सीपरी बाजार चर्चित अपहरण-हत्या प्रयास कांड: घटनास्थल पर पहुंचकर डीजीसी क्राइम ने दोहराया क्राइम सीन, आठ गवाहों की गवाही पूरी

खबर सार :-

सीपरी बाजार अपहरण और हत्या के प्रयास कांड में सुनवाई तेज हो गई है। डीजीसी क्राइम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जानें मामले की पूरी अपडेट।
सीपरी बाजार अपहरण-हत्या मामले में तेज हुई सुनवाई, घटनास्थल पर डीजीसी क्राइम ने समझा क्राइम सीन

खबर विस्तार : -

झांसी : सीपरी बाजार के चर्चित अपहरण और हत्या के प्रयास के मामले में अब फैसले की दिशा में कानूनी प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। करीब चार साल पुराने इस गंभीर मामले में अभियोजन पक्ष ने घटनाक्रम की परिस्थितियों को और अधिक स्पष्ट करने के लिए रविवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया। डीजीसी क्राइम मृदुलकांत श्रीवास्तव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और वादी पक्ष से घटना के संबंध में जानकारी लेकर वारदात के घटनाक्रम को समझा। सत्र न्यायाधीश की अदालत में विचाराधीन इस मुकदमे में अब तक आठ गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है। अगला महत्वपूर्ण चरण आरोपियों के धारा 313 के तहत बयान दर्ज कराने का है।

क्या है पूरा मामला और आरोप

अभियोजन के अनुसार, यह घटना नौ नवंबर 2021 की है। सीपरी बाजार थाना क्षेत्र निवासी आकाश यादव और उनके भाई पुखराज यादव के साथ मारपीट कर उनका अपहरण किए जाने और जहरीला पदार्थ खिलाने का आरोप है। आरोप है कि दोनों को लहरगिर्द की पहाड़ी पर सरकारी जमीन पर बने एक आवास में बंधक बनाकर जान से मारने का प्रयास किया गया था। इस मामले में मुख्य आरोपी गुलशन यादव उर्फ गुलाब सिंह और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामला गंभीर प्रकृति का होने के कारण इसकी सुनवाई पर विशेष नजर रखी जा रही है।

घटनास्थल का निरीक्षण और गवाहों की स्थिति

रविवार को डीजीसी क्राइम मृदुलकांत श्रीवास्तव ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वादी आकाश यादव से घटना की परिस्थितियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि कथित वारदात को किस तरह अंजाम दिया गया और घटनाक्रम से जुड़े विभिन्न पहलू क्या थे। अभियोजन पक्ष का प्रयास है कि मामले से संबंधित तथ्यों और परिस्थितियों को न्यायालय के सामने प्रभावी ढंग से रखा जा सके।

डीजीसी क्राइम के अनुसार, इस मुकदमे में अब तक आठ गवाहों के बयान दर्ज कराए जा चुके हैं और सुनवाई अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। इसके बाद अभियुक्तों के धारा 313 के तहत बयान दर्ज होने शेष हैं। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद मुकदमे में आगे की सुनवाई और निर्णय की दिशा में कार्रवाई तय होगी।

पीड़ित का आरोप और कानूनी लड़ाई

पीड़ित आकाश यादव ने आरोप लगाया कि मुकदमे में राजीनामा करने के लिए उन पर कई बार दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि राजीनामा नहीं करने पर उन्हें और उनके परिवार को देख लेने की धमकी दी गई। आकाश के मुताबिक, इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ अलग से मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। पीड़ित पक्ष ने मामले में न्याय मिलने और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित किए जाने की अपेक्षा जताई है।

दूसरी ओर, पीड़ित पक्ष ने मुख्य आरोपी गुलशन यादव उर्फ गुलाब सिंह के खिलाफ विभिन्न थानों में 40 से अधिक मुकदमे दर्ज होने का दावा किया है। वहीं, डीजीसी क्राइम मृदुलकांत श्रीवास्तव के अनुसार, इस मामले में गुलशन यादव को जमानत देने से हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने इनकार कर दिया है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि गंभीर अपराध से जुड़े इस मामले को शासन स्तर पर चिह्नित किया गया है और न्यायालय में सुनवाई के दौरान साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा रहा है। यह पूरा मामला नौ नवंबर 2021 का है, जो सीपरी बाजार थाना क्षेत्र से जुड़ा है। भाइयों के अपहरण, मारपीट और जहरीला पदार्थ खिलाकर जान से मारने के प्रयास के इस चर्चित मामले में मुख्य आरोपी गुलशन यादव उर्फ गुलाब सिंह और उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। चार साल पुरानी इस घटना में अब तक आठ गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है और डीजीसी क्राइम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किए जाने के बाद मामले की सुनवाई अंतिम चरणों में पहुंच गई है।

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