West Asia Tensions : देश में पेट्रोल-डीजल, एलपीजी की सप्लाई सामान्य, सरकार की नागरिकों से अपील, घबराहट में न करें ईंधनों की खरीद

खबर सार :-
वेस्ट एशिया में तनाव के बीच केंद्र सरकार ने देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के पर्याप्त स्टॉक होने की बात कही है। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि देश में ईंधन की निर्बाध उपलब्धता के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने नागरिकों से अफवाहों से बचने और पेट्रोल, डीजल व एलपीजी की खरीद घबराहट में न करने की अपील की है।

West Asia Tensions : देश में पेट्रोल-डीजल, एलपीजी की सप्लाई सामान्य, सरकार की नागरिकों से अपील, घबराहट में न करें ईंधनों की खरीद
खबर विस्तार : -

West Asia Tensions : पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में बताया कि सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और ईंधन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठा रही है। देश भर के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और खुदरा कीमतों में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। 

देश भर में एलपीजी की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी 

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि देश भर में एलपीजी की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी है और कहीं भी कमी की कोई खबर नहीं है। ऑनलाइन बुकिंग चौबीसों घंटे उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर की डिलीवरी दी जा रही है। एक आधिकारिक बयान में सरकार ने बताया कि 28 अप्रैल 2026 को 50.8 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए। इसके साथ ही 73,000 से ज्यादा 5 किलोग्राम के छोटे एफटीएल सिलेंडर भी लोगों तक पहुंचाए गए। एलपीजी की ऑनलाइन बुकिंग में भी तेजी आई है और यह लगभग 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

एलपीजी की जमाखोरी-कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने उठाए सख्त कदम 

डिलीवरी में पारदर्शिता लाने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) का इस्तेमाल बढ़ा है, जो अब 94 प्रतिशत से अधिक डिलीवरी में लागू हो चुका है। यह कोड उपभोक्ताओं के मोबाइल पर भेजा जाता है, जिससे गैस की हेराफेरी पर रोक लगाई जा सके। बयान में आगे कहा गया है कि एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। एक ही दिन में देश भर में 2200 से ज्यादा छापे मारे गए। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों (ओएमसी) ने 325 एलपीजी वितरकों पर जुर्माना लगाया और 72 वितरकों को निलंबित कर दिया। इसके अलावा कई वितरकों को नोटिस भी जारी किए गए हैं।

5 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडरों की तेजी से बढ़ रही मांग 

5 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडरों की मांग तेजी से बढ़ रही है। फरवरी 2026 में जहां 21.7 लाख सिलेंडर बिके थे, वहीं 1 अप्रैल से अब तक 21.05 लाख सिलेंडर की बिक्री हो चुकी है। सरकारी तेल कंपनियों ने 3 अप्रैल से अब तक 9,550 से ज्यादा जागरूकता शिविर आयोजित किए हैं, जिनमें 1.59 लाख से ज्यादा छोटे सिलेंडर बेचे गए।

इससे गरीब और जरूरतमंद वर्ग तक गैस की पहुंच आसान हुई है। अप्रैल 2026 में वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री 1.84 लाख मीट्रिक टन से अधिक रही, जो लगभग 96.86 लाख 19 किलोग्राम सिलेंडरों के बराबर है। वहीं 28 अप्रैल को अकेले 8,838 मीट्रिक टन एलपीजी की बिक्री हुई।

ऑटो एलपीजी की मांग में 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी

ऑटो एलपीजी की मांग में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। अप्रैल में इसकी औसत बिक्री 353 मीट्रिक टन प्रतिदिन रही, जबकि जनवरी-फरवरी में यह 177 मीट्रिक टन प्रतिदिन थी। यानी इसमें करीब 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। बयान में कहा गया है कि सरकार वैकल्पिक ईंधनों को भी बढ़ावा दे रही है।

मार्च 2026 से अब तक 5.69 लाख नए पीएनजी कनेक्शन शुरू किए जा चुके हैं और 2.65 लाख अतिरिक्त कनेक्शन के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। कुल कनेक्शन अब 8.34 लाख तक पहुंच चुके हैं। इसके अलावा 42,950 से अधिक उपभोक्ताओं ने अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर पीएनजी को अपनाया है, जिससे एलपीजी पर दबाव कम हो रहा है।

सरकार की नागरिकों से अपील, पेट्रोल, डीजल, एलपीजी की घबराहट में न करें खरीदारी 

सरकार ने कहा है कि देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं। 9 अप्रैल से अब तक मुंबई, कोच्चि, विशाखापत्तनम, चेन्नई और मथुरा की रिफाइनरियों से 8,900 मीट्रिक टन से अधिक प्रोपलीन और 950 मीट्रिक टन से ज्यादा ब्यूटाइल एक्रिलेट की सप्लाई रसायन, फार्मा और पेंट उद्योगों को की जा चुकी है।

इसके साथ ही, सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की घबराहट में खरीदारी न करें। साथ ही अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। एलपीजी उपभोक्ताओं को डिजिटल बुकिंग का उपयोग करने और वैकल्पिक ईंधनों जैसे पीएनजी, इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। साथ ही सभी से ऊर्जा बचाने की अपील भी की गई है।

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