NASA Artemis-II Mission: नासा ने अंतरिक्ष की दुनिया में एक बार फिर इतिहासिक कदम बढ़ा दिया है। इस समय पूरी दुनिया का ध्यान NASA के महत्वाकांक्षी आर्टेमिस-II मिशन पर है। लगभग पांच दशकों (50 साल) में पहली बार इंसानों को चंद्रमा की ओर ले जा रहा यह मिशन न केवल तकनीकी रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि भावनात्मक स्तर पर भी मानवता के लिए एक ऐतिहासिक क्षण साबित हो रहा है।
इस बीच इस मिशन पर सवार अंतरिक्ष यात्रियों ने अंतरिक्ष से पृथ्वी की कुछ अविश्वसनीय और दुर्लभ तस्वीरें वापस भेजी हैं, जिन्होंने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। पहली तस्वीर में जिसे मिशन कमांडर रीड वाइज़मैन ने खींचा है। ओरियन कैप्सूल की खिड़की से पृथ्वी की गोलाई दिखाई दे रही है। अंतरिक्ष से देखने पर यह नजारा एक ही समय में हमारे ग्रह की विशालता और उसकी नाजुकता, दोनों को उजागर करता है। दूसरी तस्वीर और भी अधिक मनमोहक है, जिसमें पूरी पृथ्वी का स्पष्ट नज़ारा दिखाई देता है। नीले महासागर, सफेद बादलों की परतें और चमकते हरे ऑरोरा ये सभी मिलकर एक सचमुच शानदार दृश्य बनाते हैं। NASA के अनुसार, अंतरिक्ष से यह दृश्य इतना भावुक कर देने वाला था कि इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
रिपोर्टों के अनुसार, यह आधी सदी से भी अधिक समय में पहली बार है जब इंसान चंद्रमा के इतने करीब पहुंचे हैं। NASA ने X पर एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, आर्टेमिस-II के क्रू द्वारा ली गई इस तस्वीर में, पृथ्वी पर मानवीय गतिविधियों की रोशनी दिखाई दे रही है। नीचे, सूरज की रोशनी पृथ्वी के किनारे को रोशन कर रही है। पहली तस्वीर में, तेज शटर स्पीड का इस्तेमाल करके पृथ्वी से निकलने वाली ज़्यादा रोशनी को कैद किया गया है, जबकि दूसरी तस्वीर जिसे धीमी शटर स्पीड पर लिया गया है रात के समय चमकती हुई पृथ्वी का बेहतर चित्रण प्रस्तुत करती है।
एक और तस्वीर में पृथ्वी पर दिन और रात के बीच की साफ़ सीमा दिखाई देती है इस रेखा को 'टर्मिनेटर' कहा जाता है। इस तस्वीर के साथ NASA ने लिखा, चाहे हम जाग रहे हों या सपना देख रहे हों, हम सभी इस ग्रह पर एक साथ हैं। एक्सप्लोरेशन सिस्टम लीडर लकीशा हॉकिन्स ने कहा - यह सोचकर सुकून मिलता है कि हमारे चार अंतरिक्ष यात्रियों को छोड़कर यह तस्वीर हम सभी को अपने दायरे में समेटे हुए है। उन्होंने यह भी बताया कि मिशन बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ रहा है।
शुक्रवार देर शाम तक NASA के अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से लगभग 180,000 किलोमीटर की दूरी तय कर चुके थे; चंद्रमा के करीब पहुंचने के लिए उन्हें अभी 240,000 किलोमीटर और तय करने हैं उम्मीद है कि वे सोमवार तक अपनी मंज़िल पर पहुंच जाएंगे। तीन अमेरिकी और एक कनाडाई सदस्य वाले इस दल ने अपने ओरियन कैप्सूल में सवार होकर चंद्रमा का चक्कर लगाने, 'यूटर्न' लेने और बिना लैंडिंग किए सीधे पृथ्वी पर लौटने की योजना बनाई है। यह दल 1972 में हुए Apollo 17 मिशन के बाद चंद्रमा तक पहुंचने वाला पहला मानव दल बन गया है।
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