TMC को एक और झटका! चंद्रिमा भट्टाचार्य ने प्रदेश अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, ममता बनर्जी को लिखा पत्र

खबर सार :-

पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की राज्य अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही, उन्होंने पार्टी में अपने सभी अन्य पदों से भी इस्तीफा देने की घोषणा की है। उन्होंने पत्र लिखकर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अपने फैसले की जानकारी दी।
TMC को एक और झटका! चंद्रिमा भट्टाचार्य ने प्रदेश अध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा, ममता बनर्जी को लिखा पत्र

खबर विस्तार : -

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के अंदर चल रही राजनीतिक उथल-पुथल के बीच एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। शनिवार को पार्टी की राज्य अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

उन्होंने एक पत्र के जरिए पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को राज्य अध्यक्ष का पद छोड़ने के अपने फैसले की जानकारी दी। साथ ही, उन्होंने सभी प्रशासनिक जिम्मेदारियों से मुक्त किए जाने का अनुरोध किया, जिसमें पार्टी और उसकी विभिन्न इकाइयों के बैंक खातों के लिए हस्ताक्षरकर्ता की भूमिका और चुनाव आयोग के समक्ष पार्टी का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी शामिल है।

बागी गुट में शामिल हुए सौरव 

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, चंद्रिमा भट्टाचार्य के राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तब तेज हो गई थीं जब उनके बेटे, सौरव बसु हाल ही में ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल के बागी गुट में शामिल हो गए थे। इस पृष्ठभूमि में उनके इस्तीफे ने पार्टी की आंतरिक स्थिति को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा- किसी से शिकायत नहीं

इस्तीफे के बाद मीडिया से बात करते हुए चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि उन्हें किसी खास व्यक्ति या नेता से कोई शिकायत नहीं है। हालांकि, उन्होंने माना कि कुछ परिस्थितियों ने उनकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए थे, जिसके कारण उन्हें पद छोड़ने का फैसला लेना पड़ा। उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या वह भविष्य में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के साथ बनी रहेंगी या नहीं।

ममता के भरोसेमंद नेताओं में रहीं चंद्रिमा

गौरतलब है कि चंद्रिमा भट्टाचार्य को लंबे समय से पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सबसे भरोसेमंद नेताओं में से एक माना जाता रहा है। उन्होंने पिछली सरकार में वित्त और स्वास्थ्य जैसे अहम विभागों के मंत्री के तौर पर काम किया है। पार्टी में बंटवारे और आंतरिक कलह के बीच, ममता बनर्जी ने उन्हें 3 जून को तृणमूल कांग्रेस का राज्य अध्यक्ष नियुक्त किया था; हालांकि, उन्होंने लगभग एक महीने के भीतर ही इस पद से इस्तीफा दे दिया।

ममता बनर्जी की टिप्पणी से उठे सवाल

अहम बात यह है कि ठीक एक दिन पहले ऐसी खबरें आई थीं कि ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने तृणमूल कांग्रेस पार्टी कार्यालय पर कब्जा कर लिया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने टिप्पणी की थी कि "उन लोगों" ने पार्टी कार्यालय बागी गुट को सौंप दिया है। ममता बनर्जी द्वारा "उन लोगों" वाक्यांश के इस्तेमाल से राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गईं कि वह परोक्ष रूप से चंद्रिमा भट्टाचार्य की ओर इशारा कर रही थीं। हालांकि, इस संबंध में पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 

ये भी पढ़ेंः- बंगाल के विधायकों से ओम बिड़ला बोले, समाधान खोजना ही एक आदर्श विधानसभा का लक्ष्य

अन्य प्रमुख खबरें