Anant Chaturdashi 2025 : अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश उत्सव का समापन होता है। गणेश चतुर्थी के दिन घरों या पंडालों में भगवान गणेश की स्थापना की जाती है और पूरी श्रद्धा के साथ उनकी पूजा की जाती है। यह उत्सव 10 दिनों तक चलता है और अंतिम दिन यानी अनंत चतुर्दशी को गणपति बप्पा का विसर्जन किया जाता है।
हिंदू परंपरा के अनुसार, गणेश प्रतिमा को घर में कितने दिनों तक रखना चाहिए, इसका निर्धारण भी शास्त्रों में वर्णित है। आमतौर पर भक्त बप्पा को डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन, सात दिन या ग्यारह दिन तक रखते हैं। ज़्यादातर लोग ग्यारहवें दिन यानी अनंत चतुर्दशी को बड़े ही विधि-विधान और भक्ति भाव से बप्पा को विदाई देते हैं।
इस दिन गणेश प्रतिमा को नदी, तालाब या समुद्र के जल में विसर्जित किया जाता है ताकि उनका स्वरूप प्रकृति में विलीन हो जाए और अगले वर्ष उनका पुनः स्वागत किया जा सके। अब भक्त यह जानने को उत्सुक हैं कि इस वर्ष अनंत चतुर्दशी कब है और विसर्जन का शुभ मुहूर्त क्या होगा, ताकि बप्पा को सही समय पर विदा किया जा सके। धार्मिक मान्यता है कि गणेशजी के विसर्जन से भक्तों पर वर्ष भर गणेशजी की कृपा बनी रहती है। गणेशजी की कृपा से भक्तों पर सुख-समृद्धि बनी रहती है। लेकिन, बप्पा का विसर्जन शुभ मुहूर्त में ही करना सर्वोत्तम होता है।
- शुभ चौघड़िया सुबह 7:26 बजे से 9:10 बजे तक।
- लाभ चौघड़िया दोपहर 1:54 बजे से 3:28 बजे तक।
- अमृत चौघड़िया दोपहर 3:28 बजे से शाम 5:03 बजे तक।
- शाम को लाभ चौघड़िया शाम 6:37 बजे से रात 8:03 बजे तक है।
- शाम को शुभ चौघड़िया रात 9:29 बजे से रात 10:55 बजे तक है।
- दोपहर में अमृत काल दोपहर 12:50 बजे से दोपहर 2:23 बजे तक है।
- शाम को गोधूलि मुहूर्त शाम 6:37 बजे से शाम 7 बजे तक है।
- जिस दिन आप गणेशजी का विसर्जन करें, उस दिन विधिवत पूजा करने के बाद ही हवन करें।
- इसके बाद एक लकड़ी का स्टूल लें, उस पर स्वस्तिक बनाएं और चावल के दाने रखें, फिर उसके ऊपर गुलाबी रंग का कपड़ा बिछाएं। कपड़े के चारों ओर सुपारी रखें।
- फिर, जय बोलते हुए, इस स्टूल पर गणेशजी की मूर्ति स्थापित करें।
- इसके बाद गणेशजी की फिर से आरती करें और उन्हें भोग लगाएं। उनके सामने फल और मोदक रखें। गणेशजी को नए वस्त्र पहनाएं।
- एक रेशमी कपड़ा लें और उसमें कुछ फूल, मोदक, सुपारी और फल डालकर गणेशजी के पास रखें।
- इसके बाद हाथ जोड़कर गणपतिजी से प्रार्थना करें। फिर पूजा के दौरान हुई किसी भी भूल के लिए गणेशजी से क्षमा याचना करें। फिर गणेशजी के दाहिने कान में अपनी मनोकामना कहें और मंत्रोच्चार करते हुए उन्हें विसर्जन स्थल पर ले जाएं।
- विसर्जन के समय कपूर से गणेशजी की आरती करें। फिर उन्हें विसर्जित करें। जिस चौकी पर आप उन्हें बिठाकर घर ले गए थे, उसे वापस लाकर सुरक्षित रख दें।
अन्य प्रमुख खबरें
Aaj Ka Rashifal 6 June 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन
2026-06-05
Panchang 6 June 2026: शनिवार 6 जून 2026 का पंचांग, जानें विशेष पर्व एवं राहुकाल
2026-06-05
Aaj Ka Rashifal 5 June 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन
2026-06-04
Panchang 5 June 2026: शुक्रवार 5 जून 2026 का पंचांग, जानें विशेष पर्व एवं राहुकाल
2026-06-04
Aaj Ka Rashifal 4 June 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन
2026-06-03
Panchang 4 June 2026: गुरुवार 4 जून 2026 का पंचांग, जानें विशेष पर्व एवं राहुकाल
2026-06-03
Aaj Ka Rashifal 3 June 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन
2026-06-02
Panchang 3 June 2026: बुधवार 3 जून 2026 का पंचांग, जानें विशेष पर्व एवं राहुकाल
2026-06-02
Aaj Ka Rashifal 2 June 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन
2026-06-01
Panchang 2 June 2026: मंगलवार 2 जून 2026 का पंचांग, जानें विशेष पर्व एवं राहुकाल
2026-06-01
Aaj Ka Rashifal 1 June 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन
2026-05-31
Panchang 1June 2026: सोमवार 1 जून 2026 का पंचांग, जानें विशेष पर्व एवं राहुकाल
2026-05-31
Aaj Ka Rashifal 31 May 2026 : इन राशियों को आज होगा आर्थिक लाभ, जानें कैसा रहेगा आपका दिन
2026-05-30
Panchang 31 May 2026: रविवार 31 मई 2026 का पंचांग, जानें विशेष पर्व एवं राहुकाल
2026-05-30
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में नजर आएगा दुर्लभ ब्लू मून, जानें क्यों है इतना खास
2026-05-30