LPG Crisis: देश में एलपीजी की कथित किल्लत को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति को लेकर बड़ा स्पष्टीकरण दिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक, देश में एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और उपभोक्ताओं को किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ रहा है।
मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने सोमवार को जानकारी देते हुए बताया कि बीते पांच हफ्तों के दौरान करीब 18 करोड़ एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए हैं। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि देश में सप्लाई चेन सुचारू रूप से काम कर रही है। इसके साथ ही प्रतिदिन लगभग 50 लाख सिलेंडर घर-घर पहुंचाए जा रहे हैं, जिससे मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बना हुआ है।
सरकार ने यह भी बताया कि एलपीजी बुकिंग में डिजिटल माध्यमों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। वर्तमान में कुल बुकिंग में ऑनलाइन बुकिंग की हिस्सेदारी 97 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो अब तक का रिकॉर्ड स्तर है। इससे न केवल उपभोक्ताओं को सुविधा मिल रही है बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित हो रही है। डिलीवरी प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए ओटीपी आधारित सिस्टम लागू किया गया है। करीब 90 प्रतिशत सिलेंडर डिलीवरी इसी प्रणाली के तहत की जा रही है। इससे फर्जी डिलीवरी और सिलेंडर के डायवर्जन पर प्रभावी रोक लगी है।
सप्लाई को सुचारू बनाए रखने के लिए देशभर में एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर को निर्देश दिए गए हैं कि वे रविवार और छुट्टियों के दिन भी खुले रहें। इससे उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सके और किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके। हाल ही में सोशल मीडिया पर एलपीजी की कमी से जुड़े कुछ वीडियो और क्लिप्स वायरल हुए थे, जिनमें सप्लाई बाधित होने का दावा किया जा रहा था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुजाता शर्मा ने कहा कि ये वीडियो भ्रामक हैं और वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाते। उन्होंने बताया कि ऑयल और गैस मार्केटिंग कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें सीएमडी भी शामिल हैं, पिछले दो दिनों से फील्ड में जाकर निरीक्षण कर रहे हैं ताकि जमीनी स्थिति का आकलन किया जा सके। इसके अलावा, केंद्र सरकार लगातार राज्य सरकारों के साथ समन्वय बनाए हुए है। नियमित बैठकें आयोजित की जा रही हैं ताकि सप्लाई चेन में किसी भी तरह की बाधा को तुरंत दूर किया जा सके। साथ ही ब्लैक मार्केटिंग और जमाखोरी जैसी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्रालय ने यह भी स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कुछ चुनौतियां सामने आई हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण एलपीजी आपूर्ति पर असर पड़ा है। इसके चलते सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए कमर्शियल एलपीजी के आवंटन में कुछ कटौती की है। वर्तमान में कमर्शियल एलपीजी का आवंटन मांग के लगभग 70 प्रतिशत तक सीमित कर दिया गया है। हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद सरकार ने सप्लाई बनाए रखने के लिए अतिरिक्त कार्गो की व्यवस्था की है। बीते तीन हफ्तों में करीब 79,900 टन कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति की गई है, जो लगभग 42 लाख 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर के बराबर है। सरकार का कहना है कि मौजूदा हालात में घबराने की कोई जरूरत नहीं है। देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और सप्लाई को लेकर हर स्तर पर निगरानी की जा रही है।
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