रायबरेली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली स्थित लोधवारी गांव में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी वीरा पासी की प्रतिमा के अनावरण के ऐतिहासिक अवसर पर एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया। इस ‘बहुजन स्वाभिमान सभा’ (Bahujan Swabhiman Sabha) को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने देश की आर्थिक स्थिति और लोकतांत्रिक व्यवस्था को लेकर कई गंभीर दावे किए। उन्होंने जनता को आगाह किया कि आने वाले दिनों में देश एक बहुत बड़े आर्थिक संकट की ओर बढ़ सकता है, जिसका सबसे सीधा और घातक असर देश के गरीब, मजदूर और मध्यम वर्ग पर पड़ने वाला है।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि इस समय वैश्विक स्तर पर हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। पश्चिम एशिया (West Asia) में लगातार बढ़ रहा तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच गहराता टकराव पूरी दुनिया के व्यापारिक तंत्र को तहस-नहस कर रहा है। उन्होंने वैश्विक भूगोल और व्यापारिक मार्गों का उदाहरण देते हुए दावा किया कि इस तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से होने वाला व्यापार पूरी तरह प्रभावित हो सकता है। यदि यह समुद्री मार्ग बाधित होता है, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति ठप हो जाएगी और अन्य जरूरी सामानों का आवागमन भी रुक जाएगा। इसका सीधा नतीजा यह होगा कि भारत में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और रोजमर्रा के इस्तेमाल की तमाम चीजें बेहद महंगी हो जाएंगी। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जब देश के सामने इतना बड़ा संकट खड़ा है, तब केंद्र सरकार आम जनता की बुनियादी समस्याओं से पूरी तरह मुंह मोड़े बैठी है।
आर्थिक मोर्चे के साथ-साथ राहुल गांधी ने देश के सामाजिक ताने-बाने और संवैधानिक मूल्यों पर भी अपनी चिंता खुलकर व्यक्त की। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को याद दिलाया कि महान सेनानी वीरा पासी और बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर (Dr. Bhimrao Ambedkar) ने हमेशा समाज में समानता, बंधुत्व और वंचितों के अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित किया था। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान का हर एक नागरिक चाहे वह किसी भी धर्म, मजहब या जाति का हो, पूरी तरह समान है। हर व्यक्ति को उसकी कड़ी मेहनत का पूरा हक और प्रतिफल मिलना ही चाहिए।
मंच से हाथ में संविधान की प्रति (Constitution of India) लहराते हुए कांग्रेस सांसद ने भावुक और कड़े लहजे में कहा कि यह देश किसी एक जाति, पंथ या विशेष संगठन की बपौती नहीं है। यह मुल्क इस धरती पर रहने वाले हर एक इंसान का है। हमारा पावन संविधान भी यही सिखाता है। संविधान केवल एक कानूनी किताब नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों शोषितों, पीड़ितों और आम नागरिकों की बुलंद आवाज है। इसकी रक्षा करना आज के दौर में हर सच्चे देशभक्त और नागरिक का सबसे पहला कर्तव्य बन चुका है।
राहुल गांधी ने सीधे तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि केवल देशभक्ति के खोखले नारे लगाने से देश का भला नहीं होने वाला है। आज देश में जो हालात पैदा कर दिए गए हैं, उसमें बदलाव लाने और जनता के अधिकारों को सुरक्षित रखने का एकमात्र रास्ता संविधान की रक्षा करना ही है। उन्होंने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा की नीतियां संविधान की मूल भावना को भीतर से खोखला और कमजोर कर रही हैं। देश की स्वतंत्र लोकतांत्रिक संस्थाओं पर कब्जा किया जा रहा है और सामाजिक न्याय (Social Justice) के सिद्धांत को दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि यदि आज हम सब एकजुट होकर इन ताकतों के खिलाफ खड़े नहीं हुए, तो आने वाली पीढ़ियां हमें कभी माफ नहीं करेंगी।
रायबरेली के इस दौरे के दौरान राहुल गांधी का एक बेहद आत्मीय और जमीनी रूप भी देखने को मिला। लोधवारी गांव की जनसभा में पहुंचने से पहले, जैसे ही उनका काफिला भरतगंज बाजार (Bharatganj Bazar) के पास से गुजरा, वहां सड़क के दोनों किनारों पर हजारों की संख्या में स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा थी। अपने प्रति जनता के इस असीम उत्साह और प्यार को देखकर राहुल गांधी ने तुरंत सुरक्षा घेरे को दरकिनार करते हुए अपनी गाड़ी को रुकवा दिया। वह अपनी गाड़ी से नीचे उतरे और आम लोगों के बीच जाकर उनसे हाथ मिलाया, उनका अभिवादन स्वीकार किया और उनका हालचाल जाना। स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों ने भी अपने सांसद का गर्मजोशी से स्वागत किया, उन्हें फूलों के हार पहनाए और गुलदस्ते भेंट किए। इस अनौपचारिक मुलाकात के दौरान राहुल ने कई लोगों से रुककर बातचीत की और उनकी स्थानीय समस्याओं को भी गंभीरता से सुना।
एक तरफ जहां राहुल गांधी रायबरेली में अपनी पकड़ मजबूत करने और सरकार को घेरने में जुटे हैं, वहीं दूसरी तरफ पड़ोसी संसदीय क्षेत्र अमेठी (Amethi) में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। अमेठी में कांग्रेस के वर्तमान सांसद किशोरी लाल शर्मा (Kishori Lal Sharma) को लेकर जगह-जगह पोस्टरबाजी देखने को मिल रही है। इन पोस्टरों के जरिए किशोरी लाल शर्मा के अब तक के कार्यकाल और उनके विकास कार्यों की तुलना अमेठी की पूर्व सांसद और भाजपा नेता स्मृति ईरानी (Smriti Irani) के कार्यकाल से की जा रही है। इस पोस्टर पॉलिटिक्स के बाद से पूरे इलाके में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। स्थानीय राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में अमेठी और रायबरेली की धरती पर राजनीतिक मुकाबला और अधिक दिलचस्प और आक्रामक होने वाला है, क्योंकि कांग्रेस इन दोनों ही क्षेत्रों को अपने पारंपरिक गढ़ के रूप में देखती है और इन्हें किसी भी कीमत पर अपने हाथ से जाने नहीं देना चाहती।
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