कनाडा की रणनीति हुई नाकाम: मात खा गई मार्श की 'डिकॉय' चाल! स्विट्जरलैंड ने वैंकूवर के किले में लगाई सेंध, अंतिम-32 के लिए लॉस एंजिल्स खदेड़ा!

खबर सार :-

फीफा विश्व कप में स्विट्जरलैंड ने कनाडा को 2-1 से हराकर ग्रुप बी में शीर्ष स्थान हासिल किया। जेसी मार्श की अल्फोंसो डेविस चाल नाकाम रही। पढ़ें कनाडा बनाम स्विट्जरलैंड फुटबॉल मैच का पूरा रोमांच।
कनाडा की रणनीति हुई नाकाम: मात खा गई मार्श की 'डिकॉय' चाल! स्विट्जरलैंड ने वैंकूवर के किले में लगाई सेंध, अंतिम-32 के लिए लॉस एंजिल्स खदेड़ा!

खबर विस्तार : -

वैंकूवर: वैंकूवर के बीसी प्लेस स्टेडियम की उमस और भारी दबाव के बीच खेला गया मुकाबला सिर्फ दो फुटबॉल टीमों की भिड़ंत नहीं, बल्कि दिमागी चालों का एक शतरंज बन चुका था। कनाडा के मुख्य कोच जेसी मार्श ने अपने सबसे बड़े स्टार खिलाड़ी अल्फोंसो डेविस को एक "मुखौटे" (डिकॉय) की तरह इस्तेमाल किया ताकि विरोधी टीम भ्रमित हो जाए। लेकिन स्विट्जरलैंड की बेहद चतुर और तजुर्बेकार टीम ने इस चारे को छुआ तक नहीं। नतीजा यह हुआ कि ग्रुप बी के इस निर्णायक मुकाबले में स्विट्जरलैंड ने कनाडा को 2-1 से शिकस्त देकर न केवल ग्रुप में पहला स्थान हासिल किया, बल्कि नॉकआउट दौर के पहले सप्ताह में वैंकूवर में ही खेलने का अधिकार भी अपने नाम कर लिया।

 स्विट्जरलैंड की रणनीतिक जीत और कनाडा का टूटता घरेलू सपना

इस हार के साथ ही मेजबान कनाडा के लिए चीजें बेहद मुश्किल हो गई हैं। अब टीम को अंतिम-32 के मुकाबले के लिए महज चार दिनों के भीतर लॉस एंजिल्स का सफर तय करना होगा। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए जेसी मार्श ने स्वीकार किया कि अल्फोंसो डेविस इस मुकाबले में कभी खेलने की स्थिति में थे ही नहीं। जबकि एक दिन पहले ही कोच ने दावा किया था कि बायर्न म्यूनिख का यह स्टार खिलाड़ी इस विश्व कप में अपना पहला मैच खेलने के लिए मैदान पर जरूर उतरेगा।

कनाडा की टीम मुकाबले को ड्रॉ कराने की पूरी कोशिश कर रही थी, क्योंकि एक ड्रॉ उन्हें ग्रुप में शीर्ष पर बनाए रखता और वे वैंकूवर में ही टिके रहते। मैदान पर तनाव साफ देखा जा सकता था। कोच मार्श ने डेविस को बेंच पर बिठाकर स्विट्जरलैंड के दिमाग से खेलने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा, "अल्फोंसो पूरी तरह तैयार नहीं थे, इसलिए मैं उनका इस्तेमाल विरोधी टीम का ध्यान भटकाने के लिए कर रहा था। मैं चाहता था कि स्विट्जरलैंड इसके बारे में सोचे और अपनी रणनीति बदले।" लेकिन मैदान पर इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में switzerland vs canada world cup vancouver की इस जंग में स्विस कोच मुरात याकिन की सेना डिगी नहीं।

 याकिन के बदलावों ने बदला खेल का रुख, बीसी प्लेस में सन्नाटा

स्विस टीम के कोच मुरात याकिन की 'नाती' (Nati) ने गजब का खेल दिखाया। याकिन ने इस मुकाबले के लिए अपनी शुरुआती एकादश में चार बड़े बदलाव किए थे और उनका यह दांव बिल्कुल सटीक बैठा। दूसरे हाफ के शुरू होते ही, सिर्फ 12 मिनट के भीतर रूबेन वर्गास और जोहान मंज़ाम्बी ने गोल दागकर कोच के भरोसे को सही साबित किया। जब स्विस कोच से डेविस को लेकर मार्श की चाल के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "हम केवल उसी चीज़ पर प्रतिक्रिया देते हैं जो मैदान पर चल रही होती है। हमने एक टीम के रूप में बेहतरीन प्रदर्शन किया और हम आज जहां हैं, उसके पूरी तरह हकदार हैं।" याकिन अब 2 जुलाई को इसी मैदान पर लौटेंगे, जहां उनका लक्ष्य विश्व कप नॉकआउट खेलों में लगातार सात हार के सिलसिले को खत्म करना होगा।

कनाडा की मुश्किलें मैच शुरू होने से पहले ही बढ़ चुकी थीं। स्टार मिडफील्डर इस्माइल कोने की कमी टीम को बुरी तरह खल रही थी। छह दिन पहले इसी मैदान पर उनका पैर टूट गया था। जब कोने बैसाखियों के सहारे टीम बस से उतरकर मैदान के किनारे पहुंचे, तो दर्शकों ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। यह भावुक पल दर्शकों में जोश भरने के लिए काफी था, लेकिन मैदान की कड़वी सच्चाई अलग थी। स्टीफन यूस्टाकियो भी पूरी तरह फिट नहीं थे, जिसके कारण मार्श को नाथन सालिबा और मैथ्यू चोइनियर दोनों को एक साथ मैदान पर उतारना पड़ा। ग्रेनिट ज़ाका जैसे अनुभवी स्विस मिडफील्डर के सामने यह प्रयोग आत्मघाती साबित हुआ। रोमांचक खेल प्रेमियों के लिए switzerland vs canada world cup vancouver का यह मुकाबला हर मिनट करवट बदल रहा था।

 तनाव और टर्निंग पॉइंट: दूसरे हाफ का वो घातक खेल

पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली थी। रिकॉर्डो रोड्रिगेज ने कनाडाई डिफेंस को भेदते हुए एक बेहतरीन पास ब्रील एम्बोलो की तरफ निकाला था, लेकिन कनाडा के गोलकीपर मैक्सिम क्रेप्यू ने आइस हॉकी के किसी अनुभवी गोलकीपर की तरह आगे बढ़कर उस खतरे को टाल दिया। मध्यांतर तक स्कोर 0-0 था। लेकिन दूसरे हाफ के शुरू होने के महज 40 सेकेंड के भीतर ही स्विस टीम ने कनाडाई फैंस को तगड़ा झटका दिया। मंज़ाम्बी ने बाईं ओर से एक क्रॉस डाला जो कनाडाई डिफेंडर एलिस्टेयर जॉनस्टन को छकाते हुए सीधे रूबेन वर्गास के पास पहुंचा, जिन्होंने बिना कोई गलती किए गेंद को नेट में डाल दिया। इसके बाद कनाडाई डिफेंस ने गलतियों का सिलसिला शुरू कर दिया। डेरेक कॉर्नेलियस और लुक डी फौगेरोल्स गेंद को क्लियर करने में नाकाम रहे और एम्बोलो के पास पर मंज़ाम्बी ने दूसरा गोल दाग दिया। स्टेडियम में मौजूद हजारों कनाडाई फैंस सन्न रह गए। इतिहास गवाह है कि switzerland vs canada world cup vancouver के फुटबॉल इतिहास में इस मुकाबले को इसके अप्रत्याशित मोड़ों के लिए याद रखा जाएगा।

 प्रॉमिस डेविड का वादा और जेसी मार्श की अगली चुनौती

जब सब कुछ खत्म होता दिख रहा था, तब मैदान पर कनाडा के सुपर-सब प्रॉमिस डेविड उतरे। प्रॉमिस डेविड ने पिछले महीने स्थानीय मीडिया से वादा किया था कि वे वैंकूवर में विश्व कप गोल जरूर करेंगे। मैदान पर आने के ठीक एक मिनट बाद, 74वें मिनट में उन्होंने नाथन सालिबा के शानदार क्रॉस पर वॉली मारकर गेंद को गोलपोस्ट के भीतर पहुंचा दिया। इस गोल के होते ही स्टेडियम में मौजूद प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भी अपनी सीट से उछल पड़े। अंतिम 15 मिनट में कनाडा ने बराबरी के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया, लेकिन स्विस डिफेंस को भेद पाना नामुमकिन साबित हुआ। निको एल्वेदी ने 67वें मिनट में जोनाथन डेविड के शॉट को रोककर जो वीरता दिखाई थी, उसने स्विस टीम की जीत तय कर दी थी।

मैच के बाद कनाडाई खेमे में निराशा तो थी, लेकिन उम्मीदें अभी खत्म नहीं हुई हैं। फुटबॉल पंडितों का मानना है कि switzerland vs canada world cup vancouver का यह मैच इस टूर्नामेंट के सबसे बेहतरीन मैचों में से एक था। जेसी मार्श ने हार को स्वीकार करते हुए आगे की रणनीति पर बात की। उन्होंने कहा, "हम यहीं वैंकूवर में रुकना चाहते थे, क्योंकि घरेलू दर्शकों का साथ अलग होता है। लेकिन हमारे सामने अभी भी एक बहुत बड़ा अवसर है। भले ही हमें लॉस एंजिल्स से खेलना पड़े, हम देश में फुटबॉल की इस लहर को और आगे बढ़ाएंगे और पूरे देश को रोमांचित करना जारी रखेंगे।" अब पूरी दुनिया की नजरें नॉकआउट स्टेज पर टिकी हुई हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि लॉस एंजिल्स की गर्मी में कनाडा की यह टीम किस तरह वापसी करती है, क्योंकि वहां का सफर और कम दिनों का आराम उनके खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता की कड़ी परीक्षा लेगा। वहीं, स्विट्जरलैंड की टीम आत्मविश्वास से लबरेज होकर वैंकूवर में ही डेरा जमाए हुए है। अंततः, switzerland vs canada world cup vancouver का यह मुकाबला स्विस रणनीति की जीत के तौर पर दर्ज हो गया है।

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