Parliament Monsoon Session: 20 जुलाई से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र, महिला आरक्षण समेत कई बड़े मुद्दों पर रहेगी नजर

खबर सार :-

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरु हो जाएगा। इस सत्र में महिला आरक्षण विधेयक एक बार फिर से पेश किए जाने की उम्मीद की जा रही है।
Parliament Monsoon Session: 20 जुलाई से शुरू होगा संसद का मानसून सत्र, महिला आरक्षण समेत कई बड़े मुद्दों पर रहेगी नजर

खबर विस्तार : -

Parliament Monsoon Session: संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरु होने जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस बार के सत्र में महिला आरक्षण विधेयक की चर्चा की जा सकती है। इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता, मंत्री और प्रधानमंत्री शामिल होते हैं। इसके साथ ही पीठासीन अधिकारी और आधिकारिक कर्मचारी भी भाग लेते हैं। 

Parliament Monsoon Session: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सांसद के मानसून सत्र को मंजूरी दी

भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा सांसद के मानसून सत्र को मंजूरी मिल गई है। जो 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। इस सत्र में मुख्य रुप से लोकसभा और राज्यसभा के सभी निर्वाचित और मनोनीत सांसद शामिल होंगें। इसमें सत्ता पक्ष, विपक्ष नेता, मंत्री और प्रधानमंत्री शामिल होगें। महिला आरक्षण विधेयक की चर्चा के बीच लोकसभा में 50 फीसदी सीटें बढ़ाने पर भी सरकार विचार कर रही है। हालांकि यह सत्र चार सप्ताह तक चलता है, जिसमें 20 बैठकें होती हैं, लेकिन कहा जा रहा है कि इस बार बैठकों की  संख्या कम हो सकती है। बता दें कि यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों को लेकर आपसी कलह चल रहा है। ऐसे में सदन में हंगामा होने की आशंका जताई जा रही है। 

Parliament Monsoon Session: पार्टियों में आपसी असहमति के कारण कई सांसदों ने अपना दल बदला

हाल ही में टीएमसी के 20 सांसदों ने पार्टी छोड़कर एनडीए का साथ देने का ऐलान किया है। इसके अलावा महाराष्ट्र के राजनीति पर नजर डालें तो शिवसेना यूबीटी के 6 सांसदों ने एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए हैं। आम आदमी पार्टी के राघव चढ्ढा के साथ सात सांसद बीजेपी में शामिल हो गए हैं। इसके बाद अब सपा में भी टूट की सुगबुगाहट मिल रही है। लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को टीएमसी के 20 और शिवसेना यूबीटी के 6 सांसदों के बारे में फैसला करना है। इन बागी सांसदों  ने अलग गुट की होने का प्रस्ताव पहले ही लोकसभा स्पीकर को सौंप दिया है। 

Parliament Monsoon Session: सत्र शुरु होने से पहले ही फैसला सुनाए जाने की उम्मीद

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस पर सत्र शुरु होने से पहले ही फैसला सुनाया जा सकता है। पिछले सत्र की बात करें तो महिला आरक्षण और परिसीमन विधेयक पारित नहीं हो पाया था। लोकसभा में संख्या कम होने के कारण विधेयक पारित नहीं हो सका। हालांकि ऐसा कहा जा रहा है कि अगर इस बार स्पीकर सत्र से पहले ही फैसला करते हैं तो सत्तापक्ष दोनों सदन में मजबूत हो सकता है। जिससे सरकार महिला आरक्षण संविधान संसोधन विधेयक 2029 को लोकसभा में पेश कर सकती है। 

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