Australia के सख्त ऑनलाइन सुरक्षा कानून से प्रभावित Apple, Tim Cook ने PM Albanese को किया फोन

खबर सार :-
ऑस्ट्रेलिया की सख्त ऑनलाइन सुरक्षा नीतियां अब वैश्विक तकनीकी कंपनियों को भी प्रभावित कर रही हैं। एप्पल द्वारा बच्चों की सुरक्षा के लिए नए फीचर्स विकसित करना इस दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। टिम कुक और एंथनी अल्बनीज की बातचीत से स्पष्ट है कि भविष्य में सरकारों और टेक कंपनियों के सहयोग से बच्चों के लिए अधिक सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करने पर जोर बढ़ेगा।
Australia के सख्त ऑनलाइन सुरक्षा कानून से प्रभावित Apple, Tim Cook ने PM Albanese को किया फोन
खबर विस्तार : -

Australia Online Safety Law:  बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर ऑस्ट्रेलिया द्वारा उठाए गए सख्त कदम अब वैश्विक स्तर पर प्रभाव डालते दिखाई दे रहे हैं। दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी एप्पल ने बच्चों के लिए नए डिजिटल सुरक्षा फीचर्स विकसित किए हैं और कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) टिम कुक ने खुद ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज को फोन कर बताया कि इन उपायों की प्रेरणा आंशिक रूप से ऑस्ट्रेलिया की नीतियों से मिली है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब दुनिया भर में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो रही है।

Apple के नए फीचर्स और तकनीकी उपायों की जानकारी

प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने एक आधिकारिक बयान में इस बातचीत का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि टिम कुक ने उन्हें फोन कर एप्पल द्वारा बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए लागू किए जा रहे नए फीचर्स और तकनीकी उपायों की जानकारी दी। बातचीत के दौरान कुक ने स्वीकार किया कि ऑस्ट्रेलिया द्वारा लागू किए गए कड़े ऑनलाइन सुरक्षा नियम और सोशल मीडिया आयु-सीमा संबंधी कानून कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ बिंदु रहे हैं।

16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए Social Media उपयोग नियंत्रित

ऑस्ट्रेलिया ने हाल के वर्षों में बच्चों को डिजिटल जोखिमों से बचाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। देश ने 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया उपयोग को नियंत्रित करने और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से दुनिया के सबसे सख्त आयु-प्रतिबंध उपायों में से एक लागू किया है। सरकार का मानना है कि कम उम्र के बच्चों को अनियंत्रित सोशल मीडिया उपयोग से मानसिक स्वास्थ्य, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन शोषण और अन्य डिजिटल खतरों का सामना करना पड़ सकता है।

Digital Safety Laws-Social Media Regulation

सोशल मीडिया कंपनियों की बढ़ेगी जवाबदेही

प्रधानमंत्री के अनुसार, टिम कुक ने यह भी बताया कि एप्पल लगातार इस विषय पर शोध कर रही है कि सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म बच्चों के मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास को किस प्रकार प्रभावित करते हैं। इसी शोध के आधार पर कंपनी ऐसे फीचर्स विकसित कर रही है जो बच्चों को सुरक्षित ऑनलाइन अनुभव प्रदान करने में मदद करें। एप्पल का उद्देश्य माता-पिता को बेहतर नियंत्रण उपलब्ध कराना और बच्चों को संभावित ऑनलाइन खतरों से बचाना है।

Online सुरक्षा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका

अल्बनीज ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया ऑनलाइन सुरक्षा के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका निभा रहा है। उनके अनुसार, जब सरकार ने सख्त सोशल मीडिया नियम लागू करने की पहल की थी, तब इसे आसान निर्णय नहीं माना जा रहा था। हालांकि अब कई देश इसी तरह के मॉडल को अपनाने या उस पर विचार करने लगे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी लगातार बढ़ रहा है।

Social Media के दुष्प्रभावों से बचाने के प्रभावी उपायों की सराहना

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि टिम कुक ने उन्हें अमेरिका स्थित एप्पल मुख्यालय आने का निमंत्रण दिया है। प्रस्तावित यात्रा के दौरान नई तकनीकों, डिजिटल सुरक्षा समाधानों और बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े नवाचारों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि यह मुलाकात सरकारों और तकनीकी कंपनियों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने में मददगार साबित हो सकती है। अल्बनीज ने इस पूरी पहल का श्रेय ऑस्ट्रेलियाई अभिभावकों और नागरिक समूहों को भी दिया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से माता-पिता बच्चों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए अधिक प्रभावी उपायों की मांग कर रहे थे। सरकार ने उन्हीं चिंताओं को ध्यान में रखते हुए सख्त नीतियां तैयार कीं और उन्हें लागू किया।

50 लाख से अधिक सोशल मीडिया Account Delete 

प्रधानमंत्री ने दावा किया कि अब तक 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों से जुड़े 50 लाख से अधिक सोशल मीडिया खातों को हटाया गया है, निष्क्रिय किया गया है या उन पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। उनका कहना है कि यह कदम केवल प्रतिबंध लगाने के लिए नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर नाबालिग उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें।

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