Tiruvallur gas leak case: जांच के लिए ओडिशा की टीम रवाना, कई मजदूरों की हालत नाजूक

खबर सार :-
तमिलनाडु सरकार ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस और सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह रिसाव सीफूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट करने वाली एक फैक्ट्री में हुआ, जहाँ बड़ी संख्या में प्रवासी मज़दूर काम करते हैं। घटना के समय, फैक्ट्री परिसर में लगभग 120 मजदूर मौजूद थे—जिनमें असम, ओडिशा और झारखंड की महिलाएँ भी शामिल थीं।
Tiruvallur gas leak case: जांच के लिए ओडिशा की टीम रवाना, कई मजदूरों की हालत नाजूक
खबर विस्तार : -

तिरुवल्लूर: तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले के पेरियापलायम क्षेत्र स्थित एक सीफूड एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग यूनिट में रविवार को अमोनिया गैस रिसाव की गंभीर घटना सामने आई, जिसमें कम से कम छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य कर्मचारी अस्पताल में भर्ती हैं। घटना के बाद तमिलनाडु सरकार ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, प्रभावित मजदूरों में बड़ी संख्या में ओडिशा के श्रमिक शामिल होने के कारण ओडिशा सरकार ने भी एक विशेष टीम को जांच और राहत कार्यों के समन्वय के लिए चेन्नई भेजा है।

घटना के समय मौजूद थे 120 कर्मचारी

जानकारी के अनुसार, गैस रिसाव की घटना उस समय हुई जब फैक्ट्री परिसर में लगभग 120 कर्मचारी मौजूद थे। इनमें असम, ओडिशा और झारखंड की कई महिला श्रमिक भी शामिल थीं। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि अमोनिया गैस का रिसाव यूनिट के रेफ्रिजरेशन या प्रोसेसिंग सिस्टम से शुरू हुआ और देखते ही देखते फैक्ट्री के कई हिस्सों में फैल गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गैस के संपर्क में आने के बाद कर्मचारियों को सांस लेने में कठिनाई, आंखों और शरीर में जलन तथा चक्कर आने जैसी समस्याएं होने लगीं। कुछ श्रमिकों के मुंह और नाक से खून बहने की भी सूचना मिली है, जिससे गैस रिसाव की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई और प्रभावित कर्मचारियों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।

चैन्नई भेजी गई टीम

ओडिशा सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए श्रम एवं कर्मचारी राज्य बीमा (ईएसआई) विभाग के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल के नेतृत्व में एक टीम को चेन्नई भेजा है। टीम के सदस्य एमएम पाइक चेन्नई में रहकर श्रम विभाग के संयुक्त आयुक्त और सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधिकारियों के साथ पोस्टमार्टम तथा अन्य आवश्यक औपचारिकताओं का समन्वय करेंगे।

इसके अलावा, राजेश अग्रवाल और बीबी आचार्य तिरुवल्लूर पहुंचकर अस्पतालों में भर्ती घायल श्रमिकों की स्थिति का जायजा लेंगे। अधिकारियों के अनुसार, कुछ घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। एक मृतक श्रमिक का शव भी तिरुवल्लूर में रखा गया है, जिसकी आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

राहत और सहायता के किए इंतजाम

प्रशासन की ओर से प्रभावित श्रमिकों के लिए राहत और सहायता के इंतजाम किए गए हैं। लगभग 130 कर्मचारियों को एक सामुदायिक भवन में ठहराया गया है, जहां उनके लिए भोजन, आवास और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। ओडिशा और तमिलनाडु के श्रम विभागों के वरिष्ठ अधिकारी लगातार संपर्क में हैं और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने घटना पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी प्रभावित मजदूरों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, हादसे के कारणों की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित करने का आदेश भी दिया गया है।

जांच के बाद होगा खुलासा

मुख्यमंत्री ने जांच समिति को तत्काल घटनास्थल का निरीक्षण कर 24 घंटे के भीतर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। समिति फैक्ट्री में लागू सुरक्षा मानकों, रखरखाव प्रक्रियाओं और संभावित लापरवाहियों की जांच करेगी। इस बीच पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कहीं औद्योगिक सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के कारण यह दुर्घटना तो नहीं हुई।

यह हादसा एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों और जिम्मेदारियों का स्पष्ट पता चल सकेगा।


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