सेमीकॉन इंडिया 2026: डिजाइन और विनिर्माण में बढ़ा भारत का दम, ग्लोबल लीडर्स ने माना सेमीकंडक्टर पावरहाउस

खबर सार :-

भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम डिजाइन, विनिर्माण, उपकरण और तकनीकी नवाचार जैसे क्षेत्रों में विस्तार के दौर से गुजर रहा है। सेमीकॉन इंडिया 2026 में उद्योग प्रतिनिधियों ने बढ़ती वैश्विक भागीदारी और कंपनियों की रुचि को रेखांकित किया। हालांकि, भारत की दीर्घकालिक स्थिति का आकलन वास्तविक उत्पादन, निवेश, प्रतिभा विकास, तकनीकी क्षमता और वैश्विक आपूर्ति शृंखला में निरंतर भागीदारी जैसे ठोस परिणामों से होगा। यह क्षेत्र आगे भी महत्वपूर्ण बना रहेगा।
सेमीकंडक्टर पावरहाउस बनता भारत: ग्लोबल कंपनियों का बढ़ा भरोसा

खबर विस्तार : -

India Semiconductor Hub: भारत का सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम पिछले कुछ वर्षों में तेजी से विस्तार कर रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ में उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और वैश्विक तकनीकी कंपनियों के अधिकारियों ने भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण, डिजाइन और तकनीकी नवाचार की बढ़ती गतिविधियों को रेखांकित किया। उद्योग प्रतिनिधियों के मुताबिक, इस क्षेत्र में बढ़ती भागीदारी से वैश्विक कंपनियों की भारत में रुचि और भरोसे में इजाफा दिखाई दे रहा है।

एलएंडटी सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) संदीप कुमार ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को भविष्य की दिशा पर केंद्रित बताया। उन्होंने कहा कि संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), सेमीकंडक्टर्स, ऊर्जा और तकनीकी विकास को एक व्यापक दृष्टिकोण के साथ जोड़ा गया। कुमार के अनुसार, जटिल तकनीकी विषयों को सरल तरीके से प्रस्तुत करने पर जोर उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि एआई और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों का आपसी संबंध आने वाले समय में तकनीकी विकास और औद्योगिक बदलाव के लिए अहम होगा।

वैश्विक कंपनियों की मौजूदगी ने खींचा ध्यान

टेलीडाइन एफएलआईआर के एशिया-पैसिफिक इंस्ट्रूमेंटेशन डिवीजन के सेल्स वाइस प्रेसिडेंट टी.पी. सिंह ने कहा कि सेमीकॉन इंडिया एक प्रभावशाली वैश्विक मंच के रूप में उभर रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी पहली बार इस आयोजन में शामिल हुई और अनुभव सकारात्मक रहा। सिंह ने आईएएनएस से कहा कि सेमीकंडक्टर इस समय दुनिया भर में चर्चा का प्रमुख विषय है और भारत इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके मुताबिक, आयोजन में बड़ी वैश्विक सेमीकंडक्टर और तकनीकी कंपनियों की मौजूदगी भारत के बढ़ते महत्व को दर्शाती है। सेमीकंडक्टर उद्योग में वैश्विक आपूर्ति शृंखला का महत्व लगातार बढ़ा है। चिप निर्माण से लेकर डिजाइन, परीक्षण, पैकेजिंग और संबंधित उपकरणों तक पूरी मूल्य शृंखला में कंपनियां नए अवसर तलाश रही हैं। ऐसे में भारत में होने वाले बड़े उद्योग आयोजनों को कंपनियों के बीच सहयोग और कारोबारी संभावनाओं के मंच के तौर पर भी देखा जा रहा है।

डिजाइन से टेप-आउट तक बढ़ रहा फोकस

इन्फोसिस के वीपी और डिलीवरी हेड येग्नास्वामी येग्ना नारायणन ने आईएएनएस को बताया कि यह उनका दूसरा सेमीकॉन इंडिया सम्मेलन है। उन्होंने कहा कि पिछले आयोजन की तुलना में इस बार काफी बड़ा बदलाव नजर आया। नारायणन के अनुसार, भारत का सेमीकंडक्टर मिशन तेज गति से आगे बढ़ रहा है और इस क्षेत्र में हुई प्रगति सम्मेलन में स्पष्ट दिखाई देती है। उन्होंने प्रधानमंत्री के संबोधन में सेमीकंडक्टर मूल्य शृंखला के विभिन्न चरणों-डिजाइन, टेप-आउट और अगली पीढ़ी की तकनीकों-पर चर्चा को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत के लिए अवसर केवल मौजूदा तकनीकी जरूरतों तक सीमित नहीं हैं। भविष्य में नई तकनीकों के विकास और नवाचार पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी होगा। इससे सेमीकंडक्टर क्षेत्र में डिजाइन और तकनीकी प्रतिभा की भूमिका और बढ़ सकती है।

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पांच साल में तेजी से बदला उद्योग का परिदृश्य

पार्क सिस्टम्स इंडिया के सेल्स डायरेक्टर श्रीनिवासन रविप्रसाद ने भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग के पिछले पांच वर्षों के बदलाव का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वह वर्ष 2023 से सेमीकॉन इंडिया में भाग ले रहे हैं और हर वर्ष आयोजन में भागीदारी तथा उद्योग की रुचि में वृद्धि देखने को मिली है। रविप्रसाद के मुताबिक, बड़ी संख्या में नई कंपनियां इस मंच से जुड़ रही हैं और भारतीय सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है। उन्होंने इसे भारत के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताते हुए कहा कि देश वैश्विक आपूर्ति शृंखला में अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। भारत की सेमीकंडक्टर रणनीति में घरेलू क्षमता विकसित करने के साथ-साथ वैश्विक कंपनियों और तकनीकी साझेदारियों को आकर्षित करने पर भी जोर है। उद्योग प्रतिनिधियों की टिप्पणियों से संकेत मिलता है कि डिजाइन और विनिर्माण के साथ परीक्षण, उपकरण, अनुसंधान और तकनीकी सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में भी गतिविधियां बढ़ रही हैं।

निवेश, प्रतिभा और सप्लाई चेन पर नजर

सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विस्तार के लिए केवल चिप फैब्रिकेशन इकाइयों की स्थापना पर्याप्त नहीं होती। इसके साथ कुशल मानव संसाधन, डिजाइन क्षमताएं, उपकरण, सामग्री, परीक्षण एवं पैकेजिंग और विश्वसनीय आपूर्ति शृंखला की जरूरत होती है। सम्मेलन में उद्योग प्रतिनिधियों की टिप्पणियों में इन व्यापक पहलुओं पर बढ़ते फोकस की झलक मिली। उद्योग जगत की ओर से भारत के बढ़ते सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को वैश्विक तकनीकी बदलावों के संदर्भ में महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, इस क्षेत्र में दीर्घकालिक सफलता का आकलन वास्तविक उत्पादन क्षमता, निवेश के क्रियान्वयन, तकनीकी दक्षता और वैश्विक आपूर्ति शृंखला में टिकाऊ भागीदारी जैसे ठोस परिणामों से होगा। फिलहाल, सेमीकॉन इंडिया 2026 में सामने आए उद्योग प्रतिनिधियों के विचार भारत में सेमीकंडक्टर से जुड़े कारोबारी और तकनीकी माहौल में बढ़ती गतिविधियों की तस्वीर पेश करते हैं। वैश्विक कंपनियों की मौजूदगी, घरेलू कंपनियों की भागीदारी और डिजाइन से लेकर विनिर्माण तक मूल्य शृंखला पर बढ़ता ध्यान इस क्षेत्र के विस्तार की दिशा को रेखांकित करता है।

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