01 जून से बदल गए कई वित्तीय नियम: UPI, ATM, टैक्स और LPG के नए नियमों का आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर, रखें विशेष ध्यान

खबर सार :-
जून 2026 की शुरुआत के साथ लागू हुए नए वित्तीय नियम आम लोगों की बैंकिंग, टैक्स भुगतान, डिजिटल ट्रांजैक्शन और घरेलू बजट पर प्रभाव डालेंगे। यूपीआई सुरक्षा, एटीएम निकासी, पैन नियम और एलपीजी कीमतों में हुए बदलावों को समझना जरूरी है। समय रहते इन नियमों की जानकारी रखने से अतिरिक्त शुल्क, जुर्माने और वित्तीय परेशानियों से बचा जा सकता है।
01 जून से बदल गए कई वित्तीय नियम: UPI, ATM, टैक्स और LPG के नए नियमों का आपकी जेब पर पड़ेगा सीधा असर, रखें विशेष ध्यान
खबर विस्तार : -

Financial Rules june 2026: जून महीने की शुरुआत के साथ देशभर में कई महत्वपूर्ण वित्तीय नियम लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और जेब पर पड़ सकता है। डिजिटल भुगतान प्रणाली, एटीएम निकासी, पैन कार्ड नियम, एडवांस टैक्स भुगतान और एलपीजी कीमतों से जुड़े बदलावों का उद्देश्य वित्तीय व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और प्रभावी बनाना है। ऐसे में हर उपभोक्ता और करदाता के लिए इन नए नियमों की जानकारी रखना जरूरी हो गया है।

UPI लेनदेन में बढ़ी सुरक्षा, बड़े भुगतान के लिए अतिरिक्त सत्यापन जरूरी

डिजिटल भुगतान को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए यूपीआई प्रणाली में नए सुरक्षा प्रावधान लागू किए जा रहे हैं। अब केवल चार या छह अंकों के यूपीआई पिन के आधार पर बड़े मूल्य के ट्रांजैक्शन नहीं किए जा सकेंगे। गूगल पे, फोनपे और पेटीएम जैसे प्लेटफॉर्म पर उच्च राशि के भुगतान के लिए अतिरिक्त प्रमाणीकरण की आवश्यकता पड़ सकती है। इसमें फिंगरप्रिंट, फेस रिकग्निशन और डिवाइस आधारित टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इससे ऑनलाइन धोखाधड़ी और गलत ट्रांजैक्शन की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

भुगतान से पहले दिखेगा लाभार्थी का सत्यापित नाम

यूपीआई उपयोगकर्ताओं को अब भुगतान करने से पहले लाभार्थी का सत्यापित और आधिकारिक नाम दिखाई देगा। यह जानकारी सुरक्षित बैंकिंग डेटाबेस से प्राप्त होगी। इस सुविधा का उद्देश्य गलत खाते में पैसे ट्रांसफर होने की संभावना को कम करना और भुगतान प्रक्रिया को अधिक भरोसेमंद बनाना है।

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कार्डलेस ATM निकासी पर भी लागू होगी मुफ्त ट्रांजैक्शन सीमा

अब यूपीआई आधारित कार्डलेस एटीएम निकासी को भी बैंक द्वारा निर्धारित मासिक मुफ्त निकासी सीमा में शामिल किया जाएगा। यदि ग्राहक मुफ्त लेनदेन की तय सीमा पार करते हैं तो उन्हें अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। यह नियम डेबिट कार्ड के जरिए होने वाली एटीएम निकासी की तरह ही लागू होगा।

एडवांस टैक्स की पहली किस्त जमा करने की अंतिम तारीख 15 जून

करदाताओं के लिए 15 जून बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एडवांस टैक्स की पहली किस्त इसी दिन तक जमा करनी होगी। जिन व्यक्तियों की अनुमानित वार्षिक कर देनदारी 10 हजार रुपये से अधिक है, उन्हें 15 प्रतिशत अग्रिम कर जमा करना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समयसीमा के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है तो आयकर विभाग की ओर से प्रति माह 1 प्रतिशत की दर से ब्याज लगाया जा सकता है।

RBI की MPC बैठक पर टिकी बाजार की नजर

03 जून से 05 जून के बीच भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक होने जा रही है। निवेशक और बैंकिंग क्षेत्र इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि रेपो दर में कोई बदलाव होता है या नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि आरबीआई की ओर से मुद्रास्फीति, आर्थिक वृद्धि और तरलता को लेकर दिए जाने वाले संकेत आने वाले महीनों में होम लोन ईएमआई, फिक्स्ड डिपॉजिट रिटर्न और अन्य ऋणों की लागत को प्रभावित कर सकते हैं।

Comercial LPG Cylinder

कमर्शियल LPG सिलेंडर हुआ महंगा

01 जून से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 42 रुपये बढ़कर 3,113.50 रुपये हो गई है। वहीं कोलकाता में इसकी कीमत 53.50 रुपये बढ़कर 3,255.50 रुपये प्रति सिलेंडर पहुंच गई है। इसके अलावा 5 किलोग्राम वाले फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी 11 रुपये का इजाफा किया गया है। हालांकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिली है।

पैन कार्ड नियमों में भी बड़ा बदलाव

नए कर प्रावधानों के तहत अब 50 हजार रुपये से अधिक के सामान्य नकद जमा के लिए पैन कार्ड अनिवार्य नहीं रहेगा। हालांकि यदि किसी व्यक्ति का कुल नकद जमा या निकासी एक वित्तीय वर्ष में 10 लाख रुपये या उससे अधिक हो जाती है, तो पैन संबंधी नियम लागू होंगे। इसके अलावा संपत्ति खरीद-बिक्री में पैन अनिवार्यता की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। वहीं 45 लाख रुपये से अधिक मूल्य के संपत्ति सौदों, गिफ्ट डीड और जॉइंट डेवलपमेंट एग्रीमेंट्स के लिए रिपोर्टिंग अनिवार्य कर दी गई है।

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