भोपालः मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल में हुई ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ा कदम उठाते हुए जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की सिफारिश कर दी है। शुक्रवार को जारी आधिकारिक बयान में राज्य के गृह विभाग ने बताया कि केंद्र सरकार को औपचारिक संदेश भेजकर मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का अनुरोध किया गया है। इस फैसले को राज्य सरकार द्वारा निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह मामला 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित बाग मुगालिया एक्सटेंशन में हुई ट्विशा शर्मा की मौत से जुड़ा है। घटना के बाद से ही यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है और मृतका के परिवार की ओर से दहेज उत्पीड़न और प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले ने प्रदेशभर में लोगों का ध्यान खींचा है और विभिन्न सामाजिक संगठनों तथा आम नागरिकों द्वारा निष्पक्ष जांच की मांग उठाई जा रही थी।
सरकारी बयान के अनुसार, कटारा हिल्स पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 133/2026 के तहत पहले ही आपराधिक मामला दर्ज किया जा चुका है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 80(2), 85 और 3(5) के तहत आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा दहेज निषेध अधिनियम, 1961 की धारा 3 और 4 भी मामले में जोड़ी गई हैं। पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण में दहेज उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना और संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से जुड़े आरोप शामिल हैं।
मध्य प्रदेश सरकार ने अपने बयान में कहा कि “भोपाल के कटारा हिल्स स्थित बाग मुगालिया एक्सटेंशन में 12 मई को हुई दहेज से जुड़ी मौत की घटना के संबंध में दर्ज मामले की जांच को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का प्रस्ताव दिया गया है।” सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 की धारा 6 के तहत अपनी सहमति प्रदान कर दी है।
इस कानूनी प्रक्रिया के तहत दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना, जिसके अंतर्गत सीबीआई कार्य करती है, को पूरे मध्य प्रदेश में इस मामले की जांच करने के लिए अपने अधिकारों और शक्तियों का प्रयोग करने की अनुमति मिल जाएगी। अधिसूचना में कहा गया है कि जांच केवल कथित अपराध तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मामले से जुड़ी किसी भी उकसाने वाली कार्रवाई, आपराधिक साजिश या अन्य संबंधित गतिविधियों की भी जांच की जाएगी।
राज्य सरकार का यह फैसला उस समय सामने आया है जब कुछ दिन पहले ट्विशा शर्मा के परिवार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। परिवार का आरोप है कि ट्विशा को लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और उसकी मौत सामान्य घटना नहीं बल्कि गंभीर साजिश का परिणाम हो सकती है। परिवार ने मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की आवश्यकता पर जोर दिया था।
ट्विशा शर्मा की मौत ने समाज में दहेज प्रथा और महिलाओं के खिलाफ होने वाले उत्पीड़न को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कई महिला संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि सीबीआई जांच से मामले की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच किए जाने से सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल संभव होगी और यदि किसी प्रकार की साजिश या दबाव की स्थिति सामने आती है तो उसे भी उजागर किया जा सकेगा।
अब औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने और मध्य प्रदेश पुलिस से संबंधित दस्तावेज प्राप्त होने के बाद सीबीआई इस मामले की कमान औपचारिक रूप से संभाल सकती है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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