Magha Gupt Navratri 2026: हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व है। आदि शक्ति, मां भगवती की पूजा के बिना अन्य देवी-देवताओं की पूजा अधूरी मानी जाती है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, पूरे साल में चार नवरात्रि होती हैं। ये चारों नवरात्रि, जो देवी दुर्गा को समर्पित हैं, चार मौसमों का प्रतीक हैं। शारदीय और चैत्र नवरात्रि के अलावा, हर साल दो गुप्त नवरात्रि भी मनाई जाती हैं। शारदीय और चैत्र नवरात्रि के दौरान जहां मां दुर्गा की पूजा पूरे नौ दिनों तक बड़े धूमधाम से की जाती है। वहीं इसके विपरीत गुप्त नवरात्रि के दौरान उनकी पूजा गुप्त रूप से की जाती है।
देवी भगवती की पूजा का अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी से शुरू हो रहा है और 27 जनवरी तक चलेगा। इस दौरान सही रीति-रिवाजों से देवी की पूजा करने से आध्यात्मिक प्रगति होती है, इच्छाएं पूरी होती हैं, नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। इन नौ दिनों के दौरान, देवी दुर्गा की कृपा से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं और शक्ति का संचार होता है।
माघ गुप्त नवरात्रि माघ महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक मनाई जाती है, और इसे शिशिर नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है। भक्त घटस्थापना (कलश स्थापना) करते हैं और देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते हैं, जिसका सिद्धि प्राप्त करने, बाधाओं को दूर करने और इच्छाओं को पूरा करने के लिए विशेष महत्व है। इस साल, प्रतिपदा तिथि 19 जनवरी को सुबह 2:14 बजे से 20 जनवरी तक रहेगी।
इसलिए, उदयतिथि (सूर्योदय के समय) के अनुसार, पूजा 19 जनवरी को शुरू होगी। सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग इसे और भी फलदायी बनाता है। शास्त्रों के अनुसार, घटस्थापना (पवित्र कलश की स्थापना) प्रतिपदा तिथि (चंद्र पखवाड़े के पहले दिन) को दोपहर 12 बजे से पहले पूरी कर लेनी चाहिए। अमावस्या (अमावस्या) या रात में यह वर्जित है।
गुप्त नवरात्रि के पहले दिन देवी काली की पूजा की जाती है। यह तांत्रिक और गुप्त आध्यात्मिक साधनाओं के लिए एक विशेष समय है, जहां दस महाविद्याओं (दस महान ज्ञान देवियों) की पूजा शुरू होती है। दस महाविद्याओं में देवी काली का पहला स्थान है। उनकी पूजा शनि दोष, साढ़े साती, भय, नकारात्मक ऊर्जा और बाधाओं के बुरे प्रभावों से मुक्ति दिलाती है। निर्धारित रीति-रिवाजों के अनुसार पूजा करने के बाद देवी को गुड़ चढ़ाना चाहिए। लाल फूल, सिंदूर, अगरबत्ती, दीपक, काले तिल और इत्र भी चढ़ाना चाहिए।
माघ गुप्त नवरात्रि देवी दुर्गा का आशीर्वाद पाने का बहुत ही शुभ समय है। ऐसा माना जाता है कि यह वह समय है जब देवी दुर्गा अपने भक्तों के सभी दुखों और कठिनाइयों को दूर करती हैं। इन नौ दिनों में भक्ति और समर्पण के साथ की गई पूजा व्यक्ति को जीवन की सभी कठिनाइयों और परेशानियों से बचाती है। गुप्त नवरात्रि के दौरान देवी काली, तारा देवी, त्रिपुरा सुंदरी, भुवनेश्वरी, बगलामुखी, धूमावती, मातंगी और कमला देवी की विशेष पूजा की जाती है।
अन्य प्रमुख खबरें
Aaj Ka Rashifal 4 March 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन
Panchang 4 March 2026: मंगलवार 4 मार्च 2026 का पंचांग, जानें विशेष पर्व एवं राहुकाल
Aaj Ka Rashifal 3 March 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन
Panchang 3 March 2026: मंगलवार 3 मार्च 2026 का पंचांग, जानें विशेष पर्व एवं राहुकाल
Holika Dahan 2026: आज या कल...होलिका दहन को लेकर कंफ्यूजन करें दूर, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
Aaj Ka Rashifal 2 March 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन
Panchang 2 March 2026: सोमवार 2 मार्च 2026 का पंचांग, जानें विशेष पर्व एवं राहुकाल
Aaj Ka Rashifal 1 March 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन
Panchang 1 March 2026: रविवार 1 मार्च 2026 का पंचांग, जानें विशेष पर्व एवं राहुकाल
Chandra Grahan 2026: होलिका दहन पर चंद्र ग्रहण का साया, जानें सूतक काल का सही समय
Aaj Ka Rashifal 28 February 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन
Panchang 28 February 2026: शनिवार 28 फरवरी 2026 का पंचांग, जानें विशेष पर्व एवं राहुकाल
Aaj Ka Rashifal 27 February 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन
Panchang 27 February 2026: शुक्रवार 27 फरवरी 2026 का पंचांग, जानें विशेष पर्व एवं राहुकाल