एआई के नए युग में भारत का 'इंडियाएआई मिशन', 10,300 करोड़ रुपए का बजट, 38,000 जीपीयू तैनात
खबर सार :-
इंडियाएआई मिशन के जरिए भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के वैश्विक मानचित्र पर तेजी से मजबूत हो रहा है। 10,300 करोड़ के निवेश, 38,000 जीपीयू और स्टार्टअप-समर्थन से एआई रिसर्च, रोजगार और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योग में एआई के विस्तार से भारत की अर्थव्यवस्था और डिजिटल क्षमता को नई दिशा मिलेगी।
खबर विस्तार : -
India Mission AI: दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई का इस्तेमाल और स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है। इसी कड़ी में विश्व की सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश भारत भी अब एआई के नए दौर में प्रवेश कर रहा है। केंद्र सरकार एआई के क्षेत्र में नये-नये रिसर्च करने से लेकर एआई के इस्तेमाल को बढ़ावा देने को लेकर जोर-शोर से प्रयास कर रही है। केंद्र सरकार ने 'इंडियाएआई मिशन' के तहत अगले 4 वर्षों में 10,300 करोड़ रुपए से ज्यादा का बजट तय किया है। इसके साथ ही देश में 38,000 जीपीयू भी लगाए गए हैं, जिससे एआई पर काम तेजी से हो सके। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, सरकार का लक्ष्य है कि मजबूत कंप्यूटिंग सुविधाएं बनाई जाएं, भारत में ही एआई मॉडल तैयार हों और स्टार्टअप्स को पूरा सहयोग मिले। इससे आम लोगों को फायदा होगा और देश में नई तकनीक को बढ़ावा मिलेगा।
इंडियाएआई मिशन, डिजिटल श्रमसेतु समेत कई योजनाएं
भारत में एआई का इस्तेमाल करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह अब किसी एक सेक्टर तक सीमित नहीं रह गया है। एआई का इस्तेमाल अब खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी कामकाज में भी किया जा रहा है, जिससे लोगों की जिंदगी आसान हो रही है। इंडियाएआई मिशन, डिजिटल श्रमसेतु और नए एआई मॉडल तैयार करने की योजनाएं यह सुनिश्चित कर रही हैं कि तकनीक हर नागरिक तक पहुंचे और साथ ही रिसर्च, स्किल और रोजगार को बढ़ावा मिले। इस समय भारत में लगभग 60 लाख लोग टेक्नोलॉजी और एआई सेक्टर में काम कर रहे हैं। भारतीय टेक इंडस्ट्री की कमाई इस साल 280 अरब डॉलर से ज्यादा होने की उम्मीद है। अनुमान है कि एआई साल 2035 तक भारत की अर्थव्यवस्था में 1.7 ट्रिलियन डॉलर का योगदान दे सकता है। भारत में 1,800 से ज्यादा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स हैं, जिनमें से 500 से अधिक एआई पर काम करते हैं। वहीं, देश में अब 1.8 लाख से ज्यादा स्टार्टअप्स हैं और पिछले साल शुरू हुए करीब 89 प्रतिशत स्टार्टअप्स ने एआई का इस्तेमाल किया। 'नैसकॉम एआई एडॉप्शन इंडेक्स' पर भारत को 4 में से 2.45 अंक मिले हैं, जो दर्शाता है कि करीब 87 प्रतिशत कंपनियां एआई तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं।
इन सेक्टर्स में एआई का सबसे अधिक उपयोग
एआई का सबसे ज्यादा उपयोग उद्योग, ऑटोमोबाइल, रिटेल, बैंकिंग, बीमा और हेल्थकेयर सेक्टर में हो रहा है। सभी मिलकर एआई के कुल मूल्य का लगभग 60 प्रतिशत योगदान करते हैं। बीसीजी ने हाल ही में एक सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत की है। इस सर्वे के मुताबिक, 26 प्रतिशत भारतीय कंपनियां बड़े पैमाने पर एआई का सफलतापूर्वक इस्तेमाल कर रही हैं। इसके अलावा, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट में भारत को एआई के क्षेत्र में दुनिया में तीसरा स्थान मिला है। आधिकारिक बयान में कहा गया है कि ये सभी प्रयास भारत को वैश्विक एआई लीडर बनाने की दिशा में मजबूत कदम हैं और 'विकसित भारत 2047' के सपने को पूरा करने में मदद करेंगे।
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