पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में भारी बारिश और तूफान का कहर, 7 की मौत

खबर सार :-
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में भारी बारिश और तूफान से 7 लोगों की जान चली गई। गुरुवार को तूफान में कई घरों और दुकानों की छतें और दीवारें गिर गईं।
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में भारी बारिश और तूफान का कहर, 7 की मौत
खबर विस्तार : -

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कई इलाकों में भारी बारिश और तूफान ने भारी तबाही मचाई। इस खराब मौसम की वजह से सात लोगों की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हो गए। गुरुवार को तूफान और भारी बारिश के बाद, डेरा इस्माइल खान के पहाड़पुर शहर और आसपास के गांवों में कई घरों और दुकानों की छतें और दीवारें गिर गईं। 

तेज हवाओं ने इलाके में पेड़ उखाड़ दिए और घरों व दफ्तरों से सोलर पैनल उखाड़ फेंके। एक बाहरी इलाके में बाउंड्री वॉल गिर गई, जिससे बाड़े में बंधे कई जानवरों की मौत हो गई।तूफान ने बिजली के बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचाया, जिससे पहाड़पुर और कई पड़ोसी इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। खतरनाक हालात और बुनियादी ढांचे को हुए भारी नुकसान के कारण मरम्मत का काम तुरंत शुरू नहीं हो सका।

बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत

इसके अलावा, गुरुवार को ओराकजई आदिवासी जिले में बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई और चार अन्य घायल हो गए। एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना लोअर ओराकजई के सैम फिरोजखेल इलाके में हुई। साथ ही, तूफान के कारण बाजौर आदिवासी जिले की वारा मामुंड तहसील में एक सरकारी स्कूल की दीवार गिर गई और बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। 

NDMA ने जारी किया था अलर्ट

नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) ने बारिश और तूफान से कई इलाकों को अलर्ट पर रखा था। रिपोर्ट में कहा गया है कि चितराल और स्वात जैसे इलाकों से लेकर रावलपिंडी और लाहौर जैसे अधिक आबादी वाले शहरों तक, संवेदनशील इलाकों की पहचान पहले ही कर ली गई थी। ये पूर्वानुमान बारिश की तीव्रता, हवा के पैटर्न और संभावित खतरों के बारे में जानकारी देते हैं।

चेतावनी के बाद भी तैयारी नहीं

मौसम की जानकारी पहले मिल जाने से अधिकारियों को संसाधन जुटाने, प्रतिक्रिया में तालमेल बिठाने और खतरों के असल रूप लेने से पहले ही उनसे निपटने में मदद मिलती है। हालांकि, पाकिस्तान में मौसम से जुड़े तूफानों के कारण बार-बार होने वाली परेशानियां बताती हैं कि इन मौकों का पूरा इस्तेमाल नहीं हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसियां ​​चेतावनी तो जारी करती हैं, लेकिन अक्सर समय पर और असरदार कार्रवाई नहीं हो पाती।

Etruth MV की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

Etruth MV की एक रिपोर्ट में कहा गया है, "मौसम से जुड़े तूफानों से निपटने का पाकिस्तान का अनुभव शासन-व्यवस्था की एक बड़ी चुनौती को दिखाता है: उपलब्ध जानकारी को असरदार कार्रवाई में बदलने की क्षमता। मौसम के पूर्वानुमान पहले के मुकाबले ज्यादा सटीक हो गए हैं, खतरों को अच्छी तरह समझा जाता है और संस्थागत ढांचे भी मौजूद हैं। इसके बावजूद, जमीनी स्तर पर नतीजों में कोई खास बदलाव नहीं आया है।" 

 

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