सिम कार्ड का नया नियम हुआ लागू, जानें... अब एक यूजर कितनी संख्या में रख सकेगा मोबाइल कनेक्शन

खबर सार :-

केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग ने सिम कार्ड रखने का नया नियम लागू किया है। नए नियमों के तहत एक यूजर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन ही रख सकेगा। जम्मू एंड कश्मीर, असम और उत्तर-पूर्व के लिए यह सीमा छह निर्धारित की गई है।
सिम कार्ड का बदला नियम, एक यूजर रख सकेगा अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन

खबर विस्तार : -

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग ने नये सिम कार्ड रखने के नियम में बदलाव कर दिया है। दूरसंचार विभाग का नया नियम सोमवार 24 अगस्त से लागू हो गया है। नए नियमों के तहत कोई भी यूजर अपने नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन ही रख सकता है। हालांकि कुछ इलाकों में सिम कार्ड रखने की संख्या और भी सीमित कर दी गई है। इनमें जम्मू एंड कश्मीर, असम और उत्तर-पूर्व के लिए यह सीमा छह निर्धारित की गई है। दूरसंचार विभाग की ओर से जारी सर्कुलर में टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे ग्राहकों की पहचान करें, जिनके पास पहले से ही निर्धारित सीमा के करीब मोबाइल कनेक्शन हैं। ऐसे ग्राहकों को यह जानकारी दें कि नए नियमों के तहत अब वे नया कनेक्शन नहीं ले सकते हैं। इन निर्देशों के तहत ग्राहकों को कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म (सीएएफ) में यह जानकारी देनी होगी कि उनके नाम पर अलग-अलग टेलीकॉम ऑपरेटरों और लाइसेंस प्राप्त सर्विस एरिया में पहले से कौन-कौन से मोबाइल कनेक्शन हैं। 

अब कितने सिम रख सकते हैं आप

नए नियमों के तहत, भारत में किसी भी व्यक्ति के नाम पर अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों और सर्विस एरिया को मिलाकर अधिक से अधिक 9 मोबाइल कनेक्शन हो सकते हैं। जम्मू-कश्मीर, असम और नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में निवास करने वाले लोग अपने नाम पर अधिकतम 6 मोबाइल कनेक्शन ही रख सकते हैं। इसके अतिरिक्त ग्राहकों को कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म यानी सीएएफ भरते समय यह जानकारी देना जरूरी है कि उनके नाम पर पहले से कौन-कौन से मोबाइल कनेक्शन चल रहे हैं।  

ऐसे काम करेगा नया सिस्टम

नियमों की नई व्यवस्था में सबसे पहले सिस्टम पोस्ट-फैक्टो आधार पर काम करेगा, यानी टेलीकॉम कंपनियां नया कनेक्शन जुड़ने के बाद उसकी पूरी जांच करेंगी। किसी समय तय सीमा से अधिक कोई कनेक्शन एक्टिवेट हो जाता है तो उसे तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा। दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम कंपनियों को जल्द से जल्द रियल-टाइम सिस्टम की ओर बढ़ने के लिए कहा है। जिससे ज्यादा सिम कार्ड की पहचान कनेक्शन जुड़ते ही हो सके। नए सिस्टम में ग्राहकों की फोटो का भी उपयोग किया जाएगा। डीओटी अब डीआईपी पर उन ग्राहकों की तस्वीरें भी उपलब्ध कराएगा, जो पहले से ही सिम लेने की अधिकतम सीमा तक पहुंच चुके हैं। टेलीकॉम कंपनियों को प्रतिदिन इन तस्वीरों को डाउनलोड करना होगा। इनकी मदद से ऐसे ग्राहकों की पहचान करनी होगी, जो तय सीमा से अधिक कनेक्शन लेने की कोशिश कर रहे हों। 

ज्यादा एक्टिवेट किए गए मोबाइल कनेक्शन को तुरंत किया जाएगा सस्पेंड 

नए सिस्टम के तहत अगर कोई यूजर अधिक सीमा से अधिक कनेक्शन ले लेता है, तो कनेक्शन के एक्टिव होने के बाद मामला सुलझने तक वह बंद रहेगा। सर्कुलर में कहा गया, "जब तक टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म (सीएएफ) की शर्तों के आधार पर ऐसे उपाय लागू नहीं करते, तब तक तय सीमा से ज्यादा एक्टिवेट किए गए किसी भी मोबाइल कनेक्शन को तुरंत सस्पेंड कर दिया जाएगा। यह सस्पेंशन तब तक रहेगा जब तक मोबाइल कनेक्शन की तय सीमा पार करने से जुड़ा मामला सुलझ नहीं जाता।

डीओटी के सर्कुलर में बताया गया है कि जिन ग्राहकों ने तय सीमा से ज्यादा मोबाइल कनेक्शन ले रखे हैं, उनकी जानकारी विभाग के द्वारा विकसित किए गए 'डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म' (डीआईपी) पर उपलब्ध है। डीओटी ने टेलीकॉम ऑपरेटरों की मदद के लिए यह सिस्टम बनाया है ताकि वे ऐसे ग्राहकों की पहचान कर सकें, जिनके नाम पर मोबाइल कनेक्शन की तय सीमा पूरी हो चुकी है। नया सिस्टम उन ग्राहकों को पहचानने के लिए फोटोग्राफ का उपयोग करेगा और डीआईपी पर दूरसंचार विभाग उन सब्सक्राइबर्स की फोटो भेजेगा, जो अधिकतम कनेक्शन की सीमा तक पहुंच चुके हैं। डीआईपी से टेलीकॉम कंपनियां उन सब्सक्राइबर्स की फोटो डाउनलोड कर पाएंगी। 

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