Stock Market update: पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार ने तेज उतार-चढ़ाव के बाद मजबूती दिखाई। शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट के बाद बाजार ने शानदार रिकवरी करते हुए दिन का अंत हरे निशान में किया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ने अपने दिन के निचले स्तर से जोरदार वापसी दर्ज की।
BSE Sensex ने दिन के निचले स्तर से 1,100 अंकों से अधिक की रिकवरी की और अंत में 77.05 अंक यानी 0.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,315.04 पर बंद हुआ। वहीं NSE निफ्टी 50 ने 300 अंकों से अधिक की रिकवरी करते हुए 6.45 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 23,649.95 पर कारोबार समाप्त किया।
भारत में प्रमुख सूचकांकों की तुलना में व्यापक बाजार का प्रदर्शन कमजोर रहा। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 1.26 प्रतिशत गिरा जबकि निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.15 प्रतिशत की हल्की गिरावट दर्ज की गई। इससे साफ है कि बड़े शेयरों में खरीदारी के बावजूद मिड और स्मॉलकैप में दबाव बना रहा। सेक्टरवार प्रदर्शन में निफ्टी आईटी सबसे मजबूत सेक्टर रहा, जिसमें 2.43 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इंफोसिस, टीसीएस, विप्रो, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। फार्मा, प्राइवेट बैंक और हेल्थकेयर सेक्टर ने भी बाजार को समर्थन दिया। वहीं दूसरी ओर Nifty Media, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और पीएसयू बैंक सेक्टर में सबसे अधिक गिरावट देखी गई। मेटल, ऑयल एंड गैस और रियल्टी सेक्टर भी दबाव में रहे, जिससे बाजार की बढ़त सीमित रही।
निफ्टी 50 के प्रमुख गेनर्स में टेक महिंद्रा, इंफोसिस, भारती एयरटेल, सन फार्मा, विप्रो, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, एचसीएल टेक, टीसीएस और कोटक बैंक शामिल रहे। दूसरी तरफ टाटा स्टील, पावरग्रिड, एनटीपीसी, एसबीआई, बजाज ऑटो, आयशर मोटर, ट्रेंट और मारुति में गिरावट दर्ज की गई। BSE में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप घटकर 458 लाख करोड़ रुपये रह गया, जिससे निवेशकों की संपत्ति में लगभग 3 लाख करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई। बाजार में यह गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक अनिश्चितता और Crude Oil की कीमतों में तेजी के कारण देखी गई। Brent Crude 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना रहा, जबकि रुपये में भी कमजोरी देखी गई और यह 93.12 प्रति डॉलर पर बंद हुआ।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजार पर दबाव बनाए रखेंगी। हालांकि आईटी और फार्मा सेक्टर आगे भी समर्थन दे सकते हैं। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, क्रूड ऑयल और रुपये की चाल पर निर्भर करेगी। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
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