Stock market surge: नए वित्त वर्ष की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद शानदार रही। बुधवार को बाजार ने जोरदार वापसी करते हुए निवेशकों को बड़ा फायदा पहुंचाया। BSE Sensex 1,186.77 अंक यानी 1.65 प्रतिशत की तेजी के साथ 73,134.32 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 50 348 अंक या 1.56 प्रतिशत बढ़कर 22,679.40 के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली, जिससे लगभग सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए। Nifty India Defence Index 5.32 प्रतिशत की शानदार तेजी के साथ टॉप पर रहा। इसके अलावा Nifty PSU Bank Index 3.70 प्रतिशत और Nifty Media Index 3.69 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुए। मेटल, रियल्टी, आईटी और ऑटो सेक्टर में भी खरीदारी का जोर देखने को मिला। Nifty Metal Index 2.46 प्रतिशत, Nifty Realty Index 2.13 प्रतिशत और Nifty IT Index 2.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। हालांकि, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर में हल्की कमजोरी देखने को मिली। Nifty Pharma Index और Nifty Healthcare Index लाल निशान में बंद हुए।
लार्जकैप शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स में भी शानदार तेजी देखने को मिली। Nifty Smallcap 100 Index 506 अंक यानी 3.33 प्रतिशत बढ़कर 15,709.80 पर बंद हुआ। वहीं Nifty Midcap 100 Index 1,169.15 अंक या 2.22 प्रतिशत की तेजी के साथ 53,819.15 पर पहुंच गया। इस तेजी का सीधा फायदा निवेशकों को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 422 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो पहले 412 लाख करोड़ रुपए था।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 25 हरे निशान में बंद हुए, जो व्यापक तेजी का संकेत है। Trent Limited, InterGlobe Aviation, Adani Ports and Special Economic Zone, Bharat Electronics Limited और State Bank of India प्रमुख गेनर्स रहे। इसके अलावा Larsen & Toubro, Axis Bank, Titan Company, Infosys और Tata Consultancy Services जैसे शेयरों ने भी बाजार को मजबूती दी। वहीं, NTPC Limited, Sun Pharmaceutical Industries, Power Grid Corporation of India, UltraTech Cement और Bharti Airtel जैसे शेयरों में गिरावट देखने को मिली।
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार की इस तेजी के पीछे वैश्विक संकेतों का बड़ा योगदान रहा। मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने की उम्मीद और ऊर्जा आपूर्ति में संभावित स्थिरता ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। इसके अलावा, Donald Trump के उस बयान ने भी बाजार को सपोर्ट दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका आने वाले कुछ हफ्तों में ईरान से “समझौते के साथ या बिना” पीछे हट सकता है। इस बयान से वैश्विक अनिश्चितता कम होने की उम्मीद जगी, जिसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
नए वित्त वर्ष की शुरुआत में आई यह तेजी निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। इससे यह उम्मीद बढ़ी है कि आने वाले समय में बाजार में स्थिरता और ग्रोथ बनी रह सकती है।
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