नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कथित अंतरराष्ट्रीय नार्को-टेरर नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब के अमृतसर में एक संपत्ति को कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई सालाया ड्रग जब्ती मामले की जांच के तहत की गई है। जांच एजेंसी ने इस संपत्ति को आतंकवाद से अर्जित संपत्ति बताते हुए गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत जब्त किया है।
NIA के अनुसार, अमृतसर के होली सिटी, होली एन्क्लेव फेज-1 स्थित मकान संख्या-33 को यूएपीए की धारा 25(1) के तहत कुर्क किया गया है। एजेंसी ने बताया कि यह कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई, जिसमें स्वतंत्र गवाहों और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी सुनिश्चित की गई।
जांच एजेंसी के मुताबिक, यह संपत्ति आरोपी अंकुश कपूर के पिता के नाम पर दर्ज है। NIA का दावा है कि अंकुश कपूर भारत में सक्रिय एक बड़े नार्को-टेरर नेटवर्क का प्रमुख संचालक था, जिसके तार कई देशों से जुड़े हुए पाए गए हैं। इस नेटवर्क के संपर्क इटली, ऑस्ट्रेलिया, ईरान, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और पाकिस्तान जैसे देशों तक फैले होने की बात सामने आई है।
NIA की जांच में सामने आया कि अंकुश कपूर के संबंध दुबई में मौजूद एक आरोपी से थे, जिसका संबंध आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से बताया गया है। एजेंसी के अनुसार, अंकुश कपूर की भूमिका मादक पदार्थों की तस्करी, उनके परिवहन, भंडारण और वितरण में महत्वपूर्ण थी। इसके अलावा उस पर आतंकवादी गतिविधियों के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने से जुड़े मामलों में भी संलिप्तता का आरोप है।
जांच में यह भी सामने आया कि ड्रग तस्करी से हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल भारत में आतंकी गतिविधियों को वित्तीय मदद देने के लिए किया जा रहा था। NIA के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क में एक संगठित वित्तीय और लॉजिस्टिक ढांचा काम कर रहा था, जिसके जरिए अवैध धन को अलग-अलग माध्यमों से इस्तेमाल किया जाता था।
NIA ने इससे पहले अंकुश कपूर के खिलाफ आतंकवादी फंडिंग, आपराधिक साजिश, गैरकानूनी गतिविधियों में सहयोग और आतंकी नेटवर्क को मदद पहुंचाने के आरोपों में आरोपपत्र दाखिल किया था। उसके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत भी मामले दर्ज किए गए हैं।
NIA ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई का उद्देश्य देश में सक्रिय आतंकी संगठनों के आर्थिक और आपराधिक नेटवर्क को कमजोर करना है। एजेंसी के मुताबिक, आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले वित्तीय स्रोतों और सहायता तंत्र को खत्म करना उसकी प्राथमिकता है।
जांच एजेंसी लगातार ऐसे नेटवर्क पर नजर रख रही है, जो मादक पदार्थों की तस्करी और आतंकवादी गतिविधियों के बीच संबंध स्थापित करने का प्रयास करते हैं। NIA का कहना है कि देश की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की आतंकी फंडिंग या अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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