जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान लेफ्टिनेंट बीरेश्वर शहीद, दो साल पहले ज्वाइन की थी आर्मी

खबर सार :-
Rajouri Terror Search Operation: लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी एक पतली पहाड़ी पर आतंकवादियों की तलाश कर रही टीम को लीड कर रहे थे, तभी वह फिसलकर एक खाई में गिर गए। उनकी टीम के तुरंत बचाने की कोशिशों के बावजूद, चोटों के कारण उनकी मौत हो गई।
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान लेफ्टिनेंट बीरेश्वर शहीद, दो साल पहले ज्वाइन की थी आर्मी
खबर विस्तार : -

Rajouri Terror Search Operation Sherawali: जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) में पिछले 16 दिनों से चल रहे आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन 'ऑपरेशन शेरावाली' के दौरान शनिवार को आर्मी के एक ऑफिसर शहीद हो गए। शनिवार शाम को राजौरी (Rajouri) में ऑपरेशन के दौरान, ऑफिसर एक दूर पहाड़ी इलाके में सर्च ऑपरेशन को लीड कर रहे थे, तभी वह फिसलकर एक गहरी खाई में गिर गए।

Operation Sherawali: गहरी खाई में गिरे लेफ्टिनेंट

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी (Lieutenant Bireshwar Goswami) 'ऑपरेशन शेरावाली' के तहत आतंकवादियों की तलाश में लगी आर्मी टीम का हिस्सा थे। अपनी ड्यूटी निभाते हुए उनकी जान चली गई। आर्मी अधिकारियों ने बताया कि लेफ्टिनेंट गोस्वामी एक पतली पहाड़ी रिज पर अपनी टीम को लीड कर रहे थे, तभी उनका बैलेंस बिगड़ गया और वह एक गहरी खाई में गिर गए। घटना के तुरंत बाद, उनके साथ मौजूद सैनिकों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और उन्हें निकालने की कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण लेफ्टिनेंट गोस्वामी को बचाया नहीं जा सका।

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और सेना ने दी श्रद्धांजलि 

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में चल रहे काउंटर-टेररिज्म ऑपरेशन के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय सेना के युवा अधिकारी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी को शनिवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि समारोह में, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, जम्मू-कश्मीर पुलिस के डायरेक्टर जनरल (DGP) नलिन प्रभात, व्हाइट नाइट कॉर्प्स के GOC, लेफ्टिनेंट जनरल पी.के. मिश्रा, और सेना के अन्य अधिकारियों ने पुष्पचक्र अर्पित किया और उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी।

उनके सम्मान में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में मौजूद लोगों ने उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी और देश की सुरक्षा के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। सेना ने कहा देश शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी के बलिदान को हमेशा याद रखेगा। उनका समर्पण, अटूट साहस और निस्वार्थ सेवा हमेशा प्रेरणा देगी। वहीं दुखी परिवार के प्रति संवेदना जताई और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।

अल्मोड़ा के रहने वाले थे शहीद बीरेश्वर 

25 साल के लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी (Bireshwar Goswami) उत्तराखंड में अल्मोड़ा जिले के पांडेखोला इलाके के रहने वाले थे। वे राजौरी के डोरीमल इलाके में ऑपरेशन शेरावाली (Operation Sherawali) के दौरान अपनी टीम को लीड कर रहे थे। दो साल पहले वे आर्मी ज्वाइंन किए थे। आर्मी के मुताबिक, यह ऑपरेशन घने जंगलों, दुर्गम पहाड़ियों और बहुत मुश्किल भौगोलिक हालात में किया जा रहा था। 

लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी ने उस समय सर्वोच्च बलिदान दिया जब वे गलती से एक मुश्किल पहाड़ी इलाके में गिर गए। गौरतलब है कि ऑपरेशन शेरावाली आज अपने 16वें दिन में प्रवेश कर गया है। सुरक्षा बलों ने इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के दो टॉप आतंकवादियों को घेर लिया है, और उन्हें ढूंढने के लिए बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चल रहा है।

अन्य प्रमुख खबरें