Pranit More Comedy Show Controversy: MBBS छात्रा सेजल पवार पर एक्शन, KEM अस्पताल ने की कार्रवाई

खबर सार :-
MBBS छात्रा सेजल पवार का वीडियो वायरल होने के बाद उन पर एक्शन लिया गया है। KEM अस्पताल ने अपने बयान में कहा कि मरीजों, मृत व्यक्तियों, देहदान करने वालों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान चिकित्सा शिक्षा और चिकित्सा पेशे का मूल आधार है। ऐसे में किसी भी ऐसी घटना को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ देखा जाएगा, जिससे इन मूल्यों पर प्रश्नचिह्न खड़े हों।
Pranit More Comedy Show Controversy: MBBS छात्रा सेजल पवार पर एक्शन, KEM अस्पताल ने की कार्रवाई
खबर विस्तार : -

Pranit More Comedy Show Controversy: मुंबई के किंग एडवर्ड मेमोरियल (KEM) अस्पताल प्रशासन ने एमबीबीएस तृतीय वर्ष की छात्रा सेजल पवार के विवादित वीडियो को लेकर सामने आए विवाद पर सख्त रुख अपनाया है। अस्पताल प्रशासन ने कहा है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच शुरू कर दी गई है और विस्तृत जांच पूरी होने तक छात्रा को 15 दिनों के अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया गया है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो

अस्पताल प्रशासन द्वारा जारी प्रेस नोट के अनुसार, एक कॉमेडी कार्यक्रम के दौरान सेजल पवार द्वारा की गई टिप्पणियों और उससे जुड़े वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों की ओर से कई शिकायतें और आपत्तियां प्राप्त हुई थीं। संस्थान ने इन चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल प्रारंभिक तथ्य जांच प्रक्रिया शुरू की।

प्रेस नोट में बताया गया कि शिकायत मिलने के तुरंत बाद संबंधित छात्रा को बुलाकर उसका स्पष्टीकरण लिया गया। इसके साथ ही छात्रा का लिखित माफीनामा भी दर्ज किया गया। प्रशासन ने वायरल वीडियो तथा उससे संबंधित अन्य उपलब्ध सामग्री की समीक्षा कर मामले के तथ्यों को समझने का प्रयास किया।

संस्थान ने कहा कि प्रारंभिक जांच के दौरान यह महसूस किया गया कि मामला अत्यंत संवेदनशील है और इससे चिकित्सा शिक्षा की गरिमा, मृत व्यक्तियों के सम्मान तथा देहदान करने वाले लोगों और उनके परिजनों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए छात्रा के खिलाफ अंतरिम अनुशासनात्मक एवं प्रशासनिक कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया।

विस्तृत जांच के आदेश

इसके तहत सेजल पवार को 13 जून से प्रभावी 15 दिनों के अनिवार्य अवकाश पर भेजा गया है। यह आदेश विस्तृत जांच पूरी होने और आगे के निर्देश जारी होने तक लागू रहेगा। अस्पताल प्रशासन के अनुसार शनिवार सुबह 10:30 बजे छात्रा को इस अवधि के लिए उसके माता-पिता एवं अभिभावकों की निगरानी में सौंप दिया गया।

अस्पताल ने यह भी स्पष्ट किया कि छात्रा को संस्थागत जांच में पूरा सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच समिति द्वारा बुलाए जाने पर उसे व्यक्तिगत रूप से अथवा ऑनलाइन माध्यम से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा। प्रशासन का कहना है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित पक्षों से आवश्यक जानकारी एकत्र की जाएगी।

मामले की व्यापक जांच के लिए अस्पताल प्रशासन ने पांच सदस्यीय जांच समिति गठित करने का प्रस्ताव भी भेजा है। प्रस्तावित समिति में संस्थान के वरिष्ठ फैकल्टी सदस्य, एक बाहरी विशेषज्ञ सदस्य तथा अन्य प्रतिनिधि शामिल होंगे। समिति को मामले के सभी पहलुओं की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

निष्पक्ष तरीके से होगी जांच

प्रशासन के अनुसार समिति केवल वायरल वीडियो की सामग्री की ही समीक्षा नहीं करेगी, बल्कि वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसार, उससे उत्पन्न प्रभाव, संबंधित परिस्थितियों तथा संभावित संस्थागत नियमों के उल्लंघन की भी जांच करेगी। जांच पूरी होने के बाद समिति अपनी रिपोर्ट और सिफारिशें संस्थान को सौंपेगी।

अस्पताल प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल जांच प्रक्रिया जारी है और अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी), महाराष्ट्र स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (एमयूएचएस), बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) तथा संस्थान के प्रचलित नियमों और दिशानिर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने कहा कि संस्थान निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमसम्मत प्रक्रिया का पालन करेगा तथा जांच पूरी होने के बाद ही मामले में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल पूरे घटनाक्रम पर चिकित्सा समुदाय, छात्रों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं की नजर बनी हुई है।

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