New Rules 1 April 2026: 1 अप्रैल 2026 से नया वित्तीय वर्ष शुरू हो चुका है। नए वित्त वर्ष के शुरू होते ही आम आदमी की आर्थिक जिंदगी में कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं। जिनका आम नागरिकों के आर्थिक जीवन पर गहरा असर पड़ेगा। 1961 का आयकर अधिनियम जो लगभग 65 साल पुराना कानून था अब नए आयकर अधिनियम 2025 से बदल दिया गया है। इसका मकसद टैक्स सिस्टम को आसान, ज़्यादा पारदर्शी और इस्तेमाल में आसान बनाना है। इसके साथ ही, GST व्यवस्था, बैंकिंग नियमों, डिजिटल पेमेंट्स और रोज़मर्रा के खर्चों से जुड़े कई अहम बदलाव भी लागू किए गए हैं, ये ऐसे बदलाव हैं जिनका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा।
आज से नए टैक्स सिस्टम के तहत 'वित्त वर्ष' और 'निर्धारण वर्ष' (Assessment Year) के अलग-अलग कॉन्सेप्ट को एक ही एकीकृत सिस्टम से बदल दिया गया है, जिसे 'टैक्स वर्ष' (Tax Year) कहा जाएगा। यह कदम टैक्स की गणना को आसान बनाने के लिए उठाया गया है। सरकार ने घोषणा की है कि ₹12 लाख तक की आय टैक्स-मुक्त रहेगी। इसके अलावा, टैक्स से जुड़े नियमों को आसान भाषा में पेश किया गया है ताकि आम जनता उन्हें आसानी से समझ सके, जिससे नियमों का पालन करना भी आसान हो जाएगा।
आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की समय सीमा में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। वेतनभोगी व्यक्तियों के लिए, रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई ही रहेगी, जबकि टैक्स देने वालों की अन्य श्रेणियों के लिए इसे 31 अगस्त तय किया गया है। जिन मामलों में टैक्स ऑडिट अनिवार्य है, वहां रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर होगी। इसके अलावा, तोहफ़ों और वाउचर पर मिलने वाली टैक्स छूट की सीमा को अब ₹5,000 की पिछली सीमा से बढ़ाकर ₹15,000 कर दिया गया है। बच्चों की शिक्षा और हॉस्टल में रहने के लिए मिलने वाले भत्तों में भी काफ़ी बढ़ोतरी की गई है, जिससे परिवारों को बहुत ज़रूरी आर्थिक राहत मिलेगी। हालांकि, इन बदलावों के बीच, महंगाई का दबाव बढ़ता हुआ दिख रहा है।
1 अप्रैल से पेमेंट के लिए केवल OTP काफी नहीं होगा। पेमेंट के लिए ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ (2FA) अनिवार्य हो जाएगी। ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ में पीन, पासवर्ड और फिंगर प्रिंट की जरूरत होगी। इससे अब बढ़ी पेमेंट में देरी होगी। डिजिटल धोखाधड़ी से बचने के लिए आरबीआई ने यह कदम उठाया है।
हर साल की पहली तारीख को गैस एजेंसी द्वारा सिलिंडर के दामों में बदलाव किया जाता है। इस साल मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण, कमर्शियल LPG सिलेंडरों की कीमत में ₹195.50 की बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली में, 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत अब ₹1,884.50 से बढ़कर ₹2,078.50 हो गई है। इसका असर होटलों और रेस्टोरेंट में खाने-पीने की चीज़ों की कीमतों पर पड़ सकता है, जिससे आम आदमी का खर्च बढ़ना तय है। हालाँकि, घरेलू LPG सिलेंडरों की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है।
सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) ने राष्ट्रीय राजधानी में अपने प्रीमियम ईंधनों की कीमतें बढ़ा दी हैं। XP100 पेट्रोल की कीमत अब ₹149 से बढ़कर ₹160 प्रति लीटर हो गई है। इसी तरह, कंपनी ने एक्स्ट्रा ग्रीन डीज़ल (प्रीमियम डीज़ल) की कीमत भी बढ़ा दी है। दिल्ली में इसकी कीमत अब ₹91.49 के मुकाबले ₹92.99 प्रति लीटर हो गई है। हालाँकि, सामान्य पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें अपरिवर्तित बनी हुई हैं। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद, भारत के प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं।
PAN कार्ड से जुड़े नियम भी सख्त कर दिए गए हैं। अब सिर्फ़ आधार कार्ड के आधार पर PAN कार्ड बनवाना संभव नहीं है; अब अतिरिक्त सहायक दस्तावेज़ जमा करना अनिवार्य है। सभी बड़े वित्तीय लेन-देन के लिए PAN कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा, क्रेडिट कार्ड के ज़रिए किए गए बड़े खर्चों की जानकारी अब आयकर विभाग को दी जाएगी, जिससे वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी।
मकान किराया भत्ता (HRA) से जुड़े नियम भी और सख्त कर दिए गए हैं। मकान किराया भत्ता कर छूट का दावा करने के लिए, अब मकान मालिक के PAN कार्ड की जानकारी और अन्य संबंधित विवरण देना अनिवार्य है। साथ ही, बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे और अहमदाबाद को अब 'मेट्रो शहरों' के रूप में फिर से वर्गीकृत किया गया है, जिससे इन शहरों के निवासी 50 प्रतिशत तक की HRA कर छूट का दावा करने के हकदार हो गए हैं।
बैंकिंग और डिजिटल लेन-देन के क्षेत्रों में भी बदलाव किए गए हैं। ATM से UPI के ज़रिए की गई नकद निकासी अब मुफ़्त लेन-देन की मासिक सीमा में गिनी जाएगी। साथ ही, ऑनलाइन धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने के लिए सभी डिजिटल भुगतानों के लिए 'टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन' अनिवार्य कर दिया गया है।
यात्रियों के लिए रेलवे नियमों में भी बदलाव किए गए हैं। कन्फ़र्म टिकट पर रिफ़ंड पाने के लिए, यात्रियों को अब ट्रेन के तय समय पर रवाना होने से करीब आठ घंटे पहले अपना टिकट कैंसिल करना होगा। वहीं, अपना बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा अब ट्रेन के रवाना होने से 30 मिनट पहले तक उपलब्ध रहेगी।
हाईवे पर सफ़र करने वालों के लिए, FASTag अब और महंगा हो गया है, और टोल प्लाज़ा पर कैश पेमेंट पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। अब पेमेंट सिर्फ़ डिजिटल तरीकों से ही करना होगा; वरना, आपको जुर्माना देना पड़ सकता है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने फास्टैग वार्षिक पास की कीमत में 75 रुपये की बढ़ोतरी कर दी है, जिससे अब इसकी फीस 3,075 रुपये हो गई है। यह बदलाव आज, एक अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुका है और सीधे तौर पर उन लाखों निजी वाहन मालिकों को प्रभावित करेगा जो रोजाना या बार-बार टोल प्लाजा पार करते हैं।
गैर-निवासी अगर संपत्ति खरीदते हैं तो उन्हें टीएएन के जरिए टैक्स देना पड़ता है। लेकिन 1 अप्रैल से टैन (TAN) की जरूरत खत्म होगी। क्योंकि गैर निवासी पैन लिंक चालान के जरिए टीडीएस जमा करने में सक्षम होंगे।
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