससे बिजली गिरने के जोखिम को कम किया जा सके।
खेतों में काम कर रहे किसानों को विशेष रूप से सावधान रहने के लिए कहा गया है। उन्हें सलाह दी गई है कि जैसे ही मौसम बिगड़ने के संकेत मिलें, वे तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। आपदा विशेषज्ञों के अनुसार “दामिनी ऐप” लगभग 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में संभावित बिजली गिरने की चेतावनी देता है, जबकि “सचेत ऐप” के माध्यम से विभिन्न प्रकार की आपदा संबंधी सूचनाएं समय पर प्राप्त की जा सकती हैं।
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