Yvette Cooper: भारत और ब्रिटेन के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत ब्रिटेन की विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास मामलों की मंत्री यवेट कूपर बुधवार को दो दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचीं। इस दौरान वह विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगी तथा गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस उच्चस्तरीय यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही भारत और ब्रिटेन के बीच आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाने तथा मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि भारत और ब्रिटेन के संबंध केवल व्यापारिक समझौतों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, निवेश, शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी सहित कई क्षेत्रों में मजबूत सहयोग मौजूद है। उन्होंने कहा कि दोनों देश अपनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।
जायसवाल ने बताया कि Yvette Cooper की यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन व्यापार एवं निवेश के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं और इस यात्रा से द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
इससे पहले केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार एवं वाणिज्य मंत्री पीटर काइल के बीच भी महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-ब्रिटेन आर्थिक सहयोग के अगले चरण, व्यापारिक प्राथमिकताओं और निवेश के अवसरों पर चर्चा की थी। पीयूष गोयल ने बैठक को बेहद सकारात्मक बताते हुए कहा था कि दोनों देश आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
भारत और ब्रिटेन के बीच जुलाई 2025 में व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) पर हस्ताक्षर हुए थे। इस समझौते को दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से दोनों देशों के कारोबारियों और निवेशकों को नए अवसर प्राप्त हुए हैं, जिससे द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना है।
सुरक्षा और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में भी दोनों देशों के संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। हाल ही में 23 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली में भारत और ब्रिटेन के बीच वार्षिक रणनीतिक संवाद आयोजित किया गया था। इस बैठक में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और उनके ब्रिटिश समकक्ष जोनाथन पॉवेल ने हिस्सा लिया था। दोनों पक्षों ने रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और सुदृढ़ बनाने, आतंकवाद विरोधी प्रयासों को मजबूत करने तथा क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया था।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यवेट कूपर की भारत यात्रा दोनों देशों के बीच बढ़ते विश्वास और मजबूत होते संबंधों का प्रतीक है। माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान होने वाली वार्ताओं से भारत-ब्रिटेन साझेदारी को और मजबूती मिलेगी तथा व्यापार, निवेश, सुरक्षा और वैश्विक सहयोग के नए आयाम खुलेंगे।
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