देशभर के टोल प्लाजा पर कैश बंद, अब सिर्फ FASTag और UPI से ही होगा भुगतान

खबर सार :-
पूरे देश में नेशनल हाईवे के टोल प्लाज़ा पर टोल टैक्स का भुगतान अब पूरी तरह से डिजिटल हो गया है। शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने इसकी पूरी जानकारी दी है।

देशभर के टोल प्लाजा पर कैश बंद, अब सिर्फ FASTag और UPI से ही होगा भुगतान
खबर विस्तार : -

नई दिल्लीः देशभर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल टैक्स भुगतान व्यवस्था में बड़ा बदलाव लागू कर दिया गया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के अनुसार, 10 अप्रैल 2026 से अब सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा पर यूजर फीस केवल डिजिटल माध्यमों से ही ली जा रही है। यानी अब नकद भुगतान (कैश) पूरी तरह बंद कर दिया गया है और यात्रियों को FASTag या UPI के जरिए ही टोल चुकाना होगा।

कुछ राज्यों में अभी नहीं लागू हुई व्यवस्था

हालांकि, मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल तमिलनाडु, केरल, असम, पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में इस नई व्यवस्था को लागू नहीं किया गया है। इन राज्यों में चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण अस्थायी रूप से पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी।

यह फैसला सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा संयुक्त रूप से लिया गया है। इससे पहले 1 अप्रैल से ही यात्रियों को सलाह दी जा रही थी कि वे डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें, ताकि नई व्यवस्था में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

यात्रियों को होगा लाभ

सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य टोल कलेक्शन सिस्टम को अधिक पारदर्शी और तेज बनाना है। अधिकारियों के अनुसार, पूरी तरह डिजिटल भुगतान लागू होने से टोल प्लाजा पर वाहनों की आवाजाही में तेजी आएगी और लंबी कतारों से राहत मिलेगी। विशेष रूप से पीक आवर्स में ट्रैफिक का प्रवाह अधिक सुचारु रहने की उम्मीद जताई गई है।

इसके अलावा, इस बदलाव से ईंधन की बचत भी होगी, क्योंकि वाहनों को टोल प्लाजा पर लंबे समय तक रुकना नहीं पड़ेगा। इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि प्रदूषण में भी कमी आएगी, जो पर्यावरण के लिए सकारात्मक संकेत है।

UPI के जरिए भी कर सकेंगे भुगतान

हालांकि, शुरुआती दौर में कुछ यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है, खासकर उन लोगों को जो अभी तक डिजिटल भुगतान प्रणाली से पूरी तरह नहीं जुड़े हैं। जिन वाहनों में वैध FASTag नहीं होगा या जिनके टैग में पर्याप्त बैलेंस नहीं होगा, उन्हें जुर्माना देना पड़ सकता है या टोल प्लाजा पर रोका जा सकता है।

ऐसी स्थिति में यात्रियों के पास क्यूआर कोड स्कैन कर UPI के जरिए तुरंत भुगतान करने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा। फिर भी, अधिकारियों ने सलाह दी है कि यात्रा से पहले अपने FASTag को सक्रिय रखें, उसे बैंक खाते से लिंक करें और उसमें पर्याप्त बैलेंस बनाए रखें।

साथ ही, यात्रियों को अपने मोबाइल फोन में एक कार्यशील UPI ऐप रखना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक भुगतान किया जा सके। अधिकारियों ने यह भी चेतावनी दी है कि कभी-कभी नेटवर्क समस्या के कारण UPI ट्रांजैक्शन में देरी हो सकती है, इसलिए पहले से तैयारी करना जरूरी है।

यह नया डिजिटल टोल सिस्टम देश में स्मार्ट और आधुनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और तेज यात्रा अनुभव मिलेगा।

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