Nifty Sensex Today: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच राहत भरे संकेतों ने भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी ला दी। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के इस बयान के बाद कि अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव दो से तीन सप्ताह में समाप्त हो सकता है, बाजार की धारणा में बड़ा बदलाव देखने को मिला। इसी सकारात्मक संकेत का असर बुधवार को भारतीय शेयर बाजार के शुरुआती कारोबार में साफ नजर आया, जहां प्रमुख सूचकांक मजबूती के साथ हरे निशान में खुले।
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला BSE Sensex 1814.88 अंक यानी 2.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,762.43 के स्तर पर खुला। वहीं, Nifty 50 567 अंक यानी 2.5 प्रतिशत की छलांग लगाकर 22,899 पर पहुंच गया। यह तेजी सिर्फ शुरुआती उत्साह तक सीमित नहीं रही, बल्कि बाजार खुलने के बाद भी निवेशकों का भरोसा कायम रहा। सुबह करीब 9:30 बजे तक सेंसेक्स 1964.41 अंक यानी 2.73 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,911.96 पर कारोबार करता दिखा। वहीं निफ्टी50 भी 596.40 अंक यानी 2.67 प्रतिशत की मजबूती के साथ 22,927.80 पर ट्रेड करता नजर आया। यह तेजी इस बात का संकेत है कि वैश्विक तनाव में संभावित कमी से निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान फिर मजबूत हुआ है।
बाजार की इस तेजी की खास बात यह रही कि निफ्टी के सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार करते दिखे। व्यापक बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 3.30 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 3.61 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जो निवेशकों की व्यापक भागीदारी को दर्शाता है। वहीं, सेक्टोरल आधार पर देखें तो निफ्टी मीडिया में 3.66 प्रतिशत की सबसे ज्यादा तेजी रही। इसके अलावा निफ्टी ऑटो और पीएसयू बैंक इंडेक्स में 3.33-3.33 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 3.24 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। आईटी सेक्टर में 2.89 प्रतिशत, फार्मा में 2.06 प्रतिशत, निजी बैंक में 2.58 प्रतिशत और रियल्टी में 2.56 प्रतिशत की मजबूती देखी गई। एफएमसीजी सेक्टर भी 1.80 प्रतिशत चढ़ा।
निफ्टी50 के सभी शेयरों में तेजी देखी गई, जो बाजार में व्यापक सकारात्मकता का संकेत है। शुरुआती कारोबार में ट्रेंट, बीईएल, इंडिगो, अदाणी पोर्ट्स, श्रीराम फाइनेंस और अदाणी एंटरप्राइजेज के शेयरों में सबसे ज्यादा उछाल देखने को मिला। ये सभी टॉप गेनर्स की सूची में शामिल रहे। दूसरी ओर, एचडीएफसी बैंक, कोल इंडिया, नेस्ले इंडिया, अपोलो हॉस्पिटल और पावर ग्रिड जैसे दिग्गज शेयरों में भी बढ़त तो रही, लेकिन इनकी गति अपेक्षाकृत धीमी रही।
गौरतलब है कि मार्च महीने में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने के चलते बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली थी। प्रमुख सूचकांकों में 10 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी। इस गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया था, लेकिन अब ताजा घटनाक्रम ने बाजार में नई जान फूंक दी है। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में निवेशकों को सोच-समझकर और चयनात्मक रणनीति अपनाने की जरूरत है। एक बाजार विशेषज्ञ के अनुसार, “गिरावट के दौरान मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों को पोर्टफोलियो में शामिल करना समझदारी हो सकती है। हालांकि, नई लॉन्ग पोजीशन तभी बनानी चाहिए जब निफ्टी 24,000 के स्तर को निर्णायक रूप से पार कर उसे बनाए रखे।”
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