Rahu-Ketu Movie Review: कॉमेडी के साथ 'राहु-केतु' का जादुई तड़का, वरुण-पुलकित की जुगलबंदी कर देगी लोटपोट

खबर सार :-
Rahu-Ketu Movie Review: पुलकित सम्राट और वरुण शर्मा की ब्लॉकबस्टर जोड़ी 'राहु केतु' के साथ वापस आ गई है। यह फिल्म आज सिनेमाघरों में रिलीज़ हो गई है। हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में बनी यह फिल्म सिर्फ़ एक कॉमेडी नहीं है, बल्कि दोस्ती और जादुई उथल-पुथल का एक अनोखा सफ़र है।

Rahu-Ketu Movie Review: कॉमेडी के साथ 'राहु-केतु' का जादुई तड़का, वरुण-पुलकित की जुगलबंदी कर देगी लोटपोट
खबर विस्तार : -

Rahu-Ketu Movie Review: वरुण शर्मा (Varun Sharma) और पुलकित सम्राट (Pulkit Samrat) जब भी साथ आते हैं, तो वे कुछ ऐसा करते हैं जो लोगों को हंसा-हंसाकर लोटपोट हो जाते है। 'फुकरे' जैसी सफल फ्रेंचाइजी के बाद पुलकित सम्राट और वरुण शर्मा की जोड़ी कॉमेडी फैंटेसी ड्रामा फिल्म 'राहु केतु' के साथ एक बार फिर बड़े पर्दे पर वापस आ गई है। पुलकित सम्राट, वरुण शर्मा और शालिनी पांडे स्टारर फिल्म ‘राहु केतु’ आज (शुक्रवार 16 जनवरी) सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। कॉमेडी के साथ इस बार करप्शन को खत्म करने का भी तड़का हंसी मजाक के साथ बखूबी लगाया गया है। फिल्म का निर्देशन विपुल विज ने किया है।

Rahu-Ketu Movie Review: 'राहु-केतु' फिल्म की कहानी

फिल्म की शुरुआत पीयूष मिश्रा की खास आवाज में सुनाए गए टाइटल सॉन्ग से होती है, जिसे एनिमेशन और कठपुतली शैली में पेश किया गया है। यह प्रयोग तुरंत दर्शकों को फिल्म की अनोखी दुनिया में खींच लेता है और आगे की कहानी के लिए उत्सुकता पैदा करता है। फिर कहानी हिमाचल प्रदेश के एक शांत गांव में पहुंचती है, जहां चाचा (पीयूष मिश्रा) अपने गधे के साथ लेखक चुरू लाल शर्मा (मनु ऋषि चड्ढा) के घर आते हैं। 

उनके पास एक रहस्यमयी जादुई किताब है, जिसके बारे में माना जाता है कि उसमें लिखा हर शब्द सच हो जाता है। चुरू लाल अपने चाचा को बताता है कि यह किताब अब उसके लिए मुसीबत का सबब बन गई है। उसने अपनी कल्पना में जो दो किरदार बनाए थे, राहु (वरुण शर्मा) और केतु (पुलकित सम्राट), उन्होंने फिक्शन की हदें तोड़ दी हैं और अब असली दुनिया में मनाली की सड़कों पर घूम रहे हैं, और अपना 'अशुभ' असर फैला रहे हैं।

करप्शन के साथ कॉमेडी का तड़का

उसके चाचा चुरू लाल को कहानी लिखने का एक तरीका बताते हैं ताकि राहु और केतु की शक्तियों का इस्तेमाल भ्रष्ट और बेईमान लोगों के खिलाफ किया जा सके। यहीं से उनका अनोखा एडवेंचर शुरू होता है, जहां किताब में लिखा हर शब्द हकीकत बन जाता है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब जादुई किताब चोरी हो जाती है, और स्थिति पूरी तरह पलट जाती है। इस उथल-पुथल से अराजकता, ड्रामा और ढेर सारी कॉमेडी पैदा होती है।

Rahu-Ketu Movie Review: वरुण- पुलकित की जोड़ी ने फिर छोड़ी छाप

पीयूष मिश्रा, चाचा के रोल में, फिल्म की रीढ़ की हड्डी साबित होते हैं, और हर सीन में अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराते हैं। वरुण शर्मा और पुलकित सम्राट राहु और केतु के रोल में एकदम फिट बैठते हैं और फिल्म की कॉमिक एनर्जी को बनाए रखते हैं। शालिनी पांडे 'मीनू टैक्सी' के रोल में नेचुरल और असरदार हैं। चंकी पांडे मोरदेचाई  के रूप में एक अलग अंदाज में मनोरंजन करते हैं, जबकि अमित सियाल (भ्रष्ट SHO) और सुमित गुलाटी (कांस्टेबल) अपने-अपने किरदारों से कहानी को सपोर्ट करते हैं। सिनेमैटोग्राफी हिमाचल प्रदेश की खूबसूरती को बखूबी कैप्चर करती है। बैकग्राउंड स्कोर और टेक्निकल पहलुओं पर भी ध्यान दिया गया है। फिल्म के गाने कहानी की गति बनाए रखते हैं और सुनने में अच्छे लगते हैं।

Rahu-Ketu Movie Review: आखिरी क्यों देखें फिल्म

'राहु केतु' अपनी तेज़ रफ़्तार घटनाओं से दर्शकों को आखिर तक जोड़े रखती है। फिल्म कल्पना, व्यंग्य और हल्की-फुल्की कॉमेडी का मिश्रण पेश करती है जो रोज़मर्रा के तनाव से कुछ समय के लिए राहत देती है। अगर आप अपने परिवार के साथ बैठकर बिना ज़्यादा सोचे-समझे हंसना चाहते हैं, तो 'राहु केतु' एक आरामदायक सिनेमाई विकल्प हो सकती है।
 

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