India-Vietnam डिजिटल कनेक्ट: UPI से वैश्विक पेमेंट और आसान, तेज़ और सुरक्षित होंगे लेनदेन
खबर सार :-
भारत का यूपीआई अब वियतनाम के फास्ट पेमेंट सिस्टम से जुड़ने जा रहा है, जिससे दोनों देशों के बीच डिजिटल लेनदेन और आसान होंगे। आरबीआई और एसबीवी के बीच समझौते से फिनटेक सहयोग बढ़ेगा। इससे व्यापार, प्रेषण और आर्थिक संबंध मजबूत होंगे तथा भारत की वैश्विक डिजिटल भुगतान में स्थिति और सशक्त होगी, साथ ही वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा मिलेगा नया युग शुरू होगा।
खबर विस्तार : -
India-Vietnam Agreement: भारत का यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (यूपीआई) जल्द ही वियतनाम के फास्ट पेमेंट सिस्टम से जुड़ेगा। यह जानकारी वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम से द्विपक्षीय वार्ता के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से दी गई। इसके लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और स्टेट बैंक ऑफ वियतनाम (एसबीवी) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर भी हुए है, जिसके तहत दोनों देशों के केंद्रीय बैंक पेमेंट सिस्टम और डिजिटल पेमेंट इनोवेशन में सहयोग करेंगे।
केंद्रीय बैंकों के बीच सहयोग से बढ़ेगी फाइनेंशियल कनेक्टिविटी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘भारत और वियतनाम ने फाइनेंशियल कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए केंद्रीय बैंकों के बीच सहयोग बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके तहत भारत का यूपीआई और फास्ट पेमेंट सिस्टम जल्द ही लिंक होंगे।’ इसके अलावा, भारत और वियतनाम ने द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 25 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। पीएम मोदी ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों, दुर्लभ पृथ्वी धातुओं और ऊर्जा सहयोग में नई पहलों के माध्यम से, हम दोनों देशों की आर्थिक सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती सुनिश्चित करेंगे, क्योंकि दोनों देशों ने अपने संबंधों को कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनशिप के जरिए आगे बढ़ाने का फैसला किया है।

UPI की सर्विस लेने वाले देश
यूपीआई वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर सहित आठ से अधिक देशों में उपलब्ध है, जिससे भारत डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी बन गया है। यूपीआई की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय पहुंच से प्रेषण में वृद्धि हो रही है, वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिल रहा है और वैश्विक फिनटेक परिदृश्य में भारत की स्थिति मजबूत हो रही है।
यूपीआई लेनदेन की संख्या में 25 प्रतिशत का इजाफा
यूपीआई लेनदेन की संख्या अप्रैल में सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़कर 22.35 अरब हो गई है। वहीं, इनकी वैल्यू सालाना आधार पर 21 प्रतिशत बढ़कर 29.03 लाख करोड़ रुपए हो गई है। यूपीआई ने 2016 में लॉन्च होने के बाद से अब तक का सबसे अधिक मासिक लेनदेन 22.64 अरब दर्ज किया है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, भारत के प्रमुख डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म ने पिछले एक दशक में लेनदेन की मात्रा में लगभग 12,000 गुना की असाधारण वृद्धि दर्ज की है।
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