Twisha Sharma Death Case:परिवार ने लगाए गंभीर आरोप,  SIT मांगेगी समर्थ सिंह की कस्टडी

खबर सार :-
पूरे प्रदेश की नजर ट्विशा शर्मा मौत मामले पर टिकी हुई है। पीड़ित परिवार लगातार निष्पक्ष जांच और त्वरित न्याय की मांग कर रहा है, जबकि पुलिस और प्रशासन पर भी पारदर्शी कार्रवाई का दबाव बढ़ता जा रहा है।

Twisha Sharma Death Case:परिवार ने लगाए गंभीर आरोप,  SIT मांगेगी समर्थ सिंह की कस्टडी
खबर विस्तार : -

भोपालः भोपाल और जबलपुर में सुर्खियों में बने ट्विशा शर्मा मौत मामले ने अब और तूल पकड़ लिया है। मामले में मृतका ट्विशा शर्मा के परिवार ने आरोपी समर्थ सिंह, उसकी मां और समर्थकों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि पूरे घटनाक्रम में आरोपी को बचाने की कोशिश की जा रही है और कोर्ट परिसर में जो कुछ हुआ, वह सुनियोजित शक्ति प्रदर्शन था। वहीं दूसरी ओर, पुलिस अब आरोपी समर्थ सिंह से गहन पूछताछ की तैयारी में जुट गई है और उसे भोपाल कोर्ट में पेश कर सात दिन की पुलिस रिमांड मांगी जाएगी।

परिजन बोले- हमारे खिलाफ बनाया जा रहा माहौल

ट्विशा शर्मा के जीजा सौरभ शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि जबलपुर कोर्ट परिसर में हुआ हंगामा अचानक नहीं था, बल्कि पिछले कई दिनों से तैयार किए जा रहे माहौल का परिणाम था। उन्होंने आरोप लगाया कि समर्थ सिंह और उसके समर्थक किसी भी कीमत पर उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं। सौरभ शर्मा ने दावा किया कि वह खुद कोर्ट परिसर में मौजूद थे और उन्होंने देखा कि समर्थ सिंह को एक बंद कमरे में बैठाकर रखा गया था, जहां किसी को भी उससे मिलने की अनुमति नहीं थी।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जिस आरोपी पर इनाम घोषित हो चुका था, वह पुलिस से बचते हुए सीधे कोर्ट तक कैसे पहुंच गया। उनके मुताबिक, अगर समर्थ वास्तव में कानून का पालन करना चाहता था तो उसे सीधे थाने में जाकर सरेंडर करना चाहिए था। लेकिन उसका सीधे कोर्ट पहुंचना कई संदेह पैदा करता है। सौरभ शर्मा ने आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम में सुरक्षा व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं थी और आरोपी को विशेष संरक्षण दिए जाने जैसा माहौल दिखाई दे रहा था।

जांच प्रक्रिया पर सवाल

ट्विशा के चचेरे भाई आशीष शर्मा ने भी जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मामले में शुरुआत से ही कार्रवाई में देरी हुई, जिससे परिवार की चिंता बढ़ी। हालांकि उन्होंने हाल ही में न्यायपालिका द्वारा लिए गए कुछ फैसलों का स्वागत किया, खासकर दूसरे पोस्टमार्टम की मंजूरी को महत्वपूर्ण बताया। आशीष शर्मा ने उम्मीद जताई कि सीबीआई जल्द ही जांच अपने हाथ में लेगी और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी।

आशीष शर्मा ने कोर्ट परिसर में पत्रकारों के साथ हुई कथित मारपीट का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि आरोपी समर्थकों द्वारा ऐसा माहौल बनाया गया, जिससे दबाव और भय का संदेश जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी कई घंटों तक कोर्ट में आराम से बैठा रहा, जबकि पीड़ित पक्ष को न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

मृतका के चाचा ओकेश शर्मा ने कोर्ट परिसर में हुए घटनाक्रम को “सिर्फ हंगामा नहीं बल्कि शक्ति प्रदर्शन” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष के लोगों ने उनके वकील को भी धमकाने की कोशिश की। ओकेश शर्मा ने कहा कि यह पूरा परिवार आपराधिक प्रवृत्ति का है और उनका समर्थन करने वाले लोग भी माफिया मानसिकता रखते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पीड़ित परिवार और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

फास्ट-ट्रैक कोर्ट में केस चलाने की मांग

ट्विशा शर्मा की बहन स्वाति शर्मा ने मामले की जल्द सुनवाई की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और मामले को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चलाया जाना चाहिए। स्वाति शर्मा का कहना है कि देश में ऐसे कई मामले वर्षों तक अदालतों में लंबित रहते हैं, जिससे पीड़ित परिवार मानसिक और सामाजिक रूप से टूट जाता है। उन्होंने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और त्वरित न्याय की मांग की।

इधर, मामले के मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को शुक्रवार देर रात कड़ी सुरक्षा के बीच भोपाल लाया गया। जबलपुर कोर्ट में सरेंडर की कोशिश के दौरान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। इसके बाद देर रात उसे कटारा हिल्स थाने में रखा गया। अब पुलिस उसे भोपाल कोर्ट में पेश करेगी और सात दिन की पुलिस रिमांड की मांग करेगी।

एसआईटी करेगी कस्टडी की मांग

एसआईटी प्रमुख और मिसरोद एसीपी रजनीश कश्यप ने बताया कि जांच टीम को आरोपी से कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूछताछ करनी है। उन्होंने कहा कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा, घटनास्थल से मिले सबूत, सीसीटीवी फुटेज और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों को जोड़कर जांच की जा रही है। ऐसे में आरोपी की कस्टोडियल पूछताछ बेहद जरूरी है ताकि मामले की सच्चाई सामने लाई जा सके।

रजनीश कश्यप के मुताबिक, पुलिस यह भी जानने की कोशिश करेगी कि घटना के बाद आरोपी किन लोगों के संपर्क में था, उसे किसने मदद पहुंचाई और वह फरार रहने के दौरान कहां-कहां छिपा रहा। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जानकारी के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई हैं।

हालांकि मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी है, लेकिन अभी तक औपचारिक आदेश जारी नहीं हुआ है। इसी कारण फिलहाल स्थानीय पुलिस और एसआईटी जांच जारी रखे हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, जैसे ही केंद्र सरकार और सीबीआई की ओर से औपचारिक मंजूरी मिलती है, जांच एजेंसी पूरे मामले को अपने हाथ में ले सकती है।

 

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