iPhone ने रचा इतिहास: 2025 में भारत का सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद बना स्मार्टफोन, 23 अरब डॉलर का निर्यात
खबर सार :-
iPhone का भारत से सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद बनना देश की विनिर्माण क्षमता, सरकारी प्रोत्साहन नीतियों और वैश्विक कंपनियों के भरोसे का प्रमाण है। पीएलआई योजना और सप्लाई चेन विविधीकरण ने भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण का मजबूत केंद्र बना दिया है। यह उपलब्धि न केवल निर्यात वृद्धि बल्कि रोजगार, निवेश और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में भी ऐतिहासिक कदम है।
खबर विस्तार : -
iPhone export : भारत की निर्यात अर्थव्यवस्था में वर्ष 2025 ऐतिहासिक बदलाव लेकर आया है। अमेरिकी टेक दिग्गज Apple Incorporated. का iPhone देश से सबसे अधिक निर्यात किया जाने वाला उत्पाद बन गया है। इंडस्ट्री आंकड़ों के अनुसार जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच करीब 23 अरब डॉलर मूल्य के iPhone का निर्यात हुआ, जिनमें से अधिकांश खेप अमेरिका भेजी गई।
यह पहली बार है जब स्मार्टफोन श्रेणी ने ऑटोमोबाइल डीजल ईंधन को पीछे छोड़ते हुए भारत की शीर्ष निर्यात श्रेणी का स्थान हासिल किया है। कुल 30.13 अरब डॉलर के स्मार्टफोन निर्यात में iPhone की हिस्सेदारी 76 प्रतिशत रही, जो इस सेगमेंट में इसकी मजबूत पकड़ को दर्शाती है।

PLI स्कीम और सप्लाई चेन रणनीति से मिली उड़ान
विशेषज्ञों के मुताबिक इस तेज़ उछाल के पीछे भारत सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना की अहम भूमिका रही है। इस नीति के तहत वैश्विक कंपनियों को भारत में विनिर्माण बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दिया गया। साथ ही, चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति के तहत एप्पल ने अपने सप्लाई चेन का विविधीकरण किया। इस रणनीतिक बदलाव का सबसे बड़ा लाभ भारत को मिला। एप्पल की पांच वर्षीय PLI अवधि मार्च 2026 में समाप्त होने वाली है, लेकिन उससे पहले ही भारत वैश्विक iPhone निर्माण का प्रमुख केंद्र बन चुका है।
टाटा और फॉक्सकॉन संभाल रहे उत्पादन की कमान
भारत में एप्पल का मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तेज़ी से विस्तृत हुआ है। देश में कुल पांच iPhone असेंबली प्लांट संचालित हो रहे हैं। इनमें तीन इकाइयां Tata Group के माध्यम से और दो प्लांट Foxconn द्वारा संचालित हैं। इन संयंत्रों को लगभग 45 कंपनियों की सप्लाई चेन का समर्थन प्राप्त है, जिनमें बड़ी संख्या में MSME इकाइयां शामिल हैं। ये कंपनियां घरेलू और वैश्विक बाजार के लिए पुर्जों की आपूर्ति कर रही हैं। इससे भारत की विनिर्माण मूल्य श्रृंखला मजबूत हुई है और लाखों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल उत्पादक बना भारत
भारत अब वैश्विक स्तर पर दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन उत्पादक देश बन चुका है। घरेलू बाजार में बिकने वाले 99 प्रतिशत से अधिक मोबाइल फोन ‘मेड इन इंडिया’ हैं। मार्केट रिसर्च फर्म Counterpoint Research की हालिया रिपोर्ट बताती है कि भारतीय उपभोक्ताओं के खरीद व्यवहार में भी बड़ा बदलाव आया है। अब बजट स्मार्टफोन की तुलना में प्रीमियम फोन की मांग तेज़ी से बढ़ रही है। सरकार के अनुसार, भारत हर साल 325 से 330 मिलियन मोबाइल फोन का उत्पादन कर रहा है और देश में करीब एक अरब मोबाइल फोन उपयोग में हैं। 2014 में जहां मोबाइल निर्यात लगभग शून्य था, वहीं अब यह 1,29,000 करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। भारतीय मोबाइल फोन ने घरेलू बाजार को संतृप्त करने के साथ-साथ वैश्विक बाजार में भी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

iPhone 16 बना भारत का सबसे ज्यादा बिकने वाला मॉडल
साल 2025 में iPhone 16 का बेस वेरिएंट देश में सबसे अधिक बिकने वाला स्मार्टफोन मॉडल बनकर उभरा है। यह संकेत है कि भारतीय उपभोक्ता तेजी से प्रीमियम सेगमेंट की ओर बढ़ रहे हैं। कंपनी के सीईओ Tim Cook ने हालिया अर्निंग कॉल में कहा कि उभरते बाजारों, जिनमें भारत भी शामिल है, में मजबूत दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई है। दिसंबर तिमाही में भारत में कंपनी ने राजस्व का नया रिकॉर्ड बनाया।
मुंबई में खुलेगा नया एप्पल स्टोर
एप्पल 26 फरवरी को मुंबई में एक और रिटेल स्टोर खोलने जा रही है। भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार और चौथा सबसे बड़ा पीसी बाजार बन चुका है। iPhone, Mac और iPad के साथ-साथ सेवाओं से होने वाले राजस्व में भी कंपनी ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं।
भारत में मोबाइल फोन से जुड़े मुख्य आंकड़े और तथ्य
भारत में मोबाइल फोन्स का निर्माण करने वाली इकाइयों की संख्या लगातार बढ़ रही है। आंकड़ों पर गौर करें, तो वर्ष 2014 में मात्र 2 के मुकाबले, अब देश में 300 से ज्यादा मोबाइल निर्माण इकाइयां हैं। भारत हर साल 330 मिलियन (33 करोड़) से अधिक यूनिट्स का उत्पादन कर रहा है। 2024-25 के दौरान मोबाइल फोन का निर्यात ₹1.29 लाख करोड़ से अधिक रहा है। 2025 की दूसरी तिमाही में भारत ने चीन को पछाड़कर अमेरिका को स्मार्टफोन का सबसे बड़ा निर्यातक बना। 2014-15 में 26% मोबाइल स्वदेशी रूप से निर्मित होते थे, जो अब बढ़कर 99.2% हो गए हैं। देश में मोबाइल फोन का निर्माण करने वाली प्रमुख कंपनियों में सैमसंग (Samsung), श्याओमी (Xiaomi), वीवो (Vivo), ओप्पो (Oppo), और एप्पल (Apple) जैसी प्रमुख वैश्विक कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा लावा (Lava) और माइक्रोमैक्स जैसे भारतीय ब्रांड भारत में निर्माण कर रहे हैं।
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